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Brown rice also has positive implications for environmental sustainability. Unlike white rice, which undergoes extensive processing that requires significant energy and resources, brown rice production is relatively simple. By choosing brown rice over white rice, consumers can reduce their ecological footprint and support more sustainable agricultural practices.
Brown Rice vs White Rice: चावल लोगों की डायट का एक अभिन्न हिस्सा है। चावल खाए बिना कई लोगों का पेट नहीं भरता। लेकिन, कुछ विशेष स्थितिय़ों में लोग चावल खाने से परहेज भी करते हैं। डायबिटीज़, मोटापा और कुछ अन्य हेल्थ प्रॉब्लम्स में सफेद चावलों के सेवन से परहेज करने के लिए कहा जाता है। यह भी एक प्रचलित मिथक है कि सफेद चावलों से मोटापा बढ़ता है। इसीलिए, लोग ब्राउन राइस यानि भूरे चावलों का सेवन करने लगते हैं। लेकिन, कई लोगों को यह नहीं पता कि क्या सचमुच ब्राउन राइस खाना सेहत के लिए फायदेमंद है या नहीं। आइए जानते हैं वेट लॉस और सेहत के लिहाज से सफेद चावल और ब्राउन राइस में क्या है ज़्यादा बेहतर। (Brown Rice vs White Rice:
क्या आप जानते हैं कि सफेद चावल दुनिया में सबसे अधिक खाए जाने वाले फूड्स में से है। भारत के तटवर्तीय क्षेत्रों में चावल और मछली लोगों का मुख्य भोजन है। चावलों में विटामिन बी, विटामिन बी-1 और प्रोटीन जैसे कई पोषक तत्व होते हैं। लेकिन, खलियानों से बाहर निकलने के बाद चावल के दानों को कई प्रक्रियाओं से होकर गुजरना पड़ता है। जिसमें इसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। वहीं,पॉलिश किए हुए चावलों में पोषक तत्वों की मात्रा और भी कम होती है। पॉलिशिंग की प्रक्रिया में चावलों में मौजूद फाइबर और इसेंशियल फैटी एसिड्स भी नष्ट हो जाते हैं। (White Rice and Weight Loss)
जैसा कि चावलों में फाइबर और विटामिन बी के अलावा कार्बोहाइड्रेट भी होता है। इसी कार्ब की वजह से चावलों को अक्सर वजन बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। लेकिन कई शोध में यह पाया गया है कि चावल आपको अकेले फैटी बनाने का जिम्मेदार नहीं है। कोई भी फूड अधिक मात्रा में खाने से वजन बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। इसीलिए, वेट लॉस के लिए लोगों को पोर्शन कंट्रोल का भी ध्यान रखना होगा।
भूरे चावलों यानि ब्राउन राइस में फाइबर, विटामिन बी, कैल्शियम, जिंक, आयरन, मैग्नीशियम, सैलीनियम और अन्य पोषक तत्वों के बड़े स्रोत हैं। इन चावलों में एंथोसाइएनिन्स नामक एंटी-ऑक्सीडेंट भी अधिक मात्रा में होते हैं जो आमतौर पर नाइटशेड सब्ज़ियों और फलों में पाए जाते हैं। यह तत्व विभिन्न प्रकार की एलर्जीस, शरीर में होने वाली जलन, कैंसर के खतरे कम करता है। साथ ही यह वेट मेंटेन करने में भी सहायक है। इसके अलावा ब्राउन राइस खाने के कुछ और भी फायदे हैं जैसे-