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Written By: Pallavi | Published : October 14, 2022 1:34 PM IST
ब्रेन हेल्थ उम्र बढ़ने के साथ धीमे-धीमे प्रभावित होने लगती है। जैसे कि 60 के बाद लोगों की समझने और सोचने की क्षमता प्रभावित होने लगती है। फिर उन्हें अल्जाइमर और दूसरी बीमारियां होने लगती हैं। साथ ही स्ट्रेस और बिगड़ते मेंटल हेल्थ के कारण याददाश्त कमजोर हो सकती है। ऐसी स्थिति में जरूरी ये है कि आप उन फूड्स का सेवन करें जो कि दिमाग के लिए फायदेमंद हो और ब्रेन बूस्टिंग में मदद करे। तो, आइए जानते हैं ऐसे 5 फूड्स के बारे में जो कि ब्रेन बूस्टर की तरह काम करते हैं।
कद्दू और सूरजमुखी के बीज जैसे बीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड और कई प्रोटीन पाए जाते हैं। कद्दू के बीज में उच्च मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो मस्तिष्क को हानिकारक मुक्त कणों से बचाते हैं। इन खाद्य पदार्थों में जिंक, मैग्नीशियम, कॉपर और आयरन सहित कई महत्वपूर्ण तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, कद्दू के बीज खाने से आपके मस्तिष्क को स्वस्थ रहने में मदद मिल सकती है जो कि पार्किंसंस रोग, अल्जाइमर रोग, माइग्रेन, मिर्गी और न्यूरल बीमारियों से बचा सकता है।
अंडे में प्रोटीन होता है। ये एक जरूरी विटामिन है जो कि पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। साथ ही इसमें विटामिन डी के साथ-साथ कोलीन भी शामिल है। ये एक मैक्रोन्यूट्रिएंट जो लिवर के काम काज, सामान्य मस्तिष्क विकास, तंत्रिका तंत्र के काम काज को ठीक रखने और मांसपेशियों को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है।
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, लोगों की हड्डियां कमजोर होती जाती हैं। दही कैल्शियम के सबसे अच्छे स्रोतों में से एक है जिसका सेवन आपको कई बीमारियों से बचाव में मदद करता है। दही में जिंक, विटामिन बी, प्रोबायोटिक्स और विटामिन डी से भी भरपूर होता है, जो कि अल्जाइमर जैसे रोगों से बचाव में मदद करता है। इसके अतिरिक्त, दही आसानी से पच भी जाता है।
हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, केल, ब्रोकली और अन्य सब्जियां ब्रेन बूस्टर है। ये खाद्य पदार्थ फोलेट और बी 9 में उच्च होते हैं, जो अवसाद को कम करते हैं। ब्रोकली बुजुर्गों में सोचने समझने की शक्ति में कमी लाते हैं। यह विटामिन के का अच्छा स्रोत है, जो संज्ञानात्मक कार्य को बढ़ाने और दिमागी शक्ति में सुधार करने के लिए जाना जाता है। तो, 40 के बाद इन फूड्स के सेवन से आप हेल्दी रह सकते हैं। साथ ही कई बीमारियों से बच सकते हैं।
मछली का ओमेगा 3 हमेशा से ही ब्रेन बूस्टर माना गया है। इसका प्रोटीन और पॉली सैचुरेटेड फैटी एसिड ब्रेन से जुड़ी बीमारियों की संभावना को कम करती है और मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद है। मछली खाने से मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है जो कि संज्ञानात्मक कौशल यानी कि सोचने और समझने की शक्ति में सुधार करता है। सार्डिन, मैकेरल, हेरिंग, टूना और सैल्मन फैटी मछलियों में से हैं जो ओमेगा -3 फैटी एसिड में हाई हैं और आपको इनको खाना चाहिए।