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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : March 12, 2019 5:03 PM IST
शोधकर्ताओं का मानना है कि कार्बन मोनोऑक्साइड शरीर के लिए जहर जैसा काम करता है। हुक्का पीने वालों में एक्सरसाइज करने की क्षमता लगातार घटती है। हुक्का पीने वालों का फेफड़ा जल्द कमजोर होता है जो कि कार्बन मोनोऑक्साइड के साथ अन्य विषैले कणों के कारण होता है।
हुक्का बार के नुकसान के बारे में जब आप बात करते हैं तो ज्यादातर युवाओं के द्वारा यह कहा जाता है कि यह सिगरेट पीने से कम खतरनाक या नुकसानदेह होता है। क्या यह बात सच है कि सिगरेट से कम नुकसानदेह होता है हुक्का ? इस बात को समझने के लिए आपको कुछ तथ्यात्मक बातों पर गौर करना चाहिए। क्या हुक्का में ऐसा कुछ होता है जो नुकसान नहीं पहुंचाता है ? क्या हुक्का में ऐसा कुछ होता है जो शरीर के लिए फायदेमंद होता है ? तो ज्यादातर लोगों का यही जवाब होगा ऐसा नहीं कहा जा सकता है।
हुक्का बार के बारे में नया शोध क्या कहता है ?
हाल ही में हुए एक शोध में यह पाया गया है कि हुक्का के नुकसान सिगरेट पीने से कम नहीं हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार ऐसा इसलिए है क्योंकि हुक्का बार में जब कोई हुक्का पीता है तो कम से कम 30 मिनट तक हुक्का पीता है। 30 मिनट तक लगातार कार्बन मोनोऑक्साइड शरीर के अन्दर जाता है जो कि सिगरेट से ज्यादा खतरनाक हो सकता है। हुक्का पीने से हार्ट की ब्लड सेल और वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है।
क्या लौंग फ्लेवर वाली सिगरेट हेल्थ के लिए कम नुकासनदायक है ?
शोधकर्ताओं का मानना है कि कार्बन मोनोऑक्साइड शरीर के लिए जहर जैसा काम करता है। हुक्का पीने वालों में एक्सरसाइज करने की क्षमता लगातार घटती है। हुक्का पीने वालों का फेफड़ा जल्द कमजोर होता है जो कि कार्बन मोनोऑक्साइड के साथ अन्य विषैले कणों के कारण होता है।
निकोटीन और कार्बनिक रसायन हैं खतरनाक
हुक्का में उपयोग किये जाने वाले निकोटीन पदार्थ के साथ वाष्पशील कार्बननिक रसायन, पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन, एक्रोलिन, लेड, कैडमियम और आर्सेनिक जैसे हानिकारक रसायन शरीर के अंदर जाते हैं जो हार्ट को बहुत ही बुरी तरह से प्रभावित करते हैं।
सिगरेट से ज्यादा खतरनाक है हुक्का
सर्कुलेशन पत्रिका में प्रकाशित इस शोध में यह बताया गया है कि हुक्का पीना सिगरेट से भी ज्यादा खतरनाक होता है। हुक्के में बहुत ज्यादा मात्रा में विषैले पदार्थ लंबे समय तक शरीर में जाते हैं जो हार्ट और फेफड़ों के लिए खतरनाक है। ई-सिगरेट अधिक पीने से बढ़ता है मुंह के कैंसर का खतरा।
सिगरेट के तंबाकू से ज्यादा खतरनाक है हुक्का तंबाकू
सिगरेट के तंबाकू से हुक्का का तंबाकू ज्यादा खतरनाक होता है। क्योंकि हुक्का के तंबाकू को बनाने के लिए कई तरह के फ्लेवर और रंग का उपयोग किया जाता है जो कई तरह के कैमिकल को बनाते हैं। फ्लेवर वाले तंबाकू से लेड और खतरनाक विषैले रसायन बनते हैं जो हार्ट के लिए खतरनाक साबित होते हैं।
क्या सिगरेट छोड़ने के लिए हुक्का पीना सही है ?
युवाओंं में एक धारण बन रही है कि सिगरेट छोड़ने के लिए हुक्का पीना ज्यादा सुरक्षित है। लेकिन इस शोध में यह पाया गया कि एक सिगरेट पीने के दौरान आप जितने खतरनाक पदार्थ शरीर में लेते हैं उससे कई गुना ज्यादा और खतरनाक पदार्थ हुक्का पीने के दौरान शरीर में जाते हैं। इसलिए यह धारणा कि हुक्का पीना सिगरेट पीने से ज्यादा सुरक्षित है यह बिल्कुल भी गलत है। तंबाकू और सिगरेट की लत छुड़ाने के लिए आज से ही आजमाएं ये 4 आयुर्वेदिक उपाय।
हुक्के में खतरनाक चेतावनी न होना भी एक मुख्य वजह
सिगरेट पीने से होने वाले खतरे के बारे में सिगरेट के पैक में लिखे होते हैं लेकिन हुक्का के साथ ऐसा अभी तक नहीं है। हुक्का में खतरनाक चेतावनी न होने के कारण लोगों को लगता है कि यह सेहत के लिए खतरनाक नहीं और इसका उपयोग करने लगते हैं। इससे बचने के लिए आपको इसके बारे में जरूरी समझ पैदा करने की जरूरत है।
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