
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Medically Verified By: Swetha. A, Dr. Himanshu Singh, Dr. Shrey Srivastava
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जब भी हमें दांत में दर्द या फिर सिरदर्द की परेशानी होती है, तो सबसे पहले हमारी दादी-नानी लौंग की चाय या फिर लौंग का तेल लगाने की सलाह दे देती हैं। हम में से कई लोगों ने इन घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल भी किया होगा। आयुर्वेद से लेकर घरेलू नुस्खों तक, लौंग को प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में जाना जाता है। इसमें मौजूद यूजेनॉल नामक सक्रिय तत्व में दर्द और सूजन को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। लेकिन क्या सच में लौंग दर्द को कम करने में प्रभावी है? क्या सच में लौंग किसी बीमारी का इलाज कर सकती है। इस विषय को समझने के लिए हमने कई वैज्ञानिक शोधों का अध्ययन किया और डॉक्टरों से भी बातचीत की। इस लेख में हम इन्हीं रिसर्च और डॉक्टर्स की बातों के आधार पर लौंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी आपके साथ शेयर करने जा रहे हैं।

Science Direct में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, लौंग में मौजूद यूजेनॉल में दर्द निवारक, सूजन कम करने वाले (Anti-inflammatory) और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो खासकर दांत दर्द और मुंह से जुड़ी कुछ समस्याओं में राहत पहुंचा सकते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि लौंग किसी भी दर्द का स्थायी इलाज नहीं है और गंभीर या लंबे समय तक रहने वाले दर्द में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। आइए जानते हैं दर्द में लौंग कितनी कारगर है, इसका सही इस्तेमाल कैसे करें और किन लोगों को इससे बचना चाहिए-
लौंग में कई तरह के गुण पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए काफी फायदेमंद हैं। आइए जानते हैं इसके गुणों के बारे में-
| लौंग में पाए जाने वाले तत्व | मुख्य गुण और फायदे |
| यूजेनॉल (Eugenol) | दर्द कम करने (Analgesic), सूजन कम करने (Anti-inflammatory), एंटीसेप्टिक और एंटीऑक्सीडेंट गुण |
| बीटा-कैरियोफिलीन (Beta-Caryophyllene) | सूजन कम करने और दर्द से राहत दिलाने में सहायक |
| फ्लेवोनॉयड्स (Flavonoids) | एंटीऑक्सीडेंट, कोशिकाओं को फ्री-रेडिकल्स से बचाने में मदद |
| टैनिन (Tannins) | एंटीबैक्टीरियल और घाव भरने में सहायक गुण |
| गैलिक एसिड (Gallic Acid) | एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले गुण |
| ओलियानोलिक एसिड (Oleanolic Acid) | लिवर की सुरक्षा और सूजन कम करने में संभावित भूमिका |
| विटामिन C (कम मात्रा में) | इम्यूनिटी को सपोर्ट करने और एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य |
| मैंगनीज (Manganese) | हड्डियों के स्वास्थ्य, मेटाबॉलिज्म और एंटीऑक्सीडेंट एंजाइमों के लिए जरूरी |
| फाइबर | पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद |
| Source : NIH and USDA Food Data Central | |
अगर आप नियमित रूप से लौंग का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे कई तरह के फायदे हो सकते हैं, जैसे-
NCBI में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, दांतों के दर्द से राहत पाने के लिए लौंग का इस्तेमाल किया जा सकता है। दरअसल, लौंग में यूजेनॉल नामक प्राकृतिक दर्द निवारक और एंटीसेप्टिक गुणों वाला यौगिक है, जो दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। यही कारण है कि कई डेंटल प्रोडक्ट्स और दंत चिकित्सा में भी यूजेनॉल का उपयोग किया जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, लौंग में मौजूद यूजेनॉल और अन्य पॉलीफेनॉल्स शरीर में सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। कुछ प्रयोगशाला और पशु अध्ययनों में पाया गया है कि यूजेनॉल जैसे यौगिक सूजन पैदा करने वाले रसायनों की गतिविधि को कम कर सकते हैं। हालांकि, इंसानों पर और अधिक शोध की आवश्यकता है।
