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Written By: Atul Modi | Published : May 2, 2023 5:19 PM IST
‘गर्मियों के मौसम में पानी-पूरी, चाट और अन्य स्ट्रीट फूड बिलकुल मत खाना’ ये सलाह तो आपको भी आपके पैरेंट्स से जरूर मिली होगी। उनकी इस रोक टोक के पीछे कई कारण होते थे। जिन्हें कभी नहीं भुलाया जा सकता। पानी-पूरी का खट्टा तीखा पानी आपको बीमार कर सकता है। आज बड़े होने पर हमें इस बात का एहसास होता है कि, हमारे पैरेंट्स सही कहा करते थे। इसलिए इस बात को समझना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है कि, स्ट्रीट फूड गर्मी के पूरे मौसम में खाने से हमारी हेल्थ पर क्या असर डाल सