कभी-कभार डाइट से चीटिंग पड़ सकती है भारी, बन सकती है इटिंग डिसॉर्डर की वजह, पढ़ें कैसे!

एक नयी स्टडी की मानें तो इस तरह से चीट मील खाने से लोगों में इटिंग डिसॉर्टर्स का रिस्क बढ़ सकता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 18, 2022 11:51 PM IST

Cheat Meal Side Effects: वेट लॉस के लिए लोग अपने कैलोरी इंटेक और कार्ब्स के इंटेक पर खास ख्याल रखते हैं। वही , हफ्ते में एक बार लोग अपनी पसंद की चीजें जैसे केक, मिठाई या पिज्जा खाना भी पसंद करते हैं। इस तरह के भोजन को चीट मील कहा जाता है और कुछ नियमों के साथ चीट मील खाने की सलाह कई डाइटिशियन्स द्वारा भी दी जाती है। दरअसल, चीट मील खाने वाले लोग पूरे सप्ताह अपनी डाइट को उसी तरह फॉलो करते हैं जैसे उनके डाइटिशियन द्वारा सलाह दी जाती है वहीं, संडे या किसी एक दिन वे थोड़ा अधिक कैलोरी वाला भोजन खाते हैं। इससे सप्ताह भर उन्हें क्रेविंग्स को कंट्रोल करने और अपनी वेट लॉस डाइट  को फॉलो करने के लिए प्रोत्साहन भी मिलने जैसे दावे किए जाते हैं। लेकिन, एक नयी स्टडी की मानें तो इस तरह से चीट मील खाने से लोगों में इटिंग डिसॉर्टर्स हो सकते हैं।  यह समस्या महिलाओं और पुरुषों दोनों में समान रुप से देखी गयी। (Cheat Meal Side Effects In Hindi.)

इटिंग डिसॉर्डर क्या होते हैं? (What is eating disorder)

इटिंग डिसॉर्डर खाने-पीने की असामान्य आदतों को कहा जाता है जिनमें लोगों को बहुत कम भूख लगती है या वे बहुत अधिक मात्रा में या बार-बार खाना खाते हैं।  खानपान की अनहेल्दी या नुकसानदायक आदतें कभी-कभी गंभीर साइकोलॉजिकल समस्याओं में बदल जाती है और इन्हें ही इटिंग डिसऑर्डर कहा जाता है। जानकारों के अनुसार चीट मील या कभी-कभार अपनी पसंद की चीजें खा लेने की आदत एक इटिंग डिसॉर्डर या खान-पान से जुड़ी गड़बड़ी हो सकती है। क्योंकि, इस तरह की इटिंग हैबिट से लोगों बहुत कमजोर या पतले हो सकते हैं या इससे मर्दों के शरीर का आकार बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।  हालांकि, शोधकर्ताओं में इटिंंग डिसॉर्डर के कारणों को लेकर कई तरह के मतभेद हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर पोस्ट की जाने वाली तस्वीरें और फूड ट्रेंड्स को भी इटिंग डिसॉर्डर की वजह माना जाता है। इटिंग डिसॉर्डर की समस्या हर उम्र के लोगों में हो सकती हैं लेकिन ये यंगस्टर्स में ये स्थितियां अधिक देखी जाती हैं। इटिंग डिसॉर्डर आमतौर पर 3 प्रकार के हैं-

  1. एनोरेक्सिया नर्वोसा-इस समस्या से पीड़ित लोग भूख लगने पर भी खाना नहीं खाते।
  2. बुल्मिया लैक्सेटिव- इस समस्या में पीड़ित लोगों में खाना खाने के बाद उल्टी करने की आदत देखी जाती है। बहुत से लोग इसे वेट लॉस करने का एक तरीका मानते हैं।
  3. बिंज ईटिंग डिसॉर्डर- इस तरह के इटिंग डिसॉर्डर में लोग दिनभर कुछ ना कुछ खाते रहते हैं और इससे उन्हें कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स बढ़ सकती हैं।

फिटनेस इंडस्ट्री में मसल्स बनाने के लिए चीट मील्स का सेवन करने का चलन बहुत अधिक माना जाता है। वहीं, बहुत सी महिलाएं खुद को बहुत अधिक पतली दिखाने के लिए इन तरीकों का इस्तेमाल करते हैं।

चीट मील खाने के अन्य नुकसान (side effects of cheat meals in Hindi)

  • हाई कैलोरी फूड खाने से ब्लड शुगर लेवल में अचानक से स्पाइक आ सकता है।
  • डाइजेस्टिव सिस्टमसे जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं।
  • मोटापा बढ़ सकता है।
  • कोलेस्ट्रॉल लेवल और ब्लड लिपिड लेवल बढ़ सकता है।
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