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लौंग को सबसे शक्तिशाली प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट स्रोतों में से एक माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में बनने वाले फ्री-रेडिकल्स को कम करने में मदद करते हैं, जिससे कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में सहायता मिल सकती है।
पारंपरिक चिकित्सा में लौंग का उपयोग गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं में किया जाता रहा है। लौंग पाचन एंजाइमों के स्राव को बढ़ावा देने और पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। हालांकि, इस विषय पर बड़े क्लीनिकल ट्रायल अभी सीमित हैं।
लौंग में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए गए हैं। लौंग के तेल में मौजूद गुण कुछ बैक्टीरिया और फंगस की वृद्धि को रोकने में प्रभावी हो सकता है। हालांकि, इसे किसी संक्रमण का इलाज मानकर स्वयं दवा की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
कुछ पशु अध्ययनों में पाया गया है कि लौंग में मौजूद यूजेनॉल ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके लिवर को नुकसान से बचाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इंसानों में इसके प्रभाव की पुष्टि के लिए और अधिक शोध की जरूरत है।
शारदा हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा के सीनियर कंसल्टेंट-इंटरनल मेडिसिन डॉ. श्रेय श्रीवास्तव बताते हैं कि लौंग का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में लंबे समय से किया जाता रहा है। इसमें यूजेनॉल नामक सक्रिय तत्व पाया जाता है, जो हल्के दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। अगर शरीर के किसी हिस्से में हल्का दर्द हो, तो लौंग का सीमित मात्रा में सेवन या इसका उचित उपयोग कुछ समय के लिए आराम दे सकता है।
हालांकि, इसका प्रभाव हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है और यह दर्द के मूल कारण का इलाज नहीं करता है। अगर दर्द चोट, संक्रमण, गठिया, नसों की समस्या या किसी गंभीर बीमारी के कारण हो, तो केवल लौंग पर निर्भर रहना सही नहीं है। लौंग किसी बीमारी का इलाज नहीं है। लौंग का अधिक मात्रा में सेवन करना या लौंग के तेल का गलत उपयोग कुछ लोगों में जलन, एलर्जी या अन्य दुष्प्रभाव भी पैदा कर सकता है।
लौंग स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसके नुकसान भी हो सकते हैं, जैसे-
लिवर को पहुंचा सकता है नुकसान : लौंग में मौजूद यूजेनॉल की अधिकता लिवर पर विषैला प्रभाव डाल सकता है। खासकर लौंग के तेल का अधिक सेवन लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है।
ब्लीडिंग का खतरा : यूजेनॉल में खून को पतला करने वाले गुण हो सकते हैं। ऐसे में जो लोग ब्लड थिनर दवाएं ले रहे हैं या जिनकी सर्जरी होने वाली है, उन्हें लौंग या लौंग के तेल का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।
मुंह और पेट में हो सकती है जलन : लौंग या विशेष रूप से लौंग के तेल का सीधे इस्तेमाल करने से मुंह, मसूड़ों, गले या पेट में जलन, छाले और इरिटेशन हो सकती है। बिना डॉक्टर की सलाह के इसे सीधे त्वचा या मसूड़ों पर लगाना उचित नहीं है।
ब्लड शुगर हो सकती है कम : कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि लौंग ब्लड शुगर को कम करने में मदद कर सकती है। इसलिए यदि कोई व्यक्ति डायबिटीज की दवाएं या इंसुलिन ले रहा है, तो अधिक मात्रा में लौंग का सेवन ब्लड शुगर जरूरत से ज्यादा कम (Hypoglycemia) कर सकता है।
लौंग का इस्तेमाल मसालों के अलावा कई अन्य तरह से किया जा सकता है, जैसे-
साबुत लौंग चबाकर : दांत दर्द या मुंह की दुर्गंध से राहत पाने के लिए 1-2 साबुत लौंग धीरे-धीरे चबाई जा सकती है। इससे लौंग में मौजूद यूजेनॉल निकलता है, जो दर्द और बैक्टीरिया को कम करने में मदद कर सकता है।
लौंग की चाय : आप लौंग के फायदे लेने के लिए इसकी चाय बनाकर पी सकते हैं। इसके लिए 1-2 लौंग को पानी में 5-10 मिनट तक उबालकर हर्बल टी बना लें। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें अदरक, दालचीनी या शहद मिलाया जा सकता है। सर्दी-जुकाम या गले में खराश के दौरान कई लोग इसका सेवन करते हैं।
