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नट्स, अनाज और बीज को पानी में भिगोकर खाना क्यों होता है हेल्दी, जानें कारण, भिगोने का सही तरीका

कई तरह के सीड्स, नट्स, ग्रेन्स फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट, कार्बोहाइड्रेट आदि से भरपूर होते हैं। इन्हें पानी में भिगोकर खाने से सेहत को कई तरह से लाभ होते हैं....

नट्स, अनाज और बीज को पानी में भिगोकर खाना क्यों होता है हेल्दी, जानें कारण, भिगोने का सही तरीका
नट्स, बीज और अनाज को पानी में भिगोकर खाने के फायदे...

Written by Anshumala |Updated : July 27, 2021 11:25 PM IST

नट्स या ड्राई फ्रूट्स, बीज यानी सीड्स, अनाज ये सभी कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इन्हें खाने के कई सेहत लाभ होते हैं। हालांकि, कुछ लोग इन्हें कच्चा, भूनकर, स्प्राउटेड भी खाते हैं, लेकिन जब आप अनाज, बीज और सूखे मेवों या नट्स का सेवन पानी में भिगोकर करते हैं, तो इनमें मौजूद पौष्टिक तत्व बढ़ जाते हैं। कई तरह के सीड्स, नट्स, ग्रेन्स फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट, कार्बोहाइड्रेट, अमीनो एसिड आदि से भरपूर होते हैं। इन्हें खाने से ना सिर्फ आप कई रोगों से बचे रह सकते हैं, बल्कि त्वचा और बालों की सेहत और खूबसूरती भी बढ़ती है। इन अनाज, नट्स और ड्राई फ्रूट्स जैसे किशमिश, काजू, बादाम, चना, सोयाबीन, मूंग आदि को रात में ही पानी में भिगोकर रख दें और सुबह इनका खाली पेट सेवन करें।

नट्स के दानों और बीजों में पाए जाने वाले पोषाहार अवरोधकों (Nutritional inhibitors) और विषाक्त पदार्थों को भिगोने से कम या खत्म किया जा सकता है। ये अवरोधक और विषाक्त पदार्थ एंजाइम अवरोधक (enzyme inhibitors), फाइटेट्स या फाइटिक एसिड (phytic acid), पॉलीफेनॉल्स (टैनिन) और गोइट्रोजेंस हैं। जानें, ड्राई फ्रूट्स, सीड्स, कुछ अनाज को पानी में भिगोकर खाने से कैसे लाभदायक होते हैं....

नट्स, बीज, अनाज को किन चीजों में भिगो सकते हैं?

आन नट्स, बीज, अनाज आदि को सादे पानी में तो भिगो ही सकते हैं। इसके साथ ही नमक वाले पानी, गर्म पानी जिसमें एसिडिक चीज जैसे नींबू का रस या फिर दही मिला हो। इससे 7 से 24 घंटे के अंदर एंजाइम अवरोधक निष्प्रभावी हो जाते हैं और एंटी-पोषक तत्व टूट जाते हैं। फिर इनमें से स्प्राउट निकलने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

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कितनी देर भिगोएं पानी में नट्स, सीड्स?

गर्म अम्लीय पानी में कम से कम सात घंटे भिगोने से अनाज में फाइटिक एसिड (phytic acid) का एक बड़ा हिस्सा बेअसर हो जाता है। अनाज को रात भर भिगोने से उनमें मौजूद पोषक तत्व और भी अधिक बढ़ जाते हैं। अनाज (जैसे फ्लोर प्रोडक्ट्स) को आप कम से कम बारह घंटे के लिए कमरे के तापमान पर भिगो सकते हैं, लेकिन जब आप इसे 24 घंटे भिगोकर रखते हैं, तो परिणाम बेहतर हो सकते हैं।

नट्स, अनाज और बीजों को क्यों भिगोना चाहिए?

इन्हें पानी में भिगोने से टैनिन्स हटते हैं।

फाइटिक एसिड कम होते हैं।

एंजाइम अवरोधक न्यूट्रलाइज होता है।

फायदेमंद एंजाइम्स का निर्माण होता है।

इससे विटामिन खासकर विटामिन बी की मात्रा में वृद्धि होती है।

ग्लूटेन को तोड़ने और पाचन को आसान एवं बेहतर बनाने के लिए।

शरीर में मिनरल्स की कमी और हड्डियों के नुकसान को रोकने के लिए।

कई तरह की बीमारियों और शारीरिक समस्याओं से बचाव के लिए।

कोलोन से टॉक्सिन बाहर निकालने और कोलोन को साफ रखने के लिए।

नट्स, बीज और अनाज को पानी में भिगोकर खाने के फायदे

1. इससे शरीर में टैनिन नहीं जाता है। कुछ नट्स और सीड्स जैसे बादाम के छिलके में टैनिन होता है। बादाम को पानी में रातभर भिगोकर रखने से छिलके हट जाते हैं और फायदे दोगुने हो जाते हैं।

2. फाइटिक एसिड के साइड एफेक्ट्स कम हो जाते हैं, जब नट्स, सीड्स, अनाज को पानी में भिगोकर रखा जाता है। इनके छिलके में फाइटिक एसिड मौजूद होता है। यह एसिड सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं और शरीर में जिंक, आयरन की कमी हो सकती है।

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3. एंजाइम अवरोधकों को खत्म किया जा सकता है। एंजाइम जैसे मेटाबॉलिक एंजाइम और डाइजेस्टिव एंजाइम सेहत के लिए जरूरी होते हैं। कुछ अनाज, बीजों और नट्स में ऐसे एंजाइम्स भी होते हैं, जो इन दोनों तरह के एंजाइम्स के कार्य में रुकावट डालते हैं। जब पानी में भिगोकर नट्स, सीड्स का सेवन किया जाता है, तो नुकसान पहुंचाने वाले एंजाइम्स निष्क्रिय हो जाते हैं।

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