आयुर्वेदिक आहार : पांच सुपरफूड डेली डाइट में जरूर करें शामिल

शरीर को रोग मुक्त रखने के लिए हेल्दी डाइट के बारे में आप जानते ही हैं, लेकिन आयुर्वेदिक डाइट (Ayurvedic Diet) शरीर को मजबूती के साथ रोगों से लड़ने की क्षमता भी देती है. भारतीय खान-पान में आयर्वेद का विशेष महत्व है. आयर्वेदिक आहार का सेवन कई रोगों से बचाता भी है.

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : August 12, 2019 1:51 PM IST

खान-पान की बात जब आती है तो भारतीय भोजन को विश्वभर के लोग पसंद करते हैं. भारत में आयुर्वेद का प्रभाव भी बहुत अधिक है. भारतीय खान-पान में भी आयुर्वेद का असर है और कई फूड आयुर्वेदिक आहार (Ayurvedic Diet) के तौर पर जाने जाते हैं. भारतीय आयुर्वेद के अनुसार अगर आप अपने शरीर के अनुसार खान-पान करते हैं तो बहुत कम बीमार होते हैं. आयुर्वेद में शरीर की तीन ऊर्जाओं के बारे में बात की जाती है. इन ऊर्जाओं को शरीर दोष भी कहा जाता है. वात, पित्त और कफ के नाम तो आप भी जानते ही हैं. वात अर्थात वायु और अंतरिक्ष से शरीर का संबंध है. आयुर्वेद में पित्त को अग्नि औ जल को शामिल किया जाता है. इसी प्रकार कफ को पृथ्वी और जल से संबंधित मानते हैं.

भारतीय दर्शन में छिति जल पावक गगन समीरा, पंच रचित अति अधम सरीरा का भी उल्लेख है. आयुर्वेद के अनुसार अगर हम इन पांच तत्वों और तीन ऊर्जाओं को ठीक से समझ लें तो बीमारियां हमेशा दूर रहती हैं.

Ayurvedic Diet Five Foods you must include in your daily diet in Hindi

आयुर्वेद के अनुसार जब आहार गलत होता है, तो दवा का कोई फायदा नहीं होता है. जब आहार सही होता है, तो दवा की कोई जरूरत नहीं होती है. अगर आप भी सेहत को अच्छा रखने के लिए आयुर्वेदिक आहार अपनाना चाहते हैं, तो हम यहां पर कुछ खास आयुर्वेदिक डाइट (Ayurvedic Diet) के बारे में बता रहे हैं.

देसी घी का सेवन 

भारतीय आयुर्वेद देसी घी को सुपरफूड के तौर पर मान्यता देता है. आयुर्वेद के अनुसार देसी घी का सेवन शरीर के लिए बहुत जरूरी है. पाचन तंत्र को बेहतर करने के साथ शरीर से विषाक्त पादर्थों को भी बाहर करने का काम करता है. मल त्याग को भी आसान करने का काम देसी घी करता है. देसी घी का सेवन मधुमेह रोगी भी कर सकते हैं.

गुनगुना पानी 

सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने के फायदे के बारे में आप जानते ही हैं. यह भी एक तरह से भारतीय आयुर्वेद का ही सिद्धांत है. गर्म पानी पीने के बहुत सारे फायदे आप भी जानते हैं. आयुर्वेद के अनुसार हर घंटे थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी चुस्की की तरह पीते रहना चाहिए.

अदरक का सेवन 

खान-पान में अदरक का इस्तेमाल हम सभी करते हैं. भारत में मौसम बदलता रहता है. बदलते मौसम में बीमारियों का खतरा भी बढ़ता रहता है. इंफेक्शन से बचने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए अदरक का सेवन बहुत फायदेमंद होता है. अदरक का सेवन पाचन तंत्र को बेहतर करने के साथ महिलाओं को मासिक धर्म के दर्द से भी छुटकारा दिलाने का काम करता है.

जीरा एक आयुर्वेदिक औषधि 

वजन कम करने के लिए जीरा का घरेलू उपाय आप पढ़ते ही रहते हैं. यह भी एक आयुर्वेदिक नियम ही है. भारतीय आयुर्वेद के अनुसार रोजाना जीरा का सेवन सेहत के लिए लाभदायक होता है.

शरीर को विशेष लाभ देने के लिए जीरे को दो तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है. पहला यह है कि एक चम्मच जीरा रात में पानी में भिगोकर रख दें. सुबह उठकर इस पानी को उबालकर या ऐसे भी पी सकते हैं. दूसरा तरीका यह है कि गर्म पानी में भूनकर पीसे हुए जीरे को मिलाकर पीया जाए.

गुनगुना दूध 

भारतीय खान-पान में दूध का विशेष महत्व है. आयुर्वेद के अनुसार गर्म दूध का सेवन ही सेहत के लिए फायदेमंद है. ठंडा दूध पचने में थोड़ा कठिन होता है. रात में सोने से पहले गुनगुना या गर्म दूध पीने से अच्छी नींद के साथ पाचन तंत्र भी ठीक रहा है. दूध में शरीर को सभी तरह के पोषण देने की क्षमता भी होती है.

उपरोक्त सभी सुपरफूड एक आयुर्वेदिक डाइट (Ayurvedic Diet) के तौर पर जाने जाते हैं. इन फूड को आप आसानी से डेली डाइट में शामिल किया जा सकता है.

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