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World Psoriasis Day 2021 : 29 अक्टूबर को पूरी दुनिया में 'वर्ल्ड सोरायसिस डे' (World Psoriasis Day) हर साल मनाया जाता है। सोरायसिस (Psoriasis) एक त्वचा से संबंधित रोग है, जिसमें त्वचा पर एक मोटी परत जम जाती है। सोरायसिस (Psoriasis in Hindi) एक अनुवांशिक बीमारी है। इसमें त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते उभर आते हैं, जिसमें जलन और खुजली भी होती है। यह शरीर की त्वचा के अलावा स्कैल्प, हथेलियों, तलवों, कोहनी, घुटनों और पीठ पर भी होता है।
अनुवांशिक और इम्यून सिस्टम के कमजोर होने से सोरायसिस अधिक होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, पर्यावरण भी एक बड़ा कारण है, जिसके कारण यह बीमारी किसी को भी हो सकती है। सर्दियों के मौसम में स्किन ड्राई होने से यह बीमारी अधिक परेशान करती है। सोरायसिस से पीड़ित जो लोग हैं, वो अच्छी तरह से दवा लेने के साथ ही इसके लक्षणों (Psoriasis Symptoms) को कम करने के लिए अपने खानपान का भी विशेष ध्यान रखें। डाइट में बदलाव करें। उन चीजों का सेवन करें, जो सोरायसिस के लक्षणों को बढ़ाने की बजाय कम करते हैं। जानें, कुछ खाद्य पदार्थों के बारे में जिसे सोरायसिस से पीड़ित लोगों को कभी नहीं खाना चाहिए।
रेड मीट में पालीअनसैचुरेटेड फैट होता है, जिससे जलन और खुजली तो अधिक होती ही है, साथ ही सोरायसिस के ठीक होने की संभावना को और कम कर सकते हैं। यदि आपको यह समस्या है, तो इसके सेवन से बचें।
अल्कोहल का सेवन इंफ्लेमेशन को बढ़ा देता है, जिससे सोरायसिस गंभीर रूप ले सकता है। अगर आप स्किन की इस समस्या से पीड़ित हैं, तो अल्कोहल से पूरी तरह परहेज करें।
डेयरी प्रोडक्ट्स में एराकिडोनिक एसिड नामक इंफ्लेमेटरी यौगिक और सेजिन नाम का प्रोटीन भी होता है, जो इंफ्लेमेशन को बढ़ा सकते हैं। बेहतर होगा कि आप किसी भी डेयरी प्रोडक्ट्स के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह ले लें।
सिट्रस फूड के सेवन से एलर्जिक रिएक्शन बढ़ जाते हैं, जिससे सोरायसिस में ज्यादा जलन होने लगती है। अगर आप सोरायसिससे पीड़ित हैं तो संतरे, नींबू जैसे फलों का सेवन न करें।
इसमें रिफाइंड स्टार्च और शुगर के अलावा अधिक मात्रा में सैचुरेटेड और ट्रांस फैट होता है। यदि आप इनका सेवन करेंगे, तो जलन और भी बढ़ सकता है। इसके अलावा, इनमें अधिक कैलोरी और ना के बराबर पोषक तत्व होते हैं, ऐसे में इनसे परहेज करना ही बेहतर होगा।
यदि आपको सोरायसिस है, तो आप जो भी खाते-पीते हैं, उससे काफी फर्क पड़ सकता है। हालांकि, यह कहना काफी मुश्किल है कि क्या किसी विशिष्ट आहार का पालन करने या कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करने से त्वचा पर होने वाली जलन दूर हो सकती है। लेकिन आप फलों, सब्जियों, लीन प्रोटीन और साबुत अनाज से भरपूर एक स्वस्थ आहार का सेवन करते हैं, तो यह आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकता है। साथ ही कुछ लोगों में सोरायसिस के लक्षणों को कम कर सकता है।
हरी पत्तेदार सब्जियां एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होती हैं, जो कोशिकाओं को सूजन से बचाते हैं। यह सोरायसिस के लक्षणों को कम करने में भी मदद कर सकता है। इसके अलावा, पत्तेदार साग कैलोरी में कम और फाइबर में उच्च होते हैं, इसलिए वे आहार के अनुकूल होते हैं। आप सलाद में अरुगुला (Arugula), सूप में केल (Kale) और पालक को भोजन में अधिक शामिल करने का प्रयास करें।
ये इंफ्लेमेशन को कम करते हैं। इम्यूनिटी को बूस्ट करते हैं। सप्ताह में दो बार आप मछली का सेवन करें। एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग एक हफ्ते में 6 आउंस वसायुक्त (Fatty Fish) मछली खाते हैं, उनमें सोरायसिस के लक्षण कम हो सकते हैं। साथ ही हार्ट डिजीज के होने के खतरे को भी कम करते हैं। मछली जैसे सैल्मन, अल्बकोर टूना, मैकेरल, सार्डिन अगर आपको फिश मार्केट, मॉल में उपलब्ध मिलती है, तो जरूर खरीद कर सेवन करें।
फाइबर युक्त साबुत अनाज सूजन को कम कर सकते हैं। साथ ही इनके सेवन से आपको दुबले-पतले रहने में भी मदद मिल सकती है। एक शोध से पता चला है कि वजन घटाने से भी सोरायसिस के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। साबुत अनाज से तैयार ब्रेड, अनाज, पास्ता, ब्राउन चावल का सेवन करें। क्विनोआ और जौ भी एक अन्य स्वादिष्ट विकल्प हो सकते हैं।
फलों में एंटीऑक्सिडेंट, फाइबर और अन्य विटामिन मौजूद होते हैं, जो सूजन को कम करते हैं। विभिन्न रंगों वाले फलों का सेवन करें। इन सभी फलों में कई तरह के पोषक तत्व मौजूद होते हैं। जामुन, चेरी और सेब में पॉलीफेनोल नामक एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, जबकि संतरे और खरबूजे में विटामिन सी अधिक होता है। अनानास में ब्रोमेलेन नामक एक एंटी-इंफ्लेमेटरी एंजाइम होता है। ये सभी सोरायसिस के लक्षणों को कंट्रोल में रख सकते हैं।
यदि आपको सोरायसिस की समस्या है, तो आप किसी अन्य तेल में खाना पकाने की बजाय जैतून के तेल (Olive Oil) में भोजन पकाएं। जैतून के तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी ओमेगा-3 फैट होता है। शोध से पता चला है कि जो लोग फल, सब्जियों, मछली, बीन्स और साबुत अनाज के साथ ही जैतून के तेल का सेवन करते हैं, उनमें सोरायसिस अधिक गंभीर रूप से नहीं होता है। यदि आपको जैतून का तेल पसंद नहीं तो आप फिर नट्स और एवोकाडो ऑयल से भी एंटी-इंफ्लेमेटरी ओमेगा-3 फैट प्राप्त कर सकते हैं। इन्हें सलाद में डालें या फिर इन तेलों में किसी फूड आइटम को फ्राई करके खाएं।
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