हार्ट के मरीजों के लिए क्यों खास हैं ये 4 प्रकार के आटे की रोटियां, सही सेवन से कम हो जाएगा हार्ट अटैक का खतरा

हार्ट अटैक जानलेवा स्थितियों से बचने के लिए डाइट का सही होना भी जरूरी है, इस लेख में हम आपको बताएंगे ऐसे ही कुछ खास आटे के बारे में जिसकी रोटियां खाना हार्ट अटैक के खतरे को कम करने में मदद कर सकती है।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : February 20, 2024 9:51 AM IST

भारत में हार्ट के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है और इसका मुख्य कारण हमारा खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान है। हमारे हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए हमारी डाईट की अहम भूमिका रहती है और इसलिए उसे मेंटेन करके रखना बहुत ज्यादा जरूरी है। यही कारण है कि हार्ट अटैक आने के बाद डॉक्टर भी सबसे ज्यादा हमारे खान पान पर ध्यान देने की ही सलाह देते हैं। हमारी रोजाना की डाइट में गेहूं की रोटी भी शामिल होती है। गेहूं की रोटी हेल्दी होती है, लेकिन रोजाना इसका सेवन करना आपकी हेल्थ के लिए एक अच्छा विकल्प नहीं हो सकता है। इसलिए कभी-कभी अलग-अलग चीजों के आटे की रोटियों का सेवन करना भी अच्छा विकल्प माना जाता है। इस लेख में आज हम आपको 4 ऐसे आटे की रोटी के बारे में जानकारी देंगे जिसके खाने से आप अपने दिल को स्वस्थ रख सकते है।

1. अलसी की रोटी (Alsi ki roti)

अलसी के बीज में कई प्रकार के विटामिन होते हैं जो हमारे ब्लड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के मददगार साबित होते है। अलसी की रोटी का सेवन हार्ट और ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए काफी फायदेमंद है, जिसका सेवन जरूर किया जाना चाहिए।

बनाने की विधि - अलसी के 50 ग्राम बीज को धीमी आंच में भून लें और उसके बाद उसे ठंडा होने पर इसे मिक्सर जार में डालकर पीस लें. बीजों का पाउडर को तीन भागों में बांटे और इसमें एक कप आटा मिलाकर गूंद ले. जितनी रोटी खानी है उस हिसाब से बनाएं और खाएं

2. बाजरे की रोटी (Bajre ki roti)

बाजरे की रोटी का राजस्थान में सबसे ज्यादा प्रचलन है बाजरे में मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो हार्ट के रोगियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।

बनाने की विधि - बाजरे के आटे को पानी में गूंथ लें और उसके बाद उसे 30 मिनट के लिए छोड़ दें बाजरे का आटा बेहद ही नरम होता है इसलिए आप इसमें थोड़ा गेहूं का आटा भी मिला सकते हैं।

3. मक्के की रोटी (Makki ki roti)

मक्के के आटे में विटामिन ए, बी और ई के साथ कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हार्ट को हेल्दी रखने में मदद करते हैं। साथ ही मक्का में ओमेगा-3 फैटी एसिड भी होता है जो कोलेस्ट्रॉल को कम कर कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का खतरा कम करता है।

बनाने की विधि - आप इसको गेहूं की रोटी की तरह ही बनाकर खा सकते हैं या फिर आप इसे गेहूं के आटे में भी मिक्स कर सकते हैं।

4. बादाम की रोटी (Badam ki roti)

बादाम के आटे में कुछ ऐसे फैट पाये जाते है जो आपके हृदय के बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मददगार साबित हो सकते है इसे खाने वालों को हार्ट अटैक से लेकर हार्ट फेल्योर आदि हृदय से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है।

बनाने की विधि - वैसे तो बादाम का आटा बाजार में आसानी से उपलब्ध है लेकिन इसे आप घर पर भी बना सकते है सबसे पहले बादाम को उबालें और उसके छिलके जब ऊपर तैरने लगे तो उसे छान कर सुखा लें, अच्छी तरह से सूखने के बाद उसका पाउडर बना लें इस आटे की आप रोटी बना सकते है।