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किचन में ऐसी कई सब्जियां होती हैं जिनका इस्तेमाल हम हर दिन करते हैं, बल्कि कुछ सब्जियों के बिना हमारी डिश कम्प्लीट ही नहीं मानी जाती है। जिसमें से एक है प्याज। प्याज आपके खाने में जान डालने का काम करता है। इतना ही नहीं काफी लोग प्याज का सेवन सलाद के रूप में भी करते हैं। हालांकि प्याज नेचुरल भोज्य पदार्थों में से एक होता है, जो स्वास्थ्य पर काफी असर डालता है। प्याज की मदद से शरीर से जुड़ी कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, प्याज जीनस एलियम से सम्बंधित होता है। ज्यादातर लोग हर साल करीब 20 पाउंड्स प्याज का सेवन कच्चा, पकाकर या फिर आचार के रूप में करते हैं। पीले, लाल, सफ़ेद, बैंगनी, स्पेनिश और विदालिया जैसी वरायटी प्याज में सबसे ज्यादा खाई जाती है। प्याज के मौजूद पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें कुल फैट, संतृप्त फैट, ट्रांस फैट और कोलेस्ट्रोल की मात्रा 0 है, सोडियम 3 मिलीग्राम, पोटेशियम 0 मिलीग्राम, कुल कर्बोहाईड्रेट 7 ग्राम, डाइट्री फाइबर 1 ग्राम, चीनी 3 ग्राम, प्रोटीन 1 ग्राम होता है। इसके अलावा आपकी कैलोरी की जरूरतों के आधार पर आपके दैनिक मान ज्यादा या कम हो सकते हैं।
प्याज विटामिन समेत खनिज और फाइबर का काफी अच्छा खासा स्रोत होता है। जो कई तरह के हेल्थ बेनिफिट्स देने का काम करता है।
प्याज कई तरह के रसायनों का खजाना माना जाता है। जो कैंसर से लड़ने में मदद करता है। इसके अलावा प्याज में क्वेरसेटिन नाम का पोषक तत्व होता है, जो सबसे समृद्ध पोषक तत्वों में से एक होता है। इसका काम कैंसर पैदा करने वाले तत्वों की निर्माण को रोकना है। प्याज के सेवन से लंग्स कैंसर होने का खतरा कम रहता है।
प्याज में कार्बनिक सल्फर यौगिक होते हैं। इन यौगिकों की वजह से ही प्याज का स्वाद तीखा और तेज होता है। प्याज में कार्बनिक सल्फर यौगिक के तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर में कोलेस्ट्रोल के लेवल को कम करने में मदद करते हैं और खून के थक्कों को तोड़ने में भी मददगर होते हैं। साथ ही दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा भी कम होता है। प्याज को पकाकर खाने से अच्छा है कि कच्चा ही खाया जाए।
प्याज में क्वार्सेटिन और कार्बनिक सल्फर यौगिक दोनों इंसुलिन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं। जिस वजह से डायबिटीज के मरीजों के लिए प्याज का सेवन करना जरूरी होता है।
फ्लेवोनॉयड्स खास तौर से प्याज में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। शोध के मुताबिक जो लोग अपनी डाइट में फ्लेवोनॉयड्स को शामिल करते हैं, उन्हें अल्जाइमर बिमारी होने का खतरा कम रहता है।
प्याज खाने की सिर्फ एक ही समस्या का आपको सामना करना पड़ सकता है। वो है शरीर से आने वाली अप्रिय गंध। जो कुछ समय बाद खुद ब खुद चली जाती है। आप जब भी प्याज को तैयार करें, तो इस बात का ध्यान रखें कि, इसे परोसने के कुछ समय पहले ही तैयार करें। क्योंकि पहले से ही प्याज काट देने से गंध लंबे समय तक रह सकती है। प्याज को हर रोज खाने की सलाह दी जाती है। ताकि इससे शरीर स्वस्थ रहे।