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नसों में घुला बैड कोलेस्ट्रॉल निकल जाएगा शरीर से बाहर, बस रोटी बनाते समय उसमें मिला दें ये 1 पीली चीज

कोलेस्ट्रॉल लेवल अगर नियंत्रित नहीं होता तो इससे हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है और स्ट्रोक या हार्ट अटैक जैसी गम्भीर स्थितियों से बच पाना बहुत मुश्किल हो सकता है।

नसों में घुला बैड कोलेस्ट्रॉल निकल जाएगा शरीर से बाहर, बस रोटी बनाते समय उसमें मिला दें ये 1 पीली चीज

Written by Sadhna Tiwari |Updated : November 6, 2023 5:31 PM IST

How to control bad cholesterol levels: बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल के बारे में आपने भी सुना ही होगा, आज कोई भी व्यक्ति इन शब्दों से अनजान नहीं है। शरीर में जब बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्स से अधिक हो जाता है तो यह आपके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। बता दें कि हाई कोलेस्ट्राल आपकी हार्ट हेल्थ पर सीधा प्रभाव डालता है। कोलेस्ट्रॉल लेवल अगर नियंत्रित नहीं होता तो इससे हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है और स्ट्रोक या हार्ट अटैक जैसी गम्भीर स्थितियों से बच पाना बहुत मुश्किल हो सकता है। (effects of uncontrolled bad cholesterol levels)

कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं जैसे-खान-पान से जुड़ी गलत आदतें, लिवर में एंजाइम्स बनने की क्षमता, जेनेटिक्स और मोटापा। हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए लोगों को अपनी डाइट पर ध्यान देने की सलाह सबसे पहले दी जाती है। बता दें कि एनिमल फैट, चिकन, अंडे का पीला भाग, चीज और मक्खन जैसी चीजों से बहुत अधिक बढ़ सकता है। इसीलिए, एक्सपर्ट्स और डाइटिशियन द्वारा सबसे पहे इन्हीं चीजों का सेवन बंद करने की सलाह दी जाती है। वहीं, रोजमर्रा के खाने में भी छोटे-मोटे बदलाव करने से आपको कोलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल करने में सहायता होती है। ऐसा ही एक बदलाव है आपकी रोटी का आटा चेंज करना। जी हां, हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीज रोजाना गेहूं की रोटी बनाते समय उसमें थोड़ा-सा चने का आटा या बेसन मिलाएं तो इससे उनको अपनी कंडीशन कंट्रोल करने में काफी मदद हो सकती है।

क्या बेसन है कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में मददगार? (Is besan effective in controlling bad cholestrols)

बेसन एक प्रकार का पौष्टिक आटा है जो चने (chane ka atta) को पीसकर बनाया जाता है। जैसा कि चने डाइटरी फाइबर, विटामिंस और आयरन का एक बेहतरीन स्रोत (nutrients in chana or bengal gram) है। बेसन का सेवन करने से आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है जो आपको वजन घटाने में भी मदद करता है और यह फैट को पचाने में भी शरीर की मदद करता है। जब आप गेहूं के आटे में बराबर मात्रा में बेसन मिलाकर रोटी बनते हैं तो इससे रोटी की पौष्टिकता तो बढ़ती ही है। साथ ही प्रोटीन और डाइटरी फाइबर (dietary fiber) का लेवल भी आपकी रोटी में बढ़ जाता है। ये दोनों ही ब्लड शुगर लेवल (blood sugar levelcs) और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने का काम करते हैं। इन सबके अलावा बेसन खाने से स्वास्थ्य को ये लाभ भी मिलते हैं-

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  1. यह कमजोरी दूर करता है क्योंकि, बेसन में आयरन की मात्रा अधिक होती है।
  2. एनिमिया के मरीजों के लिए बेसन का सेवन अच्छा माना जाता है।
  3. बेसन को डाइट में शामिल करने से जोड़ों के दर्द से भी राहत मिलती है।
  4. बेली फैट कम करने और वजन को नियंत्रित रखने में भी बेसन फायदेमंद है।
  5. बेसन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स मीडियम लेवल का होता है जो इसे डायबिटीज मरीजों के लिए अच्छा फूड साबित करता है।