International Women's Day 2022 : भारत में 57 फीसदी औरतों में खून की कमी,ऐसी होनी चाहिए एनिमिया से पीड़ित महिलाओं की डाइट

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार देश में 57 प्रतिशत महिलाओं, 15 से 49 वर्ष के बीच एनीमिक (रक्त हीनता से पीड़ित) होने का अनुमान है। हाल ही में किए गए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण इसकी पुष्टि करता है। (Anemia In Women In India)

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : March 8, 2022 1:10 PM IST

International Women's Day 2022 : अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जब पूरी दुनियां महिला को लेकर सजग है। उनके स्वास्थ्य, उनके विकास को लेकर चर्चा कर रही है। उस समय भी देश में 57 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया की शिकार हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार देश में 57 प्रतिशत महिलाओं, 15 से 49 वर्ष के बीच एनीमिक (रक्त हीनता से पीड़ित) होने का अनुमान है। हाल ही में किए गए राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण इसकी पुष्टि करता है। (Anemia In Women In India In Hindi)

मंत्रालय ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए विभिन्न आईईसी और व्यवहार परिवर्तन संचार (बीसीसी) गतिविधियों जैसे प्रभात फेरी, नुक्कड़ नाटक, समाचार पत्र विज्ञापन, रेडियो जिंगल्स, सेल्फी अभियान, घर-घर अभियान, क्षेत्रीय स्तर पर सामुदायिक कार्यक्रम आदि का संचालन किया।

महिलाओं के लिए एनिमिया एक बड़ा स्वास्थ्य संकट

आंकड़ों के अनुसार, भारत में महिलाओं में एनिमिया या खून की कमी की समस्या काफी वर्षों से बनी हुई है। इसके पीछे पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक और संतुलित डाइट ना मिल पाना सबसे बड़ा कारण है। आमतौर पर यह भी देखा गया है कि जो औरतें दिनभर अपने परिवार, बच्चों और घर के सदस्यों के लिए रसोई में खाना पकाने और उनकी सेहत का ख्याल रखने में व्यस्त होती हैं वे अपनी डाइट पर विशेष ध्यान नहीं देतीं। नतीजनत शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने लगती है और शरीर को स्वस्थ और मजबूत रखने वाली रेड ब्लड सेल्स का निर्माण कम होता है। बता दें कि यह लाल रक्त कणिकाएं ही हीमोग्लोबिन का स्तर निश्चित करती हैं और हीमोग्लोबिन की कमी के कारण शरीर में रक्त की कमी और ऑक्सीजन की आपूर्ति भी सही तरीके से नहीं हो पाती।

महिलाओं में एनिमिया के कारण

  • शरीर में आयरन की कमी
  • पीरियड्स के दौरान हेवी फ्लो
  • प्रेगनेंसी में पोषक तत्वों से भरपूर डाइट ना मिलने पर अधिकांश गर्भवती महिलाओं में एनीमिया का रिस्क बढ़ जाता है।
  • फॉलिक एसिड विटामिन बी 12 और विटामिन ए जैसे पोषक तत्वों की कमी
  • इंफेक्शन और
  • अनुवांशिक कारण

एनिमिया के लक्षण

  • थकान और कमजोरी
  • बार-बार चक्कर
  • त्वचा की रंगत सफेद होना
  • जीभ और नाखूनों का रंग सफेद होना
  • चलत-फिरते हुए सांस फूलने की समस्या
  • हार्टरेट बढ़ना
  • चेहरा और पैरों में सूजन

एनिमिया से बचाव के लिए किस तरह का खान-पान अपनाना चाहिए?

  • संतुलित डाइट लें जिसमें मौसमी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दूध और पोल्ट्री प्रॉडक्ट्स का समावेश हो।
  • अनार, गाजर, बीटरूट और शलजम जैसी सब्जियां और फल शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाने में मददगार माने जाते हैं।
  • पालक और चौलाई जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन से समृद्ध होती हैं। इन्हें अपनी डेली डाइट में शामिल करें।
  • अंकुरित अनाज शरीर को शक्ति देने और कमजोरी दूर करने के लिए उपयुक्त आहार माने जाते हैं। इन्हें सलाद, सब्जी और चाट में मिलाकर खा सकते हैं।
  • इसके साथ ही मटर के दाने, हरा चना और चने की पत्तियां और राजमा जैसे अनाज भी आयरन का अच्छा स्रोत हैं इनका नियमित सेवन करें।
  • मांसाहार करने वाले लोगों के लिए मछली, अंडा और चिकन जैसी चीजों का सेवन भी एनिमिया से पीड़ित लोगों के लिए अच्छा माना जाता है।

(आईएएनएस)

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