
... Read More
Written By: Anshumala | Updated : February 17, 2021 7:56 AM IST
Image credits by: सरसों के प्रकार, उनमें मौजूद पोषक तत्व और सरसों के बीजों को चबाने के सेहत लाभ के बारे में जानें।
Benefits of Mustard Seeds in Hindi: सरसों के बीजों (Mustard seeds in hindi) को आप कई तरह से इस्तेमाल करते होंगे जैसे किसी खास रेसिपी, सब्जी में तड़का लगाना, पेस्ट बनाकर सब्जी में डालना आदि। साथ ही, सरसों के बीजों का तेल (सरसों का तेल) सबसे ज्यादा भारतीय घरों में इस्तेमाल किया जाता है। सर्दियों में आप सरसों का साग भी खूब खाते होंगे, पर आज हम बात करेंगे सरसों के बीजों के सेवन से होने वाले फायदों (Mustard seeds ke fayde in hindi) के बारे में। जी हां, सरसों के बीजों को चबाने से भी सेहत को काफी फायदे होते हैं। सरसों के कई प्रकार (Types of Mustard in hindi) होते हैं, जैसे पीली, काली और भूरी सरसों। भूरी या काली दिखने वाली सरसों को राई भी कहते हैं। ये पीली सरसों के दानों (sarso ke beej) से आकार में थोड़ी छोटी होती है। राई को अचार में डालते हैं और पीली सरसों के बीजों और फूलों से तेल निकाला जाता है। आइए जानते हैं सरसों के बीजों को चबाने से क्या फायदे (Benefits of Mustard Seeds in Hindi) होते हैं।
सरसों के बीजों में कैलोरी काफी कम होती है। इनमें पोषक तत्वों की बात करें, तो ये बीज कैरोटीनॉएड, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-सेप्टिक, फाइटोकेमिकल्स, मिनरल्स जैसे मैग्नीशियम, कॉपर, सेलेनियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, पोटैशियम आदि गुणों से भरपूर होती हैं। साथ ही इनमें, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन ए, बी, ई भी होते हैं। फाइटोकेमिकल्स कई गंभीर रोगों जैसे डायबिटीज, कैंसर, हार्ट डिजीज आदि से बचाते हैं। पीली सरसों में फॉस्फोरस, जिन्क अधिक होता है, जो शरीर में मौजूद टॉक्सिन्स को नष्ट करते हैं। ये बीज शरीर को कई तरह के इंफेक्शंस से भी बचाती हैं।
सरसों के तेल का सेवन करना सेहत के लिए सबसे बेस्ट है। जितना यह तेल शुद्ध होगा, उतना ही इसके फायदे भी होंगे। ठीक इसी तरह जब आप थोड़ा सा सरसों के बीजों को चबाकर खाते हैं, तो इससे दिल स्वस्थ रहता है। इससे आर्टरीज चौड़ी होती हैं, इनमें ब्लॉकेज नहीं होता है। हार्ट डिजीज जैसे हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट होने का रिस्क भी कम हो जाता है।
एंटी-सेप्टिक, एंटीबैक्टीरियल तत्वों से भरपूर सरसों के बीज स्किन से संबंधित बीमारियों जैसे दाद, खाज, खुजली को भी दूर (Mustard Seeds benefits in Hindi) करती है। यह वजह है कि वर्षों से सरसों के तेल से शरीर की मालिश की जाती है। इससे त्वचा स्वस्थ रहती है। सरसों के बीजों को पानी में फुला लें और इसे चबाकर खाएं। आप इसका पेस्ट बनाकर दाद, खुजली वाली जगह पर भी लगा सकते हैं।
सरसों के बीजों में कुछ ऐसी प्रॉपर्टीज होती हैं, जो नर्व्स को शांत करती हैं। यह नर्वस सिस्टम को हील करने के साथ ही नर्व्स को सक्रिय भी बनाती हैं।
यदि आपको सर्दी-जुकाम है, तो इन बीजों को चबाकर खाएं। यह सीने में कफ के कारण हुए कंजेशन को भी कम करते हैं। खांसी, जुकाम, फ्लू, गले में दर्द जैसी समस्याओं (Mustard seeds ke fayde in hindi) को ठीक करते हैं।
बुखार कम नहीं हो रहा है, तो सरसों के बीजों को चबाएं। इससे शरीर से पसीना निकलेगा, जिससे बुखार धीरे-धीरे कम होने लगता है। शरीर में मौजूद हानिकारक पदार्थों को भी बाहर निकालता है।
जब आप पीली सरसों का सेवन करते हैं, तो मेटाबॉलिज्म बूस्ट होती है। साथ ही इससे पाचन शक्ति भी दुरुस्त होती है।यह सलाइवा के निर्माण को भी बढ़ता है। पीली सरसों के बीजों (Sarso ke beej ke fayde in hindi) में एंटीसेप्टिक, एंटी-फंगल तत्व होने के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) भी स्ट्रॉन्ग होती है। आधा चम्मच भी आप पीली सरसों का सेवन करते हैं, तो पेट संबंधित रोग जैसे पेट में दर्द, ऐंठन, कब्ज, डायरिया आदि ठीक हो सकता है। चूंकि, इसमें फाइबर होता है, जो कब्ज से बचाता है।
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.