
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : August 21, 2020 4:33 PM IST
स्तनपान कराने वाली महिला को नहीं खाने चाहिए ये फूड, नहीं तो शिशु होगा प्रभावित
जब कोई महिला अपने शिशु को स्तनपान कराती है तो उसे कई चीजों का ध्यान रखना पड़ता है। जिसमें से सबसे महत्वपूर्ण है महिला की डाइट। आप जो भी खाती हैं वह दूध के माध्यम से आपके शिशु तक पहुंचता है। इसलिए यदि आप चाहती हैं कि आपको शिशु स्वस्थ रहे और उसे ज्यादा से ज्यादा पोषक तत्व मिले तो आपको अपनी डाइट बहुत सोच समझकर चुननी चाहिए। कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिनके सेवन से शिशु को नुकसान हो सकता है। तो आइए जानते हैं ऐसी कौन सी चीजें हैं जिन्हें ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को अवॉइड करना चाहिए।
ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं को खट्टी चीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए। क्योंकि खट्टे फल या दूसरी चीजों में विटामिन सी होता है, ये विटामिन सी मां के दूध में अम्ल की मात्रा को बढ़ा देता है। ऐसे में जब शिशु दूध पीता है तो उसे पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि ऐसा नहीं है कि जो महिलाएं स्तनपान कराती हैं उन्हें विटामिन सी को पूरी तरह से अवॉइड करना चाहिए। आप पपीते का सेवन कर सकते हैं।
यह तो सभी जानते हैं कि चॉकलेट खाना महिलाओं को बहुत पसंद होता है। लेकिन यदि आप स्तनपान कराने के दौर से गुजर रही हैं तो चॉकलेट को अवॉइड करें। चॉकलेट में कैफीन है जो शिशु में नींद की समस्या समेत चिड़चिड़ाहट पैदा कर सकता है।
शायद आपको यह सुनकर हैरानी हो रही होगी लेकिन यह सच है। स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पुदीने के सेवन से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि पुदनी के सेवन से दूध के उत्पादन में कमी आ सकती है। इसलिए पुदीने का किसी भी रूप में सेवन करने से पहले आप डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं।
राजमा चावल खाना अमूमन हर किसी को पसंद होता है। लेकिन अगर आप ब्रेस्टफीड कराती हैं तो राजमा के सेवन से बचें। राजमा खाने से पेट में गैस और कब्ज की समस्या हो सकती है। इसलिए इसके सेवन से बचें।
अगर आपको मूली खाना पसंद है और आपका फ्रिज़ भी मूली और पत्तागोभी से भरा है तो इसे आज ही खाली कर दें। क्योंकि स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इन दोनों चीजों से ही परहेज करना चाहिए। क्योंकि ये दोनों ही चीजें पेट में गैस बनाती हैं जिससे शिशु पाचन संबंधी परेशानियां का शिकार हो सकता है।