आम खाने से पहले पानी में भिगोना क्यों जरूरी होता है? जानिए 5 साइंटिफिक कारण
जैसे ही गर्मियां अपना प्रचंड रूप लेती है, वैसे ही फलों का राजा आम, हमें इन गर्मियों को एंजॉय करने के लिए आ जाता है। भारत में आम को गर्मियों के मौसम में डाइट का अहम हिस्सा माना जाता है। मीठी सी महक और मनोरम स्वाद हमें हमारे बचपन की गर्मियों की याद दिला देते हैं।
जब हम बचपन में गर्मियों की छुट्टियां मनाने दादी या नानी के घर जाते थे, तो हमारे अंदर काफी उत्साह हुआ करता था। ये वो समय था जिसे कोई भी अपनी जिंदगी में नहीं भुला सकता। उस वक्त हमारे घर जाने की ख़ुशी में दादी और नानी पानी में खूब सारे आमों को भिगोकर रखती थीं। इतना ही नहीं घर पर भी जब आम आता है, तो हमारी माएं भी आम को कम से कम आधे घंटे पानी में भिगोकर (Mangoes Soaked In Water) रखती हैं। ऐसा क्यों है, क्या आपने कभी सोचा है?
खाने से पहले आम को पानी भिगोकर रखने की सदियों पुरानी परंपरा रही है। आपको ऐसा करना भले ही बोरिंग लगता हो, लेकिन इसके गजब के फायदे भी होते हैं। जिनके बारे में शायद आप जानते भी ना हों। तो चलिए जान लेते हैं, कुछ साइंटिफिक रीजन, जो आम भिगोने की प्रथा का समर्थन करते हैं।
आम खाने से पहले पानी में क्यों भिगोते हैं - Why Are Mangoes Soaked in Water Before Eating?
यह पता चलता है कि, आम कृत्रिम रूप से पका है या नहीं
क्या आपने कभी सोचा है कि, आप जो भी आम खरीदते हैं, वो कृत्रिम रूप से पका हुआ है भी या नहीं? जानकारी के मुताबिक, कैल्शियम कार्बाइड के पाउच को अक्सर आम के टोकरे में रखा जाता है। यहां पर केमिकल प्रोसेस करता है और एसिटिलीन गैस पैदा करता है। जिससे कृत्रिम रूप से पकाने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। लेकिन आप आम को पानी की बाल्टी में भिगोकर पकाने के तरीके का आसानी से पता लगा सकते हैं। अगर आम डूबते हैं, तो वो स्वाभाविक रूप से पक चुके हैं। लेकिन अगर वो तैरते हैं, तो समझ लें कि उन्हें कृत्रिम रूप से पकाया गया है।
आम की गर्मी को मिलती है मात
आम शरीर की गर्मी को बढ़ाने के लिए जाना जाता है। जिससे मुंहासे और चकत्ते जैसी स्किन से जुड़ी समस्याएं होती हैं। इसके अलावा सिर में दर्द और मतली भी महसूस होती है। इससे आपको घबराने की जरूरत नहीं है। कम से कम आधे घंटे के लिए आमों को पानी में भिगोकर रखने से उनके अंदर मौजूद थर्मोजेनिक गुण कम हो जाते हैं। इसमें अनिवार्य रूप से गर्मी पैदा करने के गुण होते हैं। आम को भिगोकर खाने से शरीर की गर्मी स्थिर रहती है।
वजन कम करने में मिलती है मदद
आगर आपको लगता है कि, आम का मौसम शरीर से एक्स्ट्रा फैट कम करने में मुश्किल खड़ी कर सकता है, तो यहां आप गलत हैं। आम में फाइटोकेमिकल्स होते हैं। जो ज्यादा मात्रा में हानिकारक हो सकते हैं। लेकिन कम मात्रा में काफी फायदेमंद होते हैं। आम को पानी में भिगोने से फाइटोकेमिकल्स कंसंट्रेशन कम हो जाता है। जो शरीर में फैट को कम करने में मदद करता है और प्रभावी रूप से आपके वजन को कम करने में मदद करता है।
कीटनाशक और केमिकल्स होते हैं दूर
बाजार में आम को ऑर्गेनिक बताकर खूब बेचा जाता है। लेकिन वास्तव में इसमें ऑर्गेनिक जैसा कुछ भी नहीं होता। हालांकि एक फसल बाहरी रूप से कीटनाशक मुक्त हो सकती है, लेकिन वो जिस मिट्टी में उगाई जाती है, वह समान मानकों का पालन नहीं कर सकती। ज्यादातर मिट्टी में केमिकल्स के साथ उर्वरकों और कीटनाशकों की मिलावट की जाती है, जिससे यह जहरीले केमिकल्स फलों तक पहुंच जाते हैं।
ऐसे फूड्स का सेवन करने से सांस की नली में इंफेक्शन, आंख और स्किन में जलन और कैंसर होने के चांसेस बढ़ जाते हैं। फलों को पानी में भिगोने से ये रसायन निकल जाते हैं, जिसके बाद इनका सेवन सुरक्षित हो जाता है।
कुल मिलाकर आमों को पानी में भिगोकर रखने की इस पुरानी परम्परा का कनेक्शन साइंटिफिक भी है। जो ज्यादा हेल्दी और सुरक्षित है। इस वजह से ना सिर्फ हमें स्वादिष्ट, शानदार, गूदेदार और अद्भुत फल का आनंद लेने को मिलता है, बल्कि इस पुरानी परम्परा को संजोकर रखने की वजह भी मिलती है।