लौंग का पाउडर : लौंग को पीसकर उसका पाउडर बनाया जा सकता है। इसकी थोड़ी-सी मात्रा को गुनगुने पानी, हर्बल चाय या कुछ डिशेज में मिलाकर लिया जा सकता है।
लौंग का तेल : लौंग के तेल का इस्तेमाल मुख्य रूप से दांत दर्द या मसूड़ों की समस्या में किया जाता है। लेकिन इसे सीधे मुंह या त्वचा पर नहीं लगाना चाहिए। हमेशा किसी कैरियर ऑयल, जैसे- नारियल या जैतून के तेल में मिलाकर और डॉक्टर या डेंटिस्ट की सलाह के अनुसार ही इस्तेमाल करें।
NCBI पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक, लौंग में यूजेनॉल नामक प्रमुख बायोएक्टिव यौगिक पाया जाता है, जो इसके दर्द निवारक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और रोगाणुरोधी गुणों के लिए जिम्मेदार माना जाता है। कई लैब और प्रीक्लिनिकल अध्ययनों में यूजेनॉल को फ्री-रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने, सूजन घटाने और कुछ बैक्टीरिया व फंगस की वृद्धि को रोकने में प्रभावी पाया गया है। हालांकि, इन अध्ययनों का बड़ा हिस्सा प्रयोगशाला या पशुओं पर किया गया है।
रिसर्चर्स का कहना है कि लौंग के संभावित स्वास्थ्य लाभों की पुष्टि के लिए अभी बड़े स्तर पर मानवों पर क्लीनिकल ट्रायल की आवश्यकता है। मौजूदा वैज्ञानिक प्रमाण यह नहीं कहते कि लौंग किसी बीमारी का इलाज है। इसलिए इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर सीमित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। इसके अलावा, अधिक मात्रा में लौंग या लौंग के तेल का सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है, इसलिए औषधीय उपयोग से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
यशोदा हॉस्पिटल की डिप्टी चीफ डायटीशियन स्वेता ए का कहना है कि लौंग एक ऐसा मसाला है, जिसमें यूजेनॉल, एंटीऑक्सीडेंट और अन्य बायोएक्टिव यौगिक पाए जाते हैं। सीमित मात्रा में इसका सेवन पाचन को बेहतर बनाने, सूजन कम करने और शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसे किसी बीमारी के इलाज या दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

वह आगे कहती हैं कि रोजमर्रा के खाने लौंग को अगर आप मसालों के रूप में इस्तेमाल करते हैं, तो 1 से 2 लौंग का ही इस्तेमाल करें। लेकिन ध्यान रखें कि डायबिटीज, लिवर की बीमारी, ब्लड थिनर दवाएं लेने वाले लोगों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को लौंग या लौंग के तेल इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। अगर ऐसे लोग लौंग का इस्तेमाल करते हैं, तो एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
जी नहीं, किसी भी बीमारी को लौंग पूरी तरह से ठीक नहीं कर सकता है। हालांकि, लौंग में मौजूद यूजेनॉल, फ्लेवोनॉयड्स और अन्य बायोएक्टिव यौगिक पाए गए हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट, सूजन-रोधी और रोगाणुरोधी गुणों से भरपूर होते हैं। लेकिन अभी तक किसी भी तरह का ऐसा वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है, जिसमें यह बताया गया है कि यह किसी बीमारी को पूरी तरह से ठीक कर सकता है।
डॉक्टर कहते हैं कि लौंग को एक हेल्दी डाइट का हिस्सा माना जा सकता है, न कि दवा का ऑप्शन। अगर आपको डायबिटीज, संक्रमण, गठिया, लिवर या हृदय संबंधी कोई बीमारी है, तो सिर्फ घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर द्वारा बताए गए इलाज का पालन करें। लौंग का सीमित मात्रा में सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है, लेकिन किसी भी बीमारी के उपचार के लिए इसे अकेले प्रभावी नहीं माना जा सकता।
डॉक्टर हिमांशु सिंह एक कुशल आयुर्वेद फिजिशियन और पंचकर्म विशेषज्ञ का कहना है कि आयुर्वेद की दृष्टि में लौंग सिर्फ स्वाद और सुगंध बढ़ाने वाला मसाला नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण औषधीय द्रव्य है। आयुर्वेद में इसके कटु, तिक्त एवं कषाय रस, उष्ण वीर्य तथा कफ-वात शामक गुणों का वर्णन मिलता है। माना जाता है कि यह पाचन शक्ति को बेहतर बनाने, शरीर के दोषों का संतुलन बनाए रखने और समग्र स्वास्थ्य का समर्थन करने में सहायक हो सकती है।
