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दालचीनी सिर्फ मसाला नहीं! सेहत पर भी डालती है असर, जानिए फायदे, नुकसान और एक्सपर्ट की राय

दालचीनी को सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। ज्यादातर लोग इसका उपयोग मसाले के तौर पर करते हैं। आयुर्वेद में दालचीनी को बेहद लाभकारी बताया गया है। आइए, जानते हैं कि इससे शरीर को क्या-क्या फायदे मिलते हैं?

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Written By: Anju Rawat | Updated : July 27, 2026 9:57 PM IST

आयुर्वेद में दालचीनी को सेहत के लिए फायदेमंद माना गया है। यह औषधीय गुणों से भरपूर होती है और इसमें जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे अंग्रेजी में Cinnamon कहा जाता है। NIH के अनुसार, दालचीनी एक मसाला है। यह सिनामोमम प्रजाति के विभिन्न पेड़ों की सूखी हुई छाल से प्राप्त होता है। हालांकि, भारत में इसका खूब सेवन किया जाता है। कोई दालचीनी पाउडर, तो कोई इसकी छाल का उपयोग खाने का स्वाद और उसके पोषक तत्व बढ़ाने के लिए करता है। इतना ही नहीं, दालचीनी की चाय और काढ़ा भी खूब पिया जाता है। आयुर्वेद में ऐसा माना जाता था कि दालचीनी शरीर में सूजन, नसों से जुड़े दर्द, हृदय रोग, खांसी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने में मदद कर सकती है।

आजकल मार्केट में दालचीनी से बने ऐसे प्रोडक्ट्स बेचे जा रहे हैं, जिनका डायबिटीज, वजन कम करने और मेटाबॉलिक हेल्थ में सुधार करने के रूप में प्रचार किया जाता है। लेकिन, क्या वाकई दालचीनी फायदेमंद होती है? इसमें कौन-से पोषक तत्व पाए जाते हैं? दालचीनी का सेवन कैसे किया जाना चाहिए? दालचीनी को लेकर एलोपैथिक और आयुर्वेदिक डॉक्टरों की क्या राय है? दालचीनी पर हुई रिसर्च क्या कहती है? इस लेख में दालचीनी से जुड़े इन्हीं सवालों के जवाब विस्तार से जानेंगे-

दालचीनी में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?

National Library of Medicine के अनुसार, दालचीनी में अलग-अलग पोषक तत्वों की कुछ मात्रा पाई जाती है। इसमें फाइबर, कैल्शियम, आयरन और मैंगनीज अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद जरूरी होते हैं।

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1. फाइबर

दालचीनी में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन और आंतों की सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है। लेकिन, दालचीनी को भोजन में थोड़ी मात्रा में ही इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए इसे फाइबर का प्रमुख स्रोत नहीं माना जा सकता है।

2. कैल्शियम

कैल्शियम, हड्डियों और दांतों को मजबूती देता है। साथ ही, मांसपेशियों और तंत्रिका-तंत्र के सामान्य कार्य में भूमिका निभाता है। दालचीनी में कैल्शियम होता है, लेकिन इसके इस्तेमाल से शरीर को पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिल सकता है।

3. आयरन

दालचीनी में आयरन भी मौजूद होता है। आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने और ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है।

4. मैंगनीज

दालचीनी में मैंगनीज की अच्छी मात्रा पाई जाती है। यह शरीर में कई एंजाइमों के सामान्य कामकाज और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी कई प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है।

दालचीनी के फायदे क्या हैं?

National Library of Medicine के अनुसार, दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-माइक्रोबियल और एंटीडायबिटिक गुण होते हैं, जो शरीर के लिए बहुत जरूरी माने जाते हैं।

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1. ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मददगार

National Library of Medicineमें प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, दालचीनी डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकती है। इस रिसर्च में बताया गया है कि दालचीनी के सेवन के बाद ब्लड शुगर और इंसुलिन प्रतिरोध में कमी देखी गई। दरअसल, दालचीनी में एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। इतना ही नहीं, दालचीनी को इंसुलिन प्रतिरोध को नियंत्रण में रखने के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, इसके लिए अभी और बड़े शोध करने की जरूरत है।

2. कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड कम करने में लाभकारी

कुछ रिसर्च के अनुसार, दालचीनी का सेवन करने से हाई कोलेस्ट्रॉल रोगियों को लाभ मिल सकता है। कुछ रिसर्च में दालचीनी खाने से कुल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड में कमी देखी गई है। लेकिन, बैड कोलेस्ट्रॉल और गुड कोलेस्ट्रॉल में कोई बदलाव नहीं मिला। हालांकि, दालचीनी कोलेस्ट्रॉल की दवा का विकल्प नहीं है। अगर आपको डॉक्टर ने हाई कोलेस्ट्रॉल की दवा दी है, तो उसे नियमित रूप से जरूर लें।

