... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: Jitendra Gupta | Published : May 26, 2021 4:51 PM IST
वायरल होने पर क्या खाएं? वायरल होने पर डाइट में ये बदलाव, तेज करते हैं रिकवरी
Anti-Viral Foods in hindi: मौसम ऐसा है आपको कॉमन कोल्ड हो या फिर कोरोनावायरस, डर ऐसा बैठ जाता है कि इम्यूनिटी को बढ़ाने के अलावा हमारे पास कोई और उपचार बचता ही नहीं। हम सभी जानते हैं कि मजबूत इम्यून सिस्टम आपको सभी प्रकार के वायरल, फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण से बचाता है और बीमारी के जोखिम को कम करने में मदद करता है। शायद आप नहीं जानते होंगे कि हमारे आस-पास 5000 से ज्यादा प्रकार के वायरस हैं, जो गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। एक मामूली सा वायरस एक संक्रामक एजेंट के रूप में काम करता है, जो किसी भी जीवित कोशिका के अंदर जाता है और सभी कोशिकाओं को संक्रमित कर देता है। अगली बार या फिर आपको लगे कि कुछ वायरल जैसा है तो आप जोखिम को कम करने के लिए अपनी डाइट में कुछ एंटी-वायरल फूड्स को शामिल कर सकते हैं। ये आपकी इम्यूनिटी को सुपरचार्ज करेंगे और तेज रिकवरी में मदद करेंगे।
तुलसी का पौधा हर घर में पाया जाता है हालांकि इसकी कई किस्में हैं, जो देश के विभिन्न हिस्सों में पाई जाती हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि इन सभी में एंटीवायरल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। अगर आप सुबह उठकर तुलसी के कुछ पत्ते चबाते हैं तो आपका शरीर कई तरह के संक्रमण से लड़ने के लिए इम्यूनिटी को मजबूत देते हैं। बता दें कि तुलसी के अर्क में एपिजेनिन और उर्सोलिक एसिड होता है, जो दाद, हेपेटाइटिस बी और एंटरोवायरस से सुरक्षा देने में मदद करता है।
सौंफ के बीज ट्रांस-एनेथोल नाम के यौगिक से संपन्न होते हैं, जो दाद जैसे वायरस के खिलाफ काफी प्रभावी साबित होते हैं। इसका स्वाद काफी अच्छा होता है, जो आपकी इम्यूनिटी को बूस्ट करता है और शरीर में सूजन को कम करने के साथ-साथ वायरल संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकता है। सौंफ के बीज विटामिन ए, विटामिन सी और बीटा कैरोटीन से भी भरपूर होते हैं, जो सभी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। इतना ही नहीं सौंफ के बीजों को डाइट में शामिल करने से साइनस और श्वसन प्रणाली साफ हो सकती है।
लहसुन का प्रयोग बरसों से विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य बीमारियों के इलाज में होता आ रहा है। लहसुन इन्फ्लूएंजा ए और बी, एचआईवी, एचएसवी -1, वायरल निमोनिया और राइनोवायरस के खिलाफ प्रभावी हो सकता है, ऐसा कुछ अध्ययनों में बताया गया है। लहसुन में मौजूद शक्तिशाली यौगिक एलिसिन, क्वेरसेटिन एंटीवायरल संक्रमण गुणों को रोककर संक्रमण के जोखिम को कम करता है।
अदरक एक ऐसा सुपरफूड है, जो कई स्वास्थ्य बीमारियों के इलाज में फायदेमंद माना जाता है। अदरक में प्रभावशाली एंटीवायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो इन्फ्लूएंजा, आरएसवी, और फेलिन कैलिसीवायरस (एफसीवी) से लड़ने में मदद करते हैं। इसके अलावा, अदरक में जिंजरोल जैसे यौगिक भी होते हैं, जो शरीर में वायरस को बढ़ने से रोकता है।
हल्दी का प्रयोग सब्जी की सेहत को सुधारने के लिए किया जाता है लेकिन इस पीले मसाले में मौजूद औषधीय गुण जैसे एंटीऑक्सिडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीवायरल गुण कुछ प्रकार के वायरस को खत्म करने और संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। इस पोषक तत्व से भरपूर मसाले को अपनी डाइट में बड़ी आसानी से कर सकते हैं।