
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 17, 2022 7:13 PM IST
हेल्दी इटिंंग का अर्थ है कि ऐसा भोजन खाना जिससे शरीर को जरूरत भर का पोषण प्राप्त हो सके, वजन नियंत्रित रह सके और व्यक्ति स्वस्थ और एनर्जेटिक महसूस करे। हेल्दी फूड और न्यूट्रिएंट्स से भरपूर कहे जाने वाले कोई इम्पोर्टेट और महंगे उत्पाद आज दुकानों पर उपलब्ध हैं। वहीं, सब्जी मंडी और ठेलों पर भी भारतीय और दूसरे देशों से आने वाली सब्जियां, फल, हर्ब्स और मसाले उपलब्ध हैं। लेकिन, इन सबके बीच लोग अपने लिए हेल्दी फूड कैसे चुन सकते हैं, यह सवाल बहुत से लोगों के मन में आता है। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटिशियन रुजुता दिवेकर ने लोगों की इसी उलझन को कम करने के लिए कुछ टिप्स दीं जिनके बारे में आप पढ़ सकते हैं इस लेख में।
हेल्दी फूड और गुड फूड की सबसे अच्छी परिभाषा यही है कि जिस तरह का खाना खाकर आपके बीमार पड़ने का रिस्क ना बढ़े। रुजुता दिवेकर का मानना है कि जिस तरह के भोजन को आप अपने लिए सेफ मानते हैं वही भोजन आपके लिए अच्छा है। जैसा कि आज लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां जैसे डायबिटीज, कार्डियोवैस्कुलर डिजिज, हाई पीवी और मोटापा गलत खान-पान की वजह से ही बढ़ रही हैं इसीलिए, जब आप ऐसा भोजन खाते हैं जो इन बीमारियों का डर नहीं बढ़ाता वही भोजन आपके लिए सेफ है।
स्थानीय स्तर पर उगायी जाने वाली सब्जियां, फल और अनाज आपके लिए सबसे अच्छे साबित हो सकते हैं और यही कहना है रुजुता का। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार, ऐसे फूड्स जिनका नाम आपकी मातृभाषा में आपने सुन रखा हो, उसका उपयोग लम्बे समय से आपके आसपास के लोग करते रहे होंगे। भारतीय लोगों के बीच किनवा, चिया सीड्स और व्हाइट कोर्ड जैसे फूड्स को जहां कमर्शियली प्रमोट तो किया जा रहा है लेकिन, अगर रुजुता दिवेकरके अनुसार, अगर आपके आसपास इस तरह के अनाज या फल उपलब्ध हमेशा से उपलब्ध नहीं रहे हों या जिनका कोई नाम आपके बुजुर्गों को पता नहीं हो, ऐसे खाद्य-पदार्थ आपके लिए ठीक नहीं। इस तरह के भोजन का सेवन करने से आपके स्वास्थ्य को नुकसान ही हो सकता है।
भारतीय भोजन में लम्बे समय से इस्तेमाल होने वाली हल्दी का उदाहरण देते हुए रुजुता दिवेकर ने कहा कि, हमारे शरीर की जरूरत के अनुसार, कम या ज्यादा मात्रा में हल्दी का सेवन हम हमेशा से करते रहे हैं। लेकिन, बीते कुछ समय से हल्दी के कैप्सूल्स भी बाजार में उपलब्ध हैं लोग इनका सेवन भी कर रहे हैं। रुजुता कहती हैं कि रोजमर्रा के भोजन में हर दिन अलग-अलग प्रकार की सब्जियां, मसाले और अनाज का सेवन करना हेल्थ के लिए सबसे अच्छा साबित हो सकता है। इससे विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व शरीर को मिल सकेंगे और वह भी आवश्यक मात्रा में। इसीलिए, रोजाना सवेरे करेले का जूस पीने या रोज-रोज हल्दी की गोलियां फांकने जैसी गलती नहीं करनी चाहिए।
गौरतलब है कि वेट लॉसऔर डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद करने वाले कई विदेशी फूड्स आपके आसपास आसानी से मिल जाते हैं। लेकिन, अक्सर देखा गया है कि लोग वजन कम करने के लिए या हेल्दी बनने के लिए इस तरह की चीजें खरीदने लगते हैं और उनका सेवन करने लगते हैं। लेकिन, शरीर पर इनका कोई असर हो या ना हो आपके बहुत अधिक पैसे जरूर खर्च हो जाते हैं। रुजुता दिवेकर की सलाह है कि ऐसे फूड्स जो आपकी महीनेभर के खर्चे को बढ़ा दे वह आपके लिए सही नहीं। क्योंकि, एक्जॉटिक और इम्पोर्टेट चीजें खरीदना लम्बे समय तक हर किसी के लिए संभव नहीं हो सकता और आपका तनाव और पैसे की चिंता बढ़ती जाती है।