
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : May 29, 2024 2:01 PM IST
Mulberry Benefits in Hindi : गर्मियों में तरबूज, लीची जैसे फलों के साथ-साथ कई ऐसे फल भी आते हैं, जो सेहत के लिए जबरदस्त होते हैं। इन फलों के बारे में बहुत ही कम लोग जाते हैं, इन फलों में शहतूत भी है। शहतूत एक ऐसा फल है, जो स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। इस छोटे से काले रंग के फल से आप फल ब्लड शुगर से लेकर कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं को दूर कर सकते हैं। इसके अलावा यह आपके पाचन स्वास्थ्य को भी बढ़ावा दे सकता है। आइए जानते हैं शहततूत खाने से सेहत को होने वाले फायदे क्या हैं?
डायटीशियन कामिनी सिंहा का कहना है कि शहतूत में काफी कम कैलोजी होती है, प्रति 100 ग्राम शहतूत में लगभग 43 कैलोरी होता है। इसमें कई हेल्दी फाइटोन्यूट्रिएंट यौगिकों होते हैं, जिसमें पॉलीफेनोल एंटीऑक्सिडेंट, खनिज, विटामिन, लिपिड, प्रोटीन, डायट्री फाइबर और काफी पानी होता है। इसके साथ-साथ शहतूत विटामिन के और विटामिन सी का समृद्ध स्रोत है और इसमें थोड़ी मात्रा में विटामिन ए और विटामिन ई होता है।
इनमें राइबोफ्लेविन भी होता है। ये आयरन का बहुत अच्छा स्रोत हैं। साथ ही इसके सेवन से आपके शरीर को पोटेशियम, मैंगनीज, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, सोडियम और जिंक जैसे खनिजों का अच्छा स्रोत हैं। इनमें एंथोसायनिन काफी अधिक मात्रा में होता है। इनमें रेस्वेराट्रोल और ज़ेक्सैन्थिन भी होते हैं।
शहतूत में डायट्री फाइबर होता है, जो मल त्याग को आसान बनाता है। इससे आप पाचन में सुधार करने में मदद कर सकते हैं। परिणामस्वरूप वे कब्ज, सूजन और पेट में ऐंठन जैसी राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं। अगर आप पाचनतंत्र को बढ़ावा देना चाहते हैं, तो इसका सेवन करें। यह शरीर के वजन को घटाने में काफी हद तक प्रभावी हो सकता है।
शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए आप शहतूत का सेवन कर सकते हैं। आप शहतूत की चाय और शहतूत की पत्ती का अर्क पी सकते हैं। इससे हृदय डिजीज से बचाव किया जा सकता है।
शहतूत में एल्कलॉइड होते हैं, जो मैक्रोफेज को एक्टिव करने में सहायक होते हैं। इसके सेवन से आप प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करते हैं, जिससे स्वास्थ्य खतरों से बचाव किया जा सकता है। इतना ही नहीं, शहतूत में विटामिन सी भी होता है, जो प्रतिरक्षा को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण पोषक तत्व है।
सफेद शहतूत में कुछ ऐसे केमिकल्स होते हैं, जो टाइप 2 डायबिटीज के इलाज में उपयोग हो सकते हैं। ये यौगिक शुगर को तोड़कर और उन्हें ब्लड में अवशोषित होने करने में मददगार होता है। इससे शुगर लेवल को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
शहतूत में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट ब्लड वेसेल्स को कोमल और चौड़ा रखकर उनके कामकाज को बढ़ाने में मदद कर सकता हैं। नतीजतन, ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर किया जा सकता है। इतना ही नहीं, यह हृदय और शरीर के अन्य हिस्सों में रक्त का प्रवाह को बेहतर कर सकता है।
शहतूत में विटामिन सी और एंथोसायनिन जैसे- एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, यह मुक्त कणों से लड़ने और समय से पहले स्किन को बूढ़ा होने से रोक सकता है। ये एंटीऑक्सिडेंट कोलेजन उत्पादन को भी बढ़ावा दे सकते हैं, जो स्किन की लोच में सुधार कर सकता है और झुर्रियों और फाइन-लाइंस को कम करने में प्रभावी होता है।