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हर रोज बदलें कुकिंग ऑयल, सेहत रहेगी दुरुस्त 

हर ऑयल में कुछ खास तरह के पोषक तत्व होते हैं, जिनकी जरूरत शरीर को होती है पर उनका लगातार सेवन करने से शरीर में उनकी अधिकता हो जाती है, जिससे सेहत को उल्टा नुकसान पहुंचता है। © Shutterstock

हर ऑयल में कुछ खास तरह के पोषक तत्व होते हैं, जिनकी जरूरत शरीर को होती है पर उनका लगातार सेवन करने से शरीर में उनकी अधिकता हो जाती है, जिससे सेहत को उल्टा नुकसान पहुंचता है।

Written by Yogita Yadav |Published : January 21, 2019 11:52 AM IST

कुकिंग ऑयल हमारे शरीर में गुड और बैड कोलेस्ट्रॉल के लिए जिम्मेदार होते हैं। धमनियों में प्लाक जमने से ब्लड प्रेशर के साथ-साथ दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके लिए जरूरी है कि आप अपने कुकिंग ऑयल और अपनी सेहत की जरूरतों के बारे में विस्‍तार से जानें। हर रोज एक हल ऑयल इस्‍तेमाल करने की बजाए बेहतर है कि आप खाने में बदल-बदल कर कुकिंग ऑयल का इस्‍तेमाल करें। आइए जानते हैं सेहत के लिए इसके फायदे ।

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क्‍यों बदलना चाहिए तेल

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सेहत को दुरुस्‍त रखने के लिए विशेषज्ञ कुकिंग ऑयल बदल कर खाने की सलाह देते हैं। हर ऑयल में कुछ खास तरह के पोषक तत्‍व होते हैं, जिनकी जरूरत शरीर को होती है पर उनका लगातार सेवन करने से शरीर में उनकी अधिकता हो जाती है, जिससे सेहत को उल्‍टा नुकसान पहुंचता है। इसलिए विशेषज्ञ अकसर कुकिंग ऑयल चेंज करने की सलाह देते हैं। ताकि यह विविधता शरीर को उचित जरूरी पोषण दे सके।

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सरसों का तेल

सरसों बहुत लोगों को पसंद नहीं होता, परन्तु वे लोग जो इस तेल का उपयोग करते हैं, उन लोगों के लिए यह बहुत ही अच्छाग चुनाव है। सरसों के तेल में ढेर सारे विटामिन्स, मिनरल्स और बीटा कैरोटीन पाये जाते हैं। इसके अलावा इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और फैटी एसिड भी होता है। इसका एक अलग स्वाद होता है। सरसों का तेल हाई स्मोक प्वाइंट वाला तेल है और यह पॉलीअनसेचुरेटेड भी होता है। अगर सरसों के तेल में किसी तरह का मिलावट न हो तो यह आपके दिल के लिए बहुत ही फायदेमंद है।

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तिल का तेल

तिल के तेल को काले और सफेद तिल के बीज से निकाला जाता है। इस तेल मैग्नीशियम, कैल्शियम, प्रोटीन, फास्फोरस और लेसिथिन का बहुत अच्छा स्रोत है। तिल का तेल स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। यह आपके दिल पर कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को संतुलित बनाये रखने में मदद करता है इसलिए तिल के तेल को हृदय रोगियों को लेने की सलाह दी जाती है। साथ ही यह उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है।

[caption id="attachment_641989" align="alignnone" width="655"]cooking-oil जरूरी है कि आप अपने कुकिंग ऑयल और अपनी सेहत की जरूरतों के बारे में विस्‍तार से जानें। © Shutterstock[/caption]

ऑलिव ऑयल

ऑलिव ऑयल में अन्य तेलों के मुकाबले मोनोसैचुरेटेड फैट्स ज्यादा होता है। इसमें ढेर सारे एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें फाइटोन्यूट्रिएटंस ओलेकैंथेल और ओलेइक एसिड भी भरपूर मात्रा में होता है। ऑलिव ऑयल के सेवन से शरीर में फैट का वितरण नियंत्रित रहता है और अतिरिक्त चर्बी जमा नहीं होती है। यह दिल की बीमारियों और हाई ब्लडप्रेशर से बचाव करता है। इससे शरीर ग्लूकोज को आसानी से पचाता है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।

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कोकोनट ऑयल

नारियल तेल में बना खाना न सिर्फ अधिक पौष्टिक होता है बल्कि अधिक समय तक फ्रेश भी रहता है। नारियल के तेल का सेवन स्वास्‍थ्‍य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। नारियल के तेल में 92 फीसदी सैचुरेटेड फैट पाया जाता है लेकिन कोलेस्ट्रॉल नहीं होता। इसमें पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नी शियम, फाइबर, विटामिन ए, बी, सी और मिनरल प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। ब्लड़ प्रेशर और दिल के मरीजों के लिए नारियल का तेल बहुत उपयोगी होता है क्योंकि इसमें पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है जो दिल की गतिविधियों को सुचारू रूप से कार्य करने में सहायता करती है। इसके अलावा यह कोलेस्टॉकल को नियंत्रित करने में मदद करता है जिससे दिल की बीमारियों को खतरा कम होता है।

सन फ्लावर ऑयल

सूरजमुखी के तेल का सेवन करने से दिल स्वकस्थत रहता है और दिल की बीमारियां नहीं होती हैं। इसमें मौजूद लिनोलेइक एसिड रक्त धमनियों में खून का थक्का बनने से रोकता है। सूरजमुखी का तेल का तेल विटामिन ई का भंडार है। इसमें सेचुरेटेड फैट बहुत ही कम मात्रा में पाया जाता है। सूरजमुखी का तेल चाहे वह रिफाइंड हो या अनरिफाइंड, दोनों ही तरह से दिल के लिए फायदेमंद माना जाता हैं। इसमें सही मात्रा और सही अनुपात में मौजूद मोनो और पॉलीसेचुरेटेड फैट के कारण यह कॉलेस्ट्रोल लेवल को कम रखता है।

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