आयुर्वेदिक ग्रंथों में लौंग को दीपन, पाचन, कृमिघ्न, वेदनास्थापक और मुखशोधक गुणों वाली औषधि बताया गया है। पारंपरिक रूप से इसका उपयोग अपच, गैस, भूख न लगना, दांत और मसूड़ों की समस्याएं, मुंह की दुर्गंध तथा गले से जुड़ी कुछ परेशानियों में किया जाता रहा है। आधुनिक शोधों के अनुसार, लौंग में पाया जाने वाला यूजेनॉल (Eugenol) जीवाणुरोधी, सूजनरोधी और दर्दनिवारक गुणों के लिए जाना जाता है, जिससे इसके कई पारंपरिक उपयोगों को वैज्ञानिक आधार भी मिलता है।
आयुर्वेद सिर्फ रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और शरीर-मन के संतुलन पर भी जोर देता है। इसी दृष्टिकोण से लौंग को ऐसा औषधीय मसाला माना जाता है, जो संतुलित आहार और उचित मात्रा में सेवन किए जाने पर दैनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक माना जाता है।
डॉक्टर का कहना है कि आमतौर पर 1-2 साबुत लौंग या भोजन में मसाले के रूप में इस्तेमाल की गई मात्रा अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए पर्याप्त मानी जाती है। अगर आप लौंग का सेवन किसी स्वास्थ्य समस्या के लिए नियमित रूप से करना चाहते हैं, तो पहले डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लेना बेहतर हो सकता है।
लौंग से जुड़े कई मिथक हमें सुनने को मिलते हैं, जिसे कई बार हम भी सच मान लेते हैं। आइए जानते हैं इन मिथकों की सच्चाई-

मिथक 1: लौंग खाने से हर तरह के दर्द में तुरंत राहत मिल जाती है।
सच्चाई: लौंग में मौजूद यूजेनॉल में दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं, लेकिन इसका असर सीमित होता है। यह हल्के दांत दर्द या मामूली असुविधा में कुछ राहत दे सकती है, लेकिन माइग्रेन, गठिया या किसी गंभीर दर्द का इलाज नहीं है।
मिथक 2: लौंग डायबिटीज को पूरी तरह ठीक कर सकती है।
सच्चाई: कुछ शुरुआती शोधों में लौंग के ब्लड शुगर पर सकारात्मक प्रभाव देखे गए हैं, लेकिन ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि लौंग डायबिटीज का इलाज कर सकती है। दवाओं और डॉक्टर की सलाह को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
मिथक 3: दांत दर्द होने पर जितना ज्यादा लौंग का तेल लगाएंगे, उतना जल्दी आराम मिलेगा।
सच्चाई: लौंग का तेल बहुत अधिक सांद्र होता है। इसे सीधे या अधिक मात्रा में लगाने से मसूड़ों और मुंह में जलन, छाले या ऊतकों को नुकसान हो सकता है। इसका उपयोग हमेशा सावधानी और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार करना चाहिए।
1. क्या रोज लौंग खाना सुरक्षित है?
हां, अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए भोजन में 1-2 लौंग का सेवन आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से बचना चाहिए।
2. क्या लौंग वजन कम करने में मदद करती है?
ऐसा कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि केवल लौंग खाने से वजन कम हो जाता है। वजन घटाने के लिए संतुलित आहार और नियमित व्यायाम सबसे जरूरी हैं।
3. क्या खाली पेट लौंग खाना सही है?
कुछ लोग खाली पेट लौंग खाते हैं, लेकिन इसके स्वास्थ्य लाभों को लेकर पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। संवेदनशील लोगों में इससे एसिडिटी या पेट में जलन हो सकती है।
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4. क्या प्रेग्नेंसी में लौंग का सेवन किया जा सकता है?
खाने में मसाले के रूप में लौंग का उपयोग सुरक्षित माना जाता है। लेकिन औषधीय मात्रा में लौंग या लौंग के तेल का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
5. क्या लौंग खाने से सर्दी-खांसी ठीक हो जाती है?
लौंग गले को आराम पहुंचाने और कुछ लक्षणों में राहत देने में मदद कर सकती है, लेकिन यह वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण का इलाज नहीं है।
Disclaimer: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। ध्यान रखें कि लौंग दर्द में कुछ मामलों में कुछ समय के लिए राहत दे सकती है, लेकिन यह किसी भी बीमारी का इलाज या डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। अगर दर्द लगातार बना रहे, तेज हो या किसी गंभीर समस्या का संकेत हो, तो खुद से इलाज करने के बजाय किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह जरूर लें।