कीमोथेरेपी के दौरान शरीर को होती है एक्स्ट्रा न्यूट्रिशन की जरूरत, एक्सपर्ट से जानिए कैंसर मरीजों के लिए सही डाइट

Cancer ke marij ki diet: कीमोथेरेपी के कई साइड-इफेक्ट्स हैं, जिनसे बचने और तेजी से रिकवर होने के लिए मरीजों को एक अच्छी डाइट की जरूरत पड़ती है। जानिए कीमोथेरेपी के दौरान किस तरह से मरीजों की न्यूट्रिशन की जरूरत पूरी की जा सकती है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : December 27, 2024 8:01 AM IST

Nutritional Guidelines for Patients Undergoing Chemotherapy: कीमोथेरेपी कैंसर की बीमारी के इलाज के सबसे कारगर तरीकों में से है। लेकिन, इसके साथ कई तरह की समस्याएं और चुनौतियां भी आती हैं। कीमोथेरेपी के कई साइड-इफेक्ट्स भी होते हैं और ऐसी ही एक समस्या है शरीर में पोषण की कमी। कीमोथेरेपी के बाद मरीजों के स्वाद, भूख और खाने-पीने से जुड़ी पसंद-नापसंद में भी बदलाव आ जाते हैं। कई बार कैंसर मरीजों को खाना खाने की भी इच्छा नहीं होती। ऐसे में उन्हें पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता। ट्रीटमेंट के बाद शरीर को शक्ति देने, तेजी से रिकवर होने और एनर्जी लेवल बनाए रखने के लिए न्यूट्रिशन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट और डाइटिशियन डॉ. अर्चना नाज़रे (Dr Archana D Nazre, Dietician & Nutritionist, Samprada Hospital) कहती हैं कि एक डॉक्टर के तौर पर हम कैंसर मरीजों की सही डाइट और न्यूट्रिशन पर ज़ोर देते हैं। क्योंकि, न्यूट्रिशन की मदद से ही ट्रीटमेंट की प्रक्रियाओं को बर्दाश्त करने, कीमोथेरेपी के बाद तेजी से रिकवर होने और ओवरऑल हेल्थ में सुधार के लिए डाइट आपकी बहुत मदद कर सकती है।

कीमोथेरेपी के दौरान न्यूट्रिशन का महत्व (The Importance of Nutrition During Chemotherapy)

कीमोथेरेपी में कैंसर सेल्स को निशाना बनाया जाता है, इस प्रक्रिया में आसपास की स्वस्थ सेल्स को भी नुकसान होता है जिससे मरीज को थकान, मतली, भूख में कमी और डाइजेशन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में न्यूट्रिशन बहुत मददगार साबित हो सकता है। क्योंकि,

  • सही न्यूट्रिशन कीमोथेरेपी की वजह से कमजोर हो चुके आपके इम्यून सिस्टम को शक्ति देता है।
  • डैमेज हो चुके टिश्यूज को रिपेयर (Helps repair tissues) करता है।
  • थकान और कमजोरी दूर करता है और शरीर की शक्ति बढ़ाता है।
  • इंफेक्शन और कॉम्प्लिकेशन्स का खतरा कम करता है। (Reduces the risk of infections and complications)

ऐसे तैयार करें डाइट प्लान

कैंसर के मरीजों के लिए हेल्दी और संतुलित डाइट का अर्थ है कैलोरी के साथ-साथ सही न्यूट्रिशन और सही अनुपात में सभी तरह के फूड्स का समावेश। कीमोथेरेपी के बाद मरीज की डाइट तैयार करते समय इन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए-

छोटे-छोटे मील्स खाएं

मरीज को हर 2-3 घंटे में थोड़ा-सा खाना दें। हेल्दी स्नैक्स, कोई फल या आसानी से पच जाने वाले फूड्स मरीजों को दें।

मरीज को दही (yogurt), नट्स ( nuts) फ्रूट्स (fruit) जैसी चीजें खिलाएं

किसी भी हाल में मरीज को भूखा ना रहने दें और उन्हें मील स्किप ना करने दें।

प्रोटीन अधिक मात्रा में खिलाएं

कैंसर मरीजों को हाई-प्रोटीन फूड्स खिलाएं। इससे टिश्यूज को रिपेयर होने, इम्यूनिटी बढ़ाने और मसल्स मास बनाए रखने का काम करता है। जैसा कि कीमोथेरेपी के बाद मसल्स कमजोर हो जाते हैं और मरीज का वजन कम होने लगता है ऐसे में आपको मरीज को अधिक से अधिक मात्रा में प्रोटीन खिलाना चाहिए।

हाइड्रेटेड रहें

कीमोथेरेपी के दौरान और बाद में भी डिहाइड्रेशन का रिस्क अधिक होता है। क्योंकि, मरीजों को बार-बार उल्टी और डायरिया जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में मरीज को अधिक से अधिक मात्रा में पीने पीने के लिए प्रोत्साहित करें। पानी के अलावा, हर्बल टी, नारियल पानी और फ्रूट जूस पिलाएं।

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