3. हाई बीपी के रोगियों के लिए फायदेमंद

कुछ अध्ययनों में हाई बीपी के रोगियों के लिए भी दालचीनी को फायदेमंद माना गया है। अध्ययनों में दालचीनी सप्लीमेंट लेने से ब्लड प्रेशर में मामूली कमी देखने को मिली थी। लेकिन, दालचीनी हाई बीपी की दवा का कोई विकल्प नहीं है। हाई बीपी के रोगियों को नियमित रूप से दवा लेना बहुत जरूरी है। साथ ही, इस पर अभी बड़े शोधों की जरूरत है।

4. मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए है लाभकारी

National Library of Medicine में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, दालचीनी मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए भी फायदेमंद होती है। कुछ रिसर्च में दालचीनी खाने से मेटाबॉलिक हेल्थ में सुधार देखने को मिला है। कुछ रिसर्च में साबित हुआ है कि दालचीनी पीसीओएस में भी असरदार है। लेकिन, इसके लिए कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

5. शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाए

दालचीनी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण, शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद कर सकते हैं। दालचीनी खाने से शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाया जा सकता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सही तरीके से काम करने के लिए सपोर्ट करता है। लेकिन, इसे इम्यूनिटी बूस्ट नहीं कहा जा सकता है।

6. सर्दी-जुकाम और खांसी से राहत दिलाए

आचार्य बालकृष्ण बताते हैं आयुर्वेद में दालचीनी को प्राचीन औषधि माना गया है, जो सर्दी-जुकाम और खांसी जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करती है। अगर खांसी है, तो दालचीनी के साथ अदरक, लौंग और इलायची मिलाकर काढ़ा बनाकर पीना फायदेमंद होता है। आचार्य बालकृष्ण ने दालचीनी को पाचन-तंत्र के लिए भी फायदेमंद बताया है। बताया गया है कि आयुर्वेद में प्राचीन काल से ही पाचन को बढ़ाने के लिए दालचीनी का उपयोग किया जाता है। हालांकि, इस पर अभी कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

7. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में असरदार

आयुष मंत्रालय ने कोरोना वायरस के समय पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए दालचीनी का काढ़ा पीने की सलाह दी थी। ऐसा कहा गया है कि दिन में एक या दो बार दालचीनी, तुलसी और काली मिर्च का काढ़ा पीने से इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, कई रिसर्च में कहा गया है कि दालचीनी को इम्यूनिटी बूस्टर नहीं कहा जा सकता है। यह सिर्फ इम्यून सिस्टम के कार्य को सपोर्ट करने में मदद करती है।

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दालचीनी पर क्या कहती हैं डाइटिशियन?

HCL हेल्थकेयर की डाइटिशियन दिव्या रावत बताती हैं कि दालचीनी को डाइट में शामिल किया जा सकता है। लेकिन, यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है और न ही किसी दवा का विकल्प है। इसलिए किसी भी बीमारी को ठीक करने के मकसद से दालचीनी का सेवन न करें। दालचीनी को सिर्फ बैलेंस डाइट का हिस्सा बनाना सही है। अगर आपको डायबिटीज रोग या लिवर से जुड़ी कोई बीमारी है, तो सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही दालचीनी या इसके सप्लीमेंट का सेवन करें।

डाइटिशियन दिव्या रावत बताती हैं कि कुछ अध्ययनों में दालचीनी से ब्लड शुगर में हल्का सुधार देखा गया है, लेकिन परिणाम एक जैसे नहीं हैं। इसलिए हेल्थ एक्सपर्ट्स इसे डायबिटीज के इलाज या ब्लड शुगर नियंत्रित करने के लिए नियमित रूप से लेने की सलाह नहीं देती है।

इसका उपयोग सिर्फ मसाले के दौरान पर ही करना सही है। किसी बीमारी को ठीक करने के लिए दालचीनी का सेवन करना सही नहीं है। सोशल मीडिया पर बताए जा रहे घरेलू नुस्खों को अपनाने से पहले डॉक्टर की राय जरूर लेनी चाहिए। दालचीनी को भोजन में मसाले के तौर पर सीमित मात्रा में शामिल करना ठीक है। यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है।

दिव्या रावत बताती हैं कि अगर कोई व्यक्ति ब्लड सुगर कम करने की दवाइयां ले रहा है, तो दालचीनी या इसका सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लें। गंभीर बीमारियों वाले रोगियों को बिना एक्सपर्ट की सलाह के दालचीनी का सेवन नहीं करना चाहिए।

दालचीनी का सेवन कैसे किया जा सकता है?

दालचीनी का सेवन कई अलग-अलग तरीकों से किया जा सकता है। इसे चाय, काढ़े या पाउडर के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है। कुछ लोग दालचीनी की छाल को गर्म पानी में उबालकर भी पीना पसंद करते हैं। दालचीनी का सेवन हमेशा सीमित मात्रा में करना चाहिए और इसे किसी बीमारी के इलाज या दवा का विकल्प नहीं मानना चाहिए। यदि आप दालचीनी का सप्लीमेंट या औषधीय मात्रा में सेवन करना चाहते हैं, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

क्या दालचीनी किसी बीमारी का इलाज कर सकती है?

