हेल्दी ऑर्गन्स के लिए रितेश-जेनेलिया ने छोड़ा नॉन वेज खाना, जानें मांसाहार करने के नुकसान

अभिनेता रितेश देशमुख ने बताया कि, "मैंने नॉन-वेज, ब्लैक कॉफी और एयरेटेड ड्रिंक्स का सेवन अब  बंद कर दिया हैं। मैं अपनी बॉडी को हेल्दी रखना चाहता हूं। ताकि, इससे जब मेरे ऑर्गन्स को डोनेट करने का समय आये तो मेरे अंग स्वस्थ रहें। मैं चाहता हूं कि लोग कहें कि  'जाते जाते हेल्दी ऑर्गन्स छोड़ कर गया है'।"

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : October 7, 2020 9:11 PM IST

अभिनेता रितेश देशमुख (Riteish deshmukh) ने घोषणा की है कि उन्होंने मांसाहार मतलब नॉन-वेजिटेरियन फूड खाना पूरी तरह से बंद कर दिया है।  रितेश ने नॉन-वेज (Non-Vegetarian Food) भोजन के साथ  ब्लैक कॉफी और एयरेटेड ड्रिंक्स (Aerated Drinks) पीना भी छोड़ दिया है।  बता दें कि,   साल 2020 की शुरूआत में रितेश देशमुख ने उनकी पत्नी और अभिनेत्री जेनेलिया डिसूजा के साथ अपने अंगों को दान (Organ Donation) करने का भी संकल्प लिया था।

अंगों को स्वस्थ रखने के लिए रितेश-जेनेलिया ने छोड़ा नॉन वेज:

बागी 3 फ़िल्म के अभिनेता रितेश देशमुख ने बताया कि, "मैंने नॉन-वेज, ब्लैक कॉफी और एयरेटेड ड्रिंक्स का सेवन अब  बंद कर दिया हैं। मैं अपनी बॉडी को हेल्दी रखना चाहता हूं। ताकि, इससे जब मेरे ऑर्गन्स को डोनेट करने का समय आये तो मेरे अंग स्वस्थ रहें। मैं चाहता हूं कि लोग कहें कि  'जाते जाते हेल्दी ऑर्गन्स छोड़ कर गया है'।"

अभिनेता ने आगे कहा कि, "मैं और जेनेलिया ने कुछ वर्षों पहले अंग दान करने के बारे में सोच रहे थे। लॉकडाउन में हमें यह सोचने के लिए बहुत वक़्त मिला कि हमें इस दिशा में क्या करना चाहिए। बदकिस्मती  से हमें इस विषय में ज़्यादा पास बहुत जानकारी नहीं थी कि इसके लिए कहां जाना चाहिए या इसकी प्रक्रिया क्या है। एक दिन हम दोनों ने एक वीडियो बनाने का फैसला किया और कहा कि हम जो भी अंग संभव हो दान करना चाहते हैं।"

नॉन-वेजिटेरियन डायट खाने के नुकसान:

  • वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार, नॉन वेज खाने से शरीर को उतना ही नुकसान होता है, जितना कि स्मोकिंग से होता है।
  • पकाया हुआ मांस खाने से कैंसर का रिस्क बढ़ता है।
  • वेजिटेरियन लोगों की तुलना में नॉन-वेजिटेरियन भोजन खाने वाले लोगों के लिए कई बीमारियों का खतरा ज़्यादा होता है। खासकर, डायबिटीज़, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, लीवर डिज़िज़ेज़, आर्थराइटिस, अल्सर और दिल की बीमारियों का खतरा ऐसे लोगों को बहुत अधिक होता है।
  • नॉन-वेज खाने से डिप्रेशन, गुस्सा और तनाव जैसी परेशानियां अधिक होती हैं।
  • जैसा कि नॉन-वेज भोजन में अधिक तेल और मसाले का प्रयोग होता है। जिससे पाचन तंत्र पर अधिक प्रेशर पड़ता है। इससे, पेट की समस्याएं हो सकती हैं।