
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 16, 2025 12:03 AM IST
Medically Verified By: Dr. Aparna Govil Bhasker
How to control Weight gain during festival- हेल्दी और फिट रहने के लिए सही डाइट और एक्सरसाइज के साथ-साथ इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी है कि लोग अपना खाना सही समय पर खाएं और सही तरीके से चबा-चबाकर खाएं। क्योंकि, गलत समय और गलत तरीके का खाना खाने से ना केवल आपका वजन बढ़ सकता है बल्कि, इससे आपके लिए कई तरह की बीमारियों का रिस्क भी बढ़ सकता है। मुंबई के एल.एच. हीरानंदानी हॉस्पिटल में बेरियाट्रिक सर्जन डॉ. अपर्णा गोविल भास्कर कहती हैं कि आपके खान-पान से जुड़ी कुछ आदतें आपका वजन बढ़ाने का काम करती हैं।
डॉ. अपर्णा गोविल भास्कर ने कहा कि, त्योहारों का सीजन पास है और लोग नवरात्री, दशहरा और उसके बाद दिवाली और क्रिसमस जैसे त्योहारों की तैयारी में जुट जाएंगे। त्योहारों में स्वादिष्ट खाना, मिठाइयां और देर रात तक जश्न आम बात है। लेकिन देर रात भारी भोजन करना वजन बढ़ने और सेहत बिगड़ने की बड़ी वजह बन सकता है। एक सर्वे के अनुसार, दिन में शरीर का मेटाबॉलिज़्म अच्छा काम करता है, लेकिन रात को यह धीमा हो जाता है। ऐसे में देर रात खाया गया भोजन ऊर्जा में बदलने की बजाय चर्बी के रूप में जमा होता है।
क्लिनिकल डाइटीशियन और बेरियाट्रिक न्यूट्रिशनिस्ट शमिका गिरकर ने कहा कि, देर रात खाना शरीर पर कैसे बुरा असर डालता है। इससे शरीर को इस तरह के नुकसान हो सकते हैं-
पाचन धीमा होता है: रात को खाना सही से पचता नहीं और फैट जमा होता है। कैलोरी ज्यादा स्टोर होती है: शाम के बाद शरीर कैलोरी कम जलाता है।
रात को इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता, जिससे ब्लड शुगर और डायबिटीज़ का खतरा बढ़ता है।
देर रात खाने से भूख बढ़ाने वाले हार्मोन ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं और अगले दिन भी ज्यादा खाने की इच्छा होती है।
भारी भोजन से नींद पूरी नहीं होती, जिससे और भूख व थकान महसूस होती है।
देर रात खाने से भूख वाले हार्मोन (लेप्टिन और घ्रेलिन) का संतुलन बिगड़ता है। इससे भूख बढ़ती है, पेट भरा हुआ महसूस नहीं होता और अगले दिन भी ज्यादा खाने की संभावना रहती है।
देर रात खाना कॉर्टिसोल स्तर बढ़ाता है, जो फैट जमा करने और मेटाबॉलिक गड़बड़ी को बढ़ावा देता है।
सोने से ठीक पहले भारी खानानींद खराब करता है। नींद कम होने से भूख और क्रेविंग्स बढ़ जाती हैं, जिससे वजन नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है।
मिठाई, तला हुआ और ज्यादा तेल वाला खाना ज्यादा खाया जाता है।
देर रात पार्टियों और सफर से रूटीन बिगड़ता है।
शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है।
थकान और तनाव से ज्यादा मीठा-तैलीय खाने की इच्छा होती है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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रात का खाना (शाम 7–8 बजे) खाए, जिससे सोने से पहले पाचन को समय मिलता है, जिससे वजन बढ़ने, गैस और जलन से बचाव होता है।
देर रात खाना खाने से डाइजेशन बिगड़ सकता है और मोटापा बढ़ सकता है।