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Written By: Jitendra Gupta | Updated : December 3, 2020 12:01 PM IST
दूध को ज्यादा देर उबलाने से कम हो जाते हैं ये 3 पोषक तत्व, जानें कितने तापमान पर और दूध को उबालने का सही तरीका
अक्सर ऐसा कहा जाता है दूध को उबाल (boiled milk) कर पीना आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है। आप चाहे स्वास्थ्य या फिर अन्य कारणों से दूध उबालते हों लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि आपके दूध उबालने (boiled milk) का तरीका दूध को प्रभावित कर सकता है। वास्तव में उबले हुए दूध की न्यूट्रिशनल वैल्यू और स्वास्थ्य लाभ, पैकेट बंद दूध की तुलना में अलग होते हैं। इस लेख में हम आपको उबले हुए दूध के पोषक तत्वों और फायदों के बारे में बता रहे हैं साथ ही आपको इस बात को जानने में आसानी होगी कि दूध पीने से पहले आप दूध को उबालें (boiled milk) या फिर नहीं।
गाय के दूध को हमेशा लगभग 203 ° F या फिर 95 ° C पर ही उबालना चाहिए। इसका मतलब ये है कि अगर आप कुछ ऐसा बना (पका या बेक ) रहे हैं, जिसमें दूध डालना है तो उसमें उबला हुआ दूध (boiled milk) न डालें क्योंकि व्यंजन को तैयार करने के दौरान दूध अपनेआप ही उस तापमान पर पहुंच जाएगा।
कुछ लोग बैक्टीरिया को मारने और खाद्य जनित बीमारियों को रोकने के लिए भी दूध उबालते हैं। हालांकि, यह अनावश्यक है।
इस बात को सभी जानते हैं कि दूध एक बहुत ही पौष्टिक पेय पदार्थ है। इसमें उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन, कार्ब्स और फैट का संतुलित मिश्रण होता है। यह कई महत्वपूर्ण विटामिन और खनिजों की आपूर्ति भी करता है। 1 कप (237 mL) फुल क्रीम दूध से आपको मिलने वाले पोषक तत्व हैं ये:
कैलोरी: 146
प्रोटीन: 8 ग्राम
कार्ब्स: 11.4 ग्राम
फैट: 8 ग्राम
कैल्शियम: 300 मिलीग्राम (दैनिक मूल्य का 23% (डीवी))
राइबोफ्लेविन: 0.337 मिलीग्राम (डीवी का 26%)
विटामिन डी: 2.68 एमसीजी (डीवी का 13%)
फास्फोरस: 246 मिलीग्राम (डीवी का 20%)
विटामिन बी 12: 1.32 एमसीजी (डीवी का 55%)
कच्चे और गर्म दूध में विटामिन और खनिज सामग्री में परिवर्तन की जांच में ये पाया गया कि नियमित पाश्चरराइजेशन तापमान में पोषक तत्वों की मात्रा में ज्यादा परिवर्तन नहीं होता है।
बी विटामिन (थायमिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, फोलिक एसिड, बी 6, और बी 12) प्रकाश और गर्मी जैसे कारकों के प्रति संवेदनशील होते हैं। गर्मी के संपर्क में आने पर इस विटामिन की प्रभावशीलता कम हो जाती है।
एक अध्ययन में ये पाया गया कि उबलते दूध (boiled milk) के विटामिन कंटेंट में बदलाव आ जाता है। अध्ययन में ये भी पाया गया कि उबले हुए दूध में बी विटामिन का लेवल कम से कम 24% कम हो गया है। इसके साथ ही फोलिक एसिड में 36% की कमी देखी गई।
दूध अधिकांश लोगों की डाइट में बी विटामिन का कोई महत्वपूर्ण स्रोत नहीं है, लेकिन राइबोफ्लेविन इसका एक अपवाद है।
राइबोफ्लेविन अन्य बी विटामिन के साथ काम करता है, जो आपके द्वारा खाए गए भोजन को ऊर्जा में बदलने का काम करता है। राइबोफ्लेविन की कमी होना बहुत ही दुर्लभ है, क्योंकि आप इसे कई खाद्य पदार्थों से प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन फिर भी, दूध राइबोफ्लेविन का एक प्रमुख स्रोत है, खासकर बच्चों के आहार में। दूध उबालने से राइबोफ्लेविन की मात्रा 27% कम हो जाती है।
उबला हुआ दूध (boiled milk) पीने के कई फायदे और नुकसान भी हैं। दूध उबाल कर पीने से आपको कम राइबोफ्लेविन और पाचन योग्य प्रोटीन मिलेगा, लेकिन आपको इसे पीने से अच्छा फैट जरूर प्राप्त हो सकता है। लैक्टोज इंटोलरेंस और दूध से एलर्जी वाले लोगों के लिए उबला हुए दूध बेहतर होता है क्योंकि उन्हें इसे पचाना आसान हो जाता है।
दूध को उबालने के लिए हमेशा धीमी आंच रखें और गर्म होने तक दूध को हिलाएं। सुनिश्चित करें कि आप इसे जरूरत से ज्यादा न उबालें। जैसे ही आपको दूध में बुलबुले दिखाई दें, जो कि उबलने का संकेत हैं तभी गैस को बंद कर दें। अगर आप इसे ठंडा होने तक हिलाते हैं तो इसके ऊपर मलाई बनने की संभावना कम रहेगी।