
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 11, 2023 12:31 PM IST
How to identify fake diwali sweets: दिवाली जैसे त्योहारों पर लोग ढेर सारी मिठाइयां खरीदते हैं और एक-दूसरे को उपहार में भी मिठाइयां देते हैं। ऐसे में मिठाई कारोबारियों के लिए मुनाफा कमाने का अच्छा मौका भी होता है। भारी डिमांड और मुनाफे के लालच में नकली और मिलावटी मिठाइयां (fake diwali sweets) भी बाजार में धडल्ले से बेची जाती हैं। मावा और छेना से बनी मिठाइयों से लेकर लड्डूओं में भी मिलावट के मामले अक्सर देखने को मिलते हैं। वहीं, पुलिस और फूड एजेंसियों द्वारा हर साल छापेमारी में बहुत सारी नकली मिठाइयां बरामद भी की जाती हैं।
मिठाई में खराब क्वालिटी की चीजें जैसे सड़े हुए ड्राई फ्रूट्स, लकड़ी का बुरादा और कॉर्न स्टार्च वगैरह मिलाया जाता है वहीं, मेवा बनाते समय उसमें मैदा (maida) और वनस्पति घी जैसी चीजें मिला दी जाती हैं। जबकि, मिठाइयों पर चांदी का वर्क लगाने की जगह एल्युमिनियम लगा दिया जाता है। इसी तरह मिठाइयों में डिटर्जेंट, यूरिया और नकली घी (fake ghee) भी मिलाया जाता है। इस तरह से बनायी गयी मिठाइयां खाने से आपको कई तरह ही हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। पेट में दर्द (stomach pain) और उल्टी (vomiting) के अलावा फूड पॉयजनिंग जैसी समस्याएं नकली और मिलावटी मिठाइयां खाने से हो सकती हैं। इन समस्याओं से बचने और नकली मिठाइयों का पता लगाने के लिएd (testing food adulteration at home) आप इन तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं-
आयोडिन की 2-3 बूंदें मिठाई डालें। अगर मिठाई का रंग बदल जाए तो यह मिलावट का एक संकेत हो सकता है। इसी तरह अगर आप मिठाइयों के लिए मावा या खोआ खरीद रहे हैं तो देख लें कि वह सॉफ्ट हो और उसमें चिकनाई भी अधिक हो। दानेदार या सूखे टेक्सचर वाले मावे में मिलावट हो सकती है।
नकली कलर वाली मिठाइयों की पहचान करने के लिए आप मिठाई का एक टुकड़ा लेकर कुछ मिनट्स के लिए उसे अपने हाथ पर रखें। अगर मिठाई का रंग आपके हाथों में लग जाए तो वह मिठाई ना खरीदें।
कभी भी मिठाई खरीदने से पहले उसे थोड़ा चख लें। मिठाई अगर बहुत पुरानी होगी तो उसका स्वाद बदल गया होगा। इसी तरह पुरानी मिठाइयां सूखी-सूखी सी दिखायी देती हैं।