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नॉर्मल डिलीवरी के चांस बढ़ाती है प्रेगनेंसी में तुलसी के पत्तों का सेवन, जानें अन्य लाभ
प्रेगनेंसी में एक महिला अपनी सेहत का बहुत ख्याल रखती है। अपने खानपान से लेकर अपने लाइफस्टाइल को बदलने जैसे एक महिला को कई तरह के बदलाव करने पड़ते हैं। अगर नौ महीने अच्छी तरह से ध्यान रखा जाए तो डिलीवरी के वक्त आसानी होती है। साथ ही इस दौरान हर महिला सिर्फ ऐसी चीजें खाना पसंद करती है जिससे उसके शिशु को लाभ हो और उसका स्वास्थ्य भी बेहतर रहे। इन्हीं में से एक है तुलसी। गर्भावस्था में तुलसी के पत्तों का सेवन कई मायनों में फायदेमंद होता है। तुलसी में मौजूद विटामिन, खनिज और पोषक तत्व महिला को कई तरह के लाभ देता है साथ ही कई रोगों से भी बचाता है।
प्रेग्नेंसी के दौरान अक्सर महिलाओं के शरीर में खून की कमी होने लगती है, इसी को मेडिकल भाषा में एनीमिया कहते हैं। प्रेग्नेंसी में एनीमिया की समस्या बिल्कुल नहीं होनी चाहिए क्योंकि इसके होने से कई अन्य समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में इस दौरान तुलसी का सेवन करना बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। तुलसी आयरन का सीधा स्रोत मानी जाती है।ऐसे में इसके सेवन से शरीर में हीमोग्लोबिन की संख्या बढ़ती है जिससे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या भी बढ़ती है।
भ्रूण के विकास को बेहतर करने में भी तुलसी फायदेमंद है। तुलसी में मौजूद विटामिन ए भ्रूण के विकास में काफी मदद करता है। यह शिशु के शारीरिक विकास के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर करता है। जब महिला तुलसी का सेवन करती है तो इससे शिशु के शारीरिक विकास व तंत्रिका तंत्र का बेहतर विकास होता है। शिशु की हड्डियों और कार्टिलोज को मजबूत बनाने के लिए मैंगनीज की जरूरत होती है, यह एंटीऑक्सिडेंट तुलसी में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। शिशु के विकास के साथ ही यह महिला के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी मदद करती है। इससे महिलाओं की थकान व तनाव की समस्या भी दूर होती है।
प्रेग्नेंसी में कुछ महीने बाद महिलाओं को ब्ल्ड क्लॉटिंग की समस्या होने लगती है। इसे नियंत्रित करने के लिए तुलसी का सेवन फायदेमंद रहता है। ऐसा इसलिए क्योंकि तुलसी की पत्तियों में विटामिन-के होता है, जो शरीर में खून की मात्रा को बनाने रखने में मदद करता है। यदि गर्भवती नियमित रूप से 3 से 4 तुलसी के पत्ते भी लेती है तो काफी फायदा होगा।
प्रेग्नेंसी के दौरान डॉक्टर साफतौर पर महिला को खुद का ख्याल रखने की सलाह देते हैं ताकि किसी संक्रमण की चपेट में आने से बचा जा सके। क्योंकि जब महिला को संक्रमण होता है तो वह उसके स्वास्थ्य के साथ ही शिशु के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है। तुलसी के पत्तों में एंटी बैक्टीरियल, एंटी वायरल और एंटी फंगल गुण होते हैं जो संक्रामक रोगों को दूर रखते हैं। इसके नियमित सेवन से इम्युनिटी भी स्ट्रॉंग होती है।