शारदा हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा के सीनियर कंसल्टेंट-इंटरनल मेडिसिन डॉ. श्रेय श्रीवास्तव बताते हैं कि दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं। इसे सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। लेकिन, दालचीनी को नेचुरल मेडिसिन कहना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है।

डॉ. श्रेय श्रीवास्तव के अनुसार, दालचीनी सेहत के लिए लाभकारी हो सकती है और इसे स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बनाया जा सकता है। लेकिन इसे किसी बीमारी का इलाज या डॉक्टर की दवाओं का विकल्प नहीं माना जा सकता है। सिर्फ दालचीनी खाने या इसकी चाय पीने से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य गंभीर बीमारियां ठीक नहीं होती हैं। अगर डायबिटीज, लिवर की बीमारी या नियमित दवाएं लेने वाले लोगों को दालचीनी का नियमित या अधिक मात्रा में सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

दालचीनी के नुकसान क्या हो सकते हैं?

आमतौर पर दालचीनी खाना नुकसानदायक नहीं होता है। लेकिन, अगर इसका सेवन ज्यादा मात्रा में किया जाए तो यह शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। NIH के अनुसार, दालचीनी को ज्यादा खाने से या इसे सप्लीमेंट की तरह उपयोग करने से गंभीर नुकसान हो सकते हैं। जैसे-

  • दालचीनी का ज्यादा सेवन करने से पेट खराब हो सकता है। इससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
  • दालचीनी खाने से एलर्जी की समस्या भी हो सकती है। यह त्वचा पर जलन, रैशेज और सूजन आदि का कारण बन सकता है।
  • इतना ही नहीं, दालचीनी का ज्यादा सेवन करने से लिवर रोगों का जोखिम बढ़ सकता है।

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दालचीनी से जुड़े सवाल-जवाब

आइए, दालचीनी से जुड़े सवालों के जवाब जानते हैं, रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल, सिरसा के आयुर्वेदाचार्य डॉ. श्रेय शर्मा से-

1. क्या डायबिटीज के मरीज दालचीनी का सेवन कर सकते हैं?

डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि डायबिटीज के रोगी दालचीनी का सेवन कर सकते हैं। डायबिटीज में लिपिड मेटाबॉलिज्म अच्छे से नहीं होता है। इससे पैरालिसिस का खतरा बढ़ता है, क्योंकि इन रोगियों में खून गाढ़ा होता है। दालचीनी ब्लड थिनर के रूप में काम करती है, इसलिए डायबिटीज रोगियों के लिए इसे फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, यह डायबिटीज की दवा नहीं है।

2. दालचीनी का सेवन किसे करना चाहिए और किसे नहीं

  • डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि दालचीनी का सेवन कोई भी कर सकता है। सिर्फ मौसम, शरीर की प्रकृति का ध्यान रखना जरूरी होता है।
  • आयुर्वेद के अनुसार, दालचीनी की तासीर बेहद गर्म होती है। इसलिए पित्त प्रकृति के लोगों को दालचीनी का सेवन बेहद कम मात्रा में करना चाहिए। वहीं, कफ और वात वाले लोग दालचीनी का सेवन कर सकते हैं।
  • गर्मियों में दालचीनी का सेवन पानी में भिगोकर करना चाहिए। वहीं, सर्दियों में इसका सीधेतौर पर सेवन किया जा सकता है।

3. क्या दालचीनी वजन घटाने में असरदार है?

डॉ. श्रेय बताते हैं दालचीनी सीधे तौर पर वजन नहीं घटाती है। लेकिन, अगर सही डाइट ली जाए और रेगुलर एक्सरसाइज-योग किया जाए तो मेटाबॉलिज्म बूस्ट हो सकता है और इससे वजन घटाने को लेकर सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, दालचीनी वजन घटाने में सहायक है, इस पर कोई वैज्ञानिक प्रमाण भी उपलब्ध नहीं है।

4. क्या दालचीनी की चाय रोज पी सकते हैं?

गर्मियों में दालचीनी की चाय रोजाना पीने से बचना चाहिए। सर्दियों में इसका सेवन रोज किया जा सकता है। वहीं, वात और कफ वाले लोग दालचीनी की चाय रोजाना पी सकते हैं। पित्त वाले लोगों को परहेज करना जरूरी है।

Disclaimer: दालचीनी एक ऐसा मसाला, जिसका अधिकतर भारतीय घरों में उपयोग होता है। यह खाने का स्वाद बढ़ाती है और खाने के पोषक तत्वों को भी बढ़ाती है। कुछ रिसर्च में कहा गया है कि दालचीनी ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने में मदद कर सकती है। हालांकि, इसकी पुष्टि करने के लिए बड़े स्तर पर शोधों की जरूरत है। वैसे तो हर कोई दालचीनी का सेवन कर सकता है। लेकिन, अगर आपको इससे एलर्जी है या कोई गंभीर बीमारी है तो एक्सपर्ट की राय पर ही दालचीनी का सेवन करें। दालचीनी को भले ही सेहत के लिए फायदेमंद माना गया है। लेकिन, यह किसी भी दवा का विकल्प नहीं है। इसलिए अगर आपकी किसी बीमारी की दवा चल रही है, तो बिना डॉक्टर की सलाह के उनका सेवन करना बंद न करें।