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खड़े होकर पीना चाहिए दूध या बैठकर? आधे से ज्यादा लोग करते हैं दूध पीते वक्त ये गलती तभी नहीं बनती सेहत, जानें सही तरीका
क्या आप दूध पीते हैं? आपको खड़े होकर दूध पीना पसंद है या फिर बैठकर? अक्सर होता क्या है कि जब हमें जल्दी होती है तो फटाफट दूध का गिलास उठाते हैं और उसे गटगट पी जाते हैं लेकिन जब आप फ्री होते हैं तो आप बैठकर ही दूध पीते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दोनों में से दूध पीने का सही तरीका कौन सा है। अक्सर लोग इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति में रहते हैं कि दूध खड़े होकर पीना चाहिए, या फिर बैठकर? दरअसल आपके दूध पीने का तरीका है आपकी सेहत को काफी हद तक प्रभावित करने का काम करता है। आइए जानते हैं क्या है दूध पीने का सही तरीका, जिससे मिले आपको ज्यादा फायदा।
दूध पीने के ढेर सारे फायदे हैं, जिसके बारे में हममें से ज्यादातर लोग भलीभांति जानते हैं, आइए एक बार नजर डाल लेते हैं दूध पीने के फायदों परः
1-दूध में मौजूद कैल्शिम आपके दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।
2-दूध में पाई जाने वाली पोटेशियम की मात्रा आपके दिल के स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने में मदद करती है।
3-दूध में पाया जाने वाला विटामिन डी कोशिकाओं की अप्राकृतिक वृद्धि को रोकने में मदद करता है, जिससे कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
4-दूध में मौजूद पोषक तत्वों के सेवन से शरीर में सेरोटोनिन का रिसाव होता है, जो आपकी टेंशन को कम कर आपको खुश महसूस कराने में मदद करता है।
5-दूध से शरीर को नैचुरल फैट प्राप्त होता है, जो शरीर पर चर्बी नहीं बढ़ाता बल्कि आपको हेल्दी फैट देता है।
हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि जब भी आप दूध पिएं तो कभी भी बैठ कर दूध न पिएं क्योंकि ऐसा करने से दूध आपके संपूर्ण शरीर तक नहीं पहुंचता बल्कि आधे हिस्से में ही फैल पाता है, जिससे शरीर के सभी अंगों को पोषक तत्व प्राप्त नहीं होते हैं। इसलिए सिटिंग पोस्चर को हमेशा स्पीड ब्रेकर के रूप में जाना जाता है लेकिन जब आप खड़े होकर दूध पीते हैं तो दूध आपके सभी अंगों तक पहुंचता है और इससे असानी से अवशोषित किया जा सकता है। खड़े होकर दूध पीने से शरीर के सभी अंगों को जरूरी पोषक तत्व प्राप्त होते हैं।
अगर आप खड़े होकर दूध पीते हैं तो आपको ज्यादा परेशानी नहीं होगी लेकिन जब आप बैठकर दूध पिएंगे तो दूध के पोषक तत्वों को सभी अंगों तक पहुंचने में बाधा आएगी और दूध हमारे शरीर के ऐसोफेगस के निचले हिस्से में रुक जाएगा। इस वजह से आपको गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफलक्स सिंड्रोम (Gastroesophageal Reflux Syndrome) जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है, जिसे अंग्रेजी भाषा में जीईआरडी (GERD) भी कहा जाता है।
अगर आपके बड़े-बूढ़े कह रहे हैं कि बेटा बैठकर दूध पियो तो उनकी बात को नजरअंदाज न करें। बस ये तरीका आजमाएं ताकि आपको जरूरी पोषण प्राप्त हो। आप दूध को जल्दबाजी में एक बार में ही न गटक जाए बल्कि छोटे-छोटे घूंट लें। इस तरीके से दूध पीने पर आपको पेट की किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी। इस तरीके से दूध पीने पर आपके पेट में भी ऐंठन नहीं होती है।