
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 3, 2020 8:01 AM IST
क्या चने खाने से ब्लड शुगर लेवल कम होता है?, जानें चनों के सेवन के फायदे
Chickpeas for Diabetics: डायबिटीज़ के मरीज़ों की संख्या वैश्विक स्तर पर बहुत अधिक है और यह संख्या लगातार तेज़ी से बढ़ भी रही है। यह कहना ग़लत नहीं होगा कि कोरोना वायरस महामारी शुरुआत से पहले यह बीमारी पूरी दुनिया में चिंता का विषय बनी हुई थी। खासकर, एशियाई देशों में डायबिटीज़ के मरीज़ बहुत अधिक हैं। यही नहीं कोरोना वायरस इंफेक्शन का ख़तरा भी उन लोगों को ज़्यादा है जिनका ब्लड शुगर लेवल हाई रहता है।
डायबिटीज़ को कंट्रोल में रखने के लिए सही डायट ही सर्वोत्तम उपाय है। ब्लड शुगर लेवल बहुत हाई हो या बहुत लो , यह दोनों ही स्थितियां खतरनाक होती हैं। हम जो भी खाते हैं, उसका सीधा असर हमारे ब्लड शुगर लेवल पर पड़ता है। इसीलिए, डायबिटिक्स को बहुत ही सावधानी से अपने भोजन का चयन करना चाहिए। चना एक ऐसा ही फूड है जो, ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में सहायता करता है। (benefits of Chickpeas for Diabetics in hindi)
भारतीय रसोइयों में चना एक बहुत ही ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला और आम अनाज है। जिसे, अलग-अलग तरीकों से खाया जाता है। भूने चने हो या चने की दाल, छोले या सुंदाल, किसी ना किसी रूप में चना हर भारतीय की थाली का हिस्सा रहा है। हालांकि, दालों और दलहनों में भी कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं (जिन्हें, ब्लड शुगर लेवल बढ़ाने वाला घटक माना जाता है) लेकिन, चने से प्राप्त होने वाला कार्बोहाइड्रेट्स डायबिटिक्स के लिए कम नुकसानदायक होता है। इसीलिए, मधुमेह यानि डायबिटीज़ में चने का सेवन अच्छा और फायदेमंद माना जाता है।
डिफिट डायबिटीज़ फाउंडेशन (Defeat Diabetes Foundation) के अनुसार, चनों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स या जीआई काफी कम होता है। इसीलिए, डायबिटीज़ में लोगों को चने का सेवन करना चाहिए।
इसी तरह, आर्काइव्स ऑफ इंटर्नल मेडिसिन पत्रिका में छपी एक स्टडी के अनुसार चने का सेवन करने से टाइप 2 डायबिटीज़ की स्थिति को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद होती है। इस स्टडी में डायबिटीक मरीज़ों को 3 महीने तक रोज़ाना एक कप चने का सेवन करने के लिए कहा गया । जब, इन लोगों के ब्लड शुगर लेवल की तुलना एक दूसरे ऐसे समूह से की गयी, जो दालों का सेवन नहीं करते थे। तब, पाया गया कि, दाल या चना खाने वाले लोगों में हिमोग्लोबिन ए1सी (haemoglobin A1c) में कमी देखी गयी। साथ ही इन लोगों के ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) लेवल में को भी नियंत्रित और लो पाया गया।