ग्लूटेन इंटॉलरेंस से हैं परेशान? तो खाएं इन 4 पारम्परिक आटे से बनी चीज़ें

ग्लूटेन इंटॉलरेंस समस्या से परेशान लोगों को गेंहूं से बनी चीज़ें खाने से मना किया जाता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : October 9, 2018 3:25 PM IST

ग्लूटेन इंटॉलरेंस एक ऐसी समस्या है जिसकी शिकायत इन दिनों बहुत-से लोग कर रहे हैं। इस समस्या से परेशान लोगों को गेंहूं से बनी चीज़ें खाने से मना किया जाता है। चूंकि गेंहूं के आटे से बनी रोटी, पूरी, पराठे और ब्रेड जैसी चीज़ें हमारे भोजन का मुख्य हिस्सा हैं इसीलिए अचानक या पूरी तरह से गेंहूं को अपनी डायट से हटाना मुश्किल है। हम यहां लिख रहे हैं कुछ ऐसी ही चीज़ों के बारे में जो आप गेंहूं के पर्याय के रुप में अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं-

  1. बाजरा : भारत के ग्रामीण इलाकों में बाजरे के आटे का प्रयोग प्रमुखता से किया जाता है। इसमें प्रोटीन, डाइटरी फाइबर और विटामिन बी की प्रचुर मात्रा होती है साथ ही यह आसानी से बहुत जल्दी हजम भी हो जाता है। यह पूरी तरह से ग्लूटेन फ्री है इसलिए आप इसे गेंहूँ के आटे की जगह पर इस्तेमाल कर सकते हैं।
  2. ज्वार : ज्वार के आटे में भी प्रोटीन, फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है साथ ही यह ग्लूटेन फ्री भी होता है। आप इस आटे को गेंहूं के आटे की जगह पर इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें आयरन और मैग्नीशियम भी अधिक मात्रा में होता है जिस वजह से इसका सेवन आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा।
  3. कुट्टू का आटा : इस आटे का प्रयोग मुख्य रूप से नवरात्र के दिनों में होता है लेकिन आप इसे अपनी रोजाना की डाइट में भी शामिल कर सकते हैं। यह पूरी तरह से ग्लूटेन फ्री होता है और जो लोग सीलिएक डिज़ीज़ से पीड़ित हैं उन्हें इसका सेवन अनिवार्य रूप से करना चाहिए। इसमें प्रोटीन और फ्लावोनोइड की भी अधिक मात्रा होती है और यह कैंसर से हमारा बचाव करती है।
  4. किनोवा : बाजार में आजकल रेड और वाइट दो रंगों में किनोवा उपलब्ध है जिसे आप गेंहूं की जगह पर इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें प्रोटीन, आयरन, जिंक और फाइबर की बहुत अधिक मात्रा होती है। इसलिए अब आप गेंहूं के आटे की बजाय किनोवा के आटे का सेवन करें।
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