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Health Significance of Chhath Prasad: 5 से 8 नवंबर को छठ पूजा का आयोजन हो रहा है। आप छठ के प्रसाद पर गौर करेंगे तो इसमें शामिल हर चीज मौसमी होती है। उन सभी फलों का उपयोग किया जाता है जो इस मौसम में होते हैं। छठ में इस्तेमाल होने वाले सभी फलों का खास महत्व है और सेहत के लिहाज से ये न्यूट्रिशन का पावरहाउस हैं। आइये जानते हैं कि छठ की सुपली में रखा जाने वाला हर प्रसाद क्या मायने रखता है और इसे खाने से आपकी सेहत को कौन से फायदे होंगे?
नारियल पानी में एंटीवायरल, एंटीबैक्टीरियल, और एंटीफ़ंगल गुण होते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम मज़बूत होता है। नारियल पानी में पोटैशियम होता है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है।
गन्ने में कई पोषक तत्व होते हैं, जैसे कि आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, और विटामिन बी1। गन्ने के रस में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले अणुओं से लड़ते हैं।
शकरकंद में फाइबर और पोटैशियम की मात्रा बहुत होती है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। शकरकंद में मौजूद बीटा-कैरोटीन और विटामिन ए की वजह से मैक्यूलर डिजनरेशन की संभावना कम होती है। शकरकंद में मौजूद फ्लेवोनॉइड्स खून में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करते हैं। शकरकंद में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है, जो इम्यूनिटी बढ़ाता है और फ्लू जैसी समस्याओं से बचाता है।
सुथनी में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे भूख नियंत्रित रहती है। सुथनी में एंटीबैक्टीरियल और एंटी माइक्रोबॉयल गुण होते हैं, जो पेट के अल्सर में फायदेमंद होते हैं। सुथनी में एंटी ऑक्सीडेंट भी भरपूर मात्रा में होते हैं, जो बुढ़ापे को दूर रखने में मदद करते हैं। सुथनी में शुक्राणुओं को गाढ़ा होने से रोकने वाले तत्व होते हैं, इसलिए इसका इस्तेमाल गर्भनिरोधक के तौर पर भी किया जाता है।
पान के पत्ते में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं और यह कैंसर से बचाव कर सकता है। पान के पत्ते का सेवन करने से न्यूरोलॉजिकल परेशानियां दूर होती हैं और सोचने-समझने की क्षमता में सुधार होता है। सुपारी में कई पोषक तत्व होते हैं और यह कई तरह से फायदे हैं। सुपारी खाने से पाचन क्रिया बेहतर होती है और कब्ज से राहत मिलती है।
हल्दी में कैंसर रोधी गुण पाये जाते हैं। हल्दी का उपयोग त्वचा में निखार लाने के लिये किया जाता है। आन्तरिक रक्त स्त्राव की स्थिति में हल्दी का उपयोग दर्दनाशक के रूप में किया जाता है। सर्दी खांसी जैसी संक्रामक बीमारी के इलाज में भी ये बेहद कारगर है।
शरीफा में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और गैस, एसिडिटी, और बदहज़मी से राहत दिलाता है। शरीफा में मौजूद मैग्नीशियम और पोटैशियम दिल से जुड़ी बीमारियों से राहत दिलाते हैं। शरीफा में मौजूद विटामिन बी6 अस्थमा के अटैक से बचाने में मदद करता है।
केले में पोटैशियम होता है, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। यह रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। केले में मौजूद फाइबर और विटामिन सी ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। केले में मौजूद ट्रिप्टोफैन सेरोटोनिन रिलीज करने में मदद करता है, जिससे मूड अच्छा होता है। केले में मौजूद विटामिन बी6 मस्तिष्क के लिए फायदेमंद है और याददाश्त को बढ़ाता है।
नाशपाती में प्रीबायोटिक्स सहित आहार फाइबर होता है, जो आंत्र नियमितता, कब्ज से राहत और समग्र पाचन स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। नाशपाती से अधिकतम फाइबर प्राप्त करने के लिए, इसे छिलके सहित खाएं।
मूली में फाइबर होता है, जिससे कब्ज़ की समस्या दूर होती है और पाचन क्रिया सही रहती है। वहीं मूली के रस में अदरक का रस और नींबू मिलाकर पीने से भूख बढ़ती है। मूली में विटामिन सी, पोटैशियम, मैग्नीशियम, रिबोफ़्लेविन, नियासिन, फोलेट, और आयरन जैसे पोषक तत्व होते हैं। मूली में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो कैंसर से बचाने और सूजन को कम करने में मदद करते हैं।
अदरक में 'जिंजरोल' नाम का तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन प्रणाली मजबूत बनाने में सहायक होते हैं। इसे खाने से गैस, एसिडिटी, पेट फूलना या ब्लोटिंग, तेजाब बनना आदि से राहत मिलती है। इसमें 'शोगोल' नाम का गुणकारी तत्व होते हैं, जो दर्द को कम करने में मदद करते हैं।
सिंघाड़े में फाइबर और प्रोटीन पाया जाता है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और जल्दी भूख नहीं लगती है, जिससे वजन कंट्रोल होता है। ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी ये फायदेमंद हैं। सिंघाड़ा को पानी फल भी कहा जाता है। इसे खाने से बॉडी डिहाइड्रेट नहीं होती। एनर्जी बनी रहती है और बालों को भी लाभ मिलता है।
डाभ नींबू में विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं. ये शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं.
डाभ नींबू में मौजूद विटामिन सी और फ़ाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं। इससे पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे एसिडिटी, पेट फूलना, पेट दर्द, ऐंठन जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।
गुड़ में आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, कैल्शियम, फॉस्फोरस और बी विटामिन जैसे तत्व पाए जाते हैं। गुड़ में मौजूद आयरन एनीमिया से लड़ने में मदद करता है। मैग्नीशियम और पोटैशियम हृदय स्वास्थ्य और ब्लड प्रेशर को बेहतर रखते हैं। कैल्शियम, हड्डियों को मजबूत बनाती है।
शहद में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो हृदय रोगों के खतरे को कम करने में मदद करते हैं। शहद में मौजूद प्रोपोलिस कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जिससे घाव जल्दी भरते हैं। शहद गले की खराश और सूजन को कम करने में मदद करता है।