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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : August 12, 2019 1:51 PM IST
पांच आयुर्वेदिक सुपरफूड डेली डाइट में जरूर करें शामिल. ©pixabay
खान-पान की बात जब आती है तो भारतीय भोजन को विश्वभर के लोग पसंद करते हैं. भारत में आयुर्वेद का प्रभाव भी बहुत अधिक है. भारतीय खान-पान में भी आयुर्वेद का असर है और कई फूड आयुर्वेदिक आहार (Ayurvedic Diet) के तौर पर जाने जाते हैं. भारतीय आयुर्वेद के अनुसार अगर आप अपने शरीर के अनुसार खान-पान करते हैं तो बहुत कम बीमार होते हैं. आयुर्वेद में शरीर की तीन ऊर्जाओं के बारे में बात की जाती है. इन ऊर्जाओं को शरीर दोष भी कहा जाता है. वात, पित्त और कफ के नाम तो आप भी जानते ही हैं. वात अर्थात वायु और अंतरिक्ष से शरीर का संबंध है. आयुर्वेद में पित्त को अग्नि औ जल को शामिल किया जाता है. इसी प्रकार कफ को पृथ्वी और जल से संबंधित मानते हैं.
भारतीय दर्शन में छिति जल पावक गगन समीरा, पंच रचित अति अधम सरीरा का भी उल्लेख है. आयुर्वेद के अनुसार अगर हम इन पांच तत्वों और तीन ऊर्जाओं को ठीक से समझ लें तो बीमारियां हमेशा दूर रहती हैं.
आयुर्वेद के अनुसार जब आहार गलत होता है, तो दवा का कोई फायदा नहीं होता है. जब आहार सही होता है, तो दवा की कोई जरूरत नहीं होती है. अगर आप भी सेहत को अच्छा रखने के लिए आयुर्वेदिक आहार अपनाना चाहते हैं, तो हम यहां पर कुछ खास आयुर्वेदिक डाइट (Ayurvedic Diet) के बारे में बता रहे हैं.
भारतीय आयुर्वेद देसी घी को सुपरफूड के तौर पर मान्यता देता है. आयुर्वेद के अनुसार देसी घी का सेवन शरीर के लिए बहुत जरूरी है. पाचन तंत्र को बेहतर करने के साथ शरीर से विषाक्त पादर्थों को भी बाहर करने का काम करता है. मल त्याग को भी आसान करने का काम देसी घी करता है. देसी घी का सेवन मधुमेह रोगी भी कर सकते हैं.
सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीने के फायदे के बारे में आप जानते ही हैं. यह भी एक तरह से भारतीय आयुर्वेद का ही सिद्धांत है. गर्म पानी पीने के बहुत सारे फायदे आप भी जानते हैं. आयुर्वेद के अनुसार हर घंटे थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी चुस्की की तरह पीते रहना चाहिए.
खान-पान में अदरक का इस्तेमाल हम सभी करते हैं. भारत में मौसम बदलता रहता है. बदलते मौसम में बीमारियों का खतरा भी बढ़ता रहता है. इंफेक्शन से बचने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए अदरक का सेवन बहुत फायदेमंद होता है. अदरक का सेवन पाचन तंत्र को बेहतर करने के साथ महिलाओं को मासिक धर्म के दर्द से भी छुटकारा दिलाने का काम करता है.
वजन कम करने के लिए जीरा का घरेलू उपाय आप पढ़ते ही रहते हैं. यह भी एक आयुर्वेदिक नियम ही है. भारतीय आयुर्वेद के अनुसार रोजाना जीरा का सेवन सेहत के लिए लाभदायक होता है.
शरीर को विशेष लाभ देने के लिए जीरे को दो तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है. पहला यह है कि एक चम्मच जीरा रात में पानी में भिगोकर रख दें. सुबह उठकर इस पानी को उबालकर या ऐसे भी पी सकते हैं. दूसरा तरीका यह है कि गर्म पानी में भूनकर पीसे हुए जीरे को मिलाकर पीया जाए.
भारतीय खान-पान में दूध का विशेष महत्व है. आयुर्वेद के अनुसार गर्म दूध का सेवन ही सेहत के लिए फायदेमंद है. ठंडा दूध पचने में थोड़ा कठिन होता है. रात में सोने से पहले गुनगुना या गर्म दूध पीने से अच्छी नींद के साथ पाचन तंत्र भी ठीक रहा है. दूध में शरीर को सभी तरह के पोषण देने की क्षमता भी होती है.
उपरोक्त सभी सुपरफूड एक आयुर्वेदिक डाइट (Ayurvedic Diet) के तौर पर जाने जाते हैं. इन फूड को आप आसानी से डेली डाइट में शामिल किया जा सकता है.
तनाव कम करने के आयुर्वेदिक टिप्स.
प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को कम करने वाले फूड जानने के लिए वीडियो देखें
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