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हार्मोनल असंतुलन एक ऐसी सामान्य मेडिकल कंडीशन है, जिससे पुरुष और महिलाएं दोनों ही सामना करने के लिए मजबूर होते हैं। हालांकि बहुत से लोग अपने जीवन में कई बार हार्मोन से संबंधित समस्याओं का अनुभव करते हैं। इसलिए सभी को इनके लक्षणों और संकेतों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए, जो उनके शरीर में हार्मोनल समस्याओं की ओर इशारा करते हैं। हमारे शरीर में मौजूद हार्मोन यह निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाते हैं कि हम कैसा महसूस करते हैं, हम जीवन में आने वाली विभिन्न परिस्थितियों पर कैसे प्रतिक्रिया करते हैं और हमारा शरीर विभिन्न परिवर्तनों पर कैसा महसूस करता है। इन सभी समस्याओं में डॉक्टर की सलाह बहुत जरूरी होती है। हालांकि कभी-कभी, हमारे हार्मोन हमारे द्वारा खाए जाने वाले खाद्य पदार्थ से भी गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं। अगर आप अपने हार्मोन को संतुलित करने के लिए आसान भोजन विकल्पों की तलाश कर रहे हैं, तो इस लेख में हम आपको ऐसे 5 फूड्स के बारे में बता रहे हैं, जो हार्मोन संतुलन में आपकी मदद कर सकते हैं। तो आइए जानते हैं इन 5 फूड्स के बारे में।
ब्रोकली ढेर सारे स्वास्थ्य लाभ और पोषक तत्वों से भरपूर होती है, साथ ही ये एस्ट्रोजन संतुलन को बनाए रखने में भी मदद कर सकती है। ब्रोकली में कैल्शियम की अधिक मात्रा होने के कारण यह महिलाओं में प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) से भी राहत दिलाने का काम करती है। ये सिंड्रोम मूड स्विंग, टेंडर ब्रेस्ट, फूड क्रेविंग, थकान, चिड़चिड़ापन और अवसाद जैसे लक्षणों को बढ़ा सकता है। ब्रोकली के अलावा, गोभी परिवार की सब्जियां जैसे कि ब्रसेल्स स्प्राउट, बॉक चॉय और गोभी भी हार्मोनल संतुलन में आपकी मदद कर सकती हैं।
सैल्मन, मैकेरल जैसी फैट फिश न केवल आपके दिल को हेल्दी दिल बनाए रखने में मदद कर सकती हैं, बल्कि हेल्दी हार्मोन संतुलन भी सुनिश्चित करती हैं। फैटी फिश ओमेगा -3 जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जो महिलाओं में मासिक धर्म चक्र को विनियमित करने के लिए जाना जाती हैं। इतना ही नहीं यह पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) से भी निपटने में मदद करता है, जिससे हार्मोनल असंतुलन बिगड़ सकता है।
अगर आप हाल ही में बहुत अधिक तनाव का सामना कर रहे हैं, तो एवोकेडो के सेवन से आप अपने तनाव हार्मोन को संतुलित करने में मदद पा सकते हैं। इसके अलावा, एवोकाडो हाई कोलेस्ट्रॉल की संभावनाओं को भी कम कर सकते हैं और तो और स्ट्रोक के जोखिम को भी कम कर सकता है।
एंटीऑक्सिडेंट गुणों से समृद्ध अनार शरीर में एस्ट्रोजन के अत्यधिक उत्पादन को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके अलावा, अगर आप नियमित रूप से अनार का सेवन करते हैं तो यह एस्ट्रोजेन से जुड़े स्तन कैंसर के रूपों को भी रोकता है।
फ्लैक्स सीड्स यानी की अलसी के बीज लिग्नन्स का एक समृद्ध स्रोत हैं, जो पौधों में पाया जाने वाला फाइटोएस्ट्रोजन का एक प्रकार है। यह न केवल हार्मोन को संतुलित करने में मदद करता है, बल्कि इसमें मौजूद एस्ट्रोजेनिक और एंटी-एस्ट्रोजेनिक घटक महिलाओं को हार्मोन से संबंधित स्तन कैंसर से बचाने में भी मदद कर सकते हैं।