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Written By: Atul Modi | Updated : September 22, 2023 7:01 AM IST
Benefits of Bitter Gourd For Blood Purification: बहुत कम लोगों की पसंदीदा सब्जी है, क्योंकि यह अपने कड़वेपन की वजह से यह बहुत कम लोगों को पसंद आती है, लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि, करेला एक बेहतरीन सब्जी है क्यों कि इसमें कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं। हर उम्र के लोगों को करेले के कड़वेपन को नजरअंदाज करना चाहिए और इसका सेवन करना चाहिए। करेले में एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटीपैरासाइटिक और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं। इसके अलावा करेले में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल्स गुण रक्त को शुद्ध (रक्त शोधक) करते हैं जिसका लाभ अच्छी त्वचा के रूप में मिलता है। करेला विभिन्न प्रकार के चर्म रोग जैसे एग्जिमा, सोरायसिस और दाद-खाज से छुटकारा दिलाते हैं। आप नियमित रूप से करेले की सब्जी का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा करेले का जूस का सेवन करना भी फायदेमंद है। इसका कड़वापन दूर करने के लिए करेले के रस में नींबू का रस और अन्य सब्जियों के रस को शामिल कर सकते हैं।
करेले में चार्नटिन (इंसुलिन से मिलते-जुलते पेप्टाइड्स) और एल्कलॉइड के महत्वपूर्ण स्तर की उपस्थिति डायबिटीज मैनेजमेंट में एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में कार्य करती है। यह मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने के अलावा ब्लड शुगर लेवल में अचानक वृद्धि को नियंत्रित करता है। यह एक शक्तिशाली हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट के रूप में कार्य करता है और घुलनशील फाइबर से भरपूर होता है, जो इसे मधुमेह रोगियों के लिए एक आदर्श सब्जी बनाता है।
करेला एंटीऑक्सीडेंट का पावरहाउस है और यह शरीर में कई संक्रमणों से लड़ने में मदद करता है। ये एंटीऑक्सिडेंट शरीर में मेटाबॉलिज्म के दौरान निकलने वाले मुक्त कणों और अन्य खतरनाक यौगिकों की खोज करते हैं और उन्हें नष्ट कर देते हैं और किसी भी बीमारी को पैदा करने से रोकते हैं। अपने आहार में करेले को शामिल करने से हृदय रोग, किडनी की क्षति और लीवर की समस्या सहित विभिन्न बीमारियों से लड़ने की आपकी संभावना बढ़ जाती है।
कई अध्ययन साबित करते हैं कि करेला अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और राइनाइटिस जैसी श्वसन स्थितियों से राहत देता है। इसके एंटी-हिस्टामाइन, सप्रेसेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एक्सपेक्टरेंट और एंटी-वायरल गुण इसे श्वसन स्वास्थ्य के लिए एक आदर्श बूस्टर बनाते हैं।
करेले में मौजूद मजबूत सूजन रोधी गुण इसे बवासीर की दर्दनाक स्थिति के लिए एक अच्छा लोशन बनाते हैं। सूजन को कम करने, दर्द और रक्तस्राव से राहत पाने के लिए करेले के पौधे की जड़ से बने पेस्ट को बाहरी रूप से लगाया जा सकता है। इसके अलावा करेले का जूस पीने से बवासीर से तुरंत राहत मिलती है।
करेले का नियमित सेवन त्वचा की चमक बनाए रखने और दाग-धब्बों से मुक्त रखने में मदद करता है। करेले के रक्त शुद्ध करने वाले गुण मुंहासों को रोकते हैं और एक्जिमा, सोरायसिस और अन्य त्वचा संक्रमण जैसे त्वचा रोगों का इलाज करते हैं।