टेंशन में भी रहना है कूल, तो हर रोज करें बद्ध पद्मासन

दिन की बेहतर शुरूआत के लिए जरूरी है कि पिछली रोज की टेंशन को भूल जाएं। तभी आप नई चुनौतियों और परफॉर्मेंस के लिए तैयार हो पाएंगे।

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Written By: Yogita Yadav | Updated : August 14, 2019 8:56 AM IST

पल में गुस्‍सा और पल में पछतावा। पहले छोटी सी बात पर ही बहुत परेशान हो जाना, ‍फि‍र वही बात गैरजरूरी लगने लगना। असल में ये सभी मानसिक अस्थि‍रता के संकेत हैं। क्षमता से अधिक कार्य करने अथवा अति महत्‍वकांक्षी होने पर इन समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है। अगर आप भी हैं मानसिक अस्थिरता से परेशान, तो बद्ध पद्मासन आपकी मदद कर सकता है। यह भी पढ़ें – एक आसन हर रोज : योगासन की पहली क्‍लास में जरूर करें ये दो क्रियाएं 

क्‍या है बद्ध पद्मासन

बद्ध पद्मासन संस्कृत का एक शब्द हैं जिसमें ‘बद्ध’ का अर्थ ‘बाध्य या बंद’ हैं और ‘पद्मा’ का अर्थ ‘कमल का फूल’ और “आसन” जिसका अर्थ “मुद्रा” होता हैं। बद्ध पद्मासन को अंग्रेजी में “लॉक लोटस पोज़” के रूप में भी जाना जाता हैं, क्योंकि इस आसन में आपका शरीर एक बंद कमल के सामान हो जाता हैं। बद्ध पद्मासन एक ध्यान हैं जो के शारीरिक और मानसिक स्थिरता बनाये रखता हैं।

बद्ध पद्मासन करने की विधि‍

बद्ध पद्मासन करने के लिए सबसे पहले आप फर्श पर पद्मासन या कमल की मुद्रा में बैठ जाएं, इसके लिए आप अपने दायें पैर को बाएं जांघ पर रखे और बाएं पैर को दाएं जांघ पर रखें, यह एक शास्त्रीय क्रॉस पैर वाली लोटस मुद्रा हैं। यह भी पढ़ें - डायबिटीज और गठिया को दूर रखने में भी मदद कर सकता है योग

इसके बाद अपने दोनों हाथों को पीछे की ओर ले जाएं विपरीत स्थिति में अपने अंगूठों को पकड़े अर्थात अपने दाएं हाथ से बाएं पैर के अंगूठे को पकड़े और बाएं हाथ से दाएं पैर के अंगूठे को पकड़ें।

अधिकांश लोगो को पहली बार इस मुद्रा को करने में पैर के अंगूठे को पकड़ने में कठिनाई होती हैं तो वो लोग एक महीने तक अर्द्ध पद्मासन बद्ध (Half Lotus) के साथ अभ्यास कर सकते हैं। एक आसन हर रोज : बस पंद्र‍ह मिनट करें ये प्राणायामबालों का सफेद होना रुक जायेगा

बद्ध पद्मासन में अपनी रीढ़ की हड्डी और सिर को एक सीधी रेखा में रखें।

इसमें आप आंखों को बंद या खुला भी रख सकते हैं। यह भी पढ़ें – एक आसन हर रोज : बच्‍चों के योगाभ्‍यास के लिए कौन सा समय होता है सही, सुबह या शाम ?

आप इस मुद्रा में कम से कम 30 सेकंड या इससे अधिक जब तक आप रह सकते हैं रहने का प्रयास करें।

अपनी सांस को सामान्य रखें।

इसके बाद आप अपने हाथों को छोड़ के पैर के लॉक को खोल दें, और धीरे-धीरे अपनी प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं।

लाभ

बद्ध पद्मासना हमारी मानसिक और शारीरिक स्थिरता को बढ़ता हैं जिससे दिमाग शांत रहता हैं और मानसिक शांति का अनुभव होता हैं। यह मुद्रा हमारे मस्तिष्क की ओर बहने वाली धारा का एक निश्चित प्रवाह बनाता हैं जो कि हमारे मन को शांत रखता हैं, बद्ध पद्मासन योग हमारे मन को ध्यान का उच्च अभ्यास करने के लिए फिट बनाता हैं।

बरतें ये सावधानियां 

  • अगर आपके घुटनों में दर्द रहता है या हाल ही में घुटनों की सर्जरी हुई है तो इस मुद्रा का अभ्यास न करें।
  • बद्ध पद्मासन उन लोगों को नहीं करना चाहियें जो लोग पीठ दर्द और कन्धों के दर्द से परेशान रहते हैं।
  • यदि आपके पैर में मोच हैं तो आप इस मुद्रा का को न करें।
  • गर्भवती महिलाओं को बद्ध पद्मासन नहीं करना चाहियें।
  • सभी प्रकार के आसन का अभ्यास और प्रदर्शन योगा शिक्षक के सामने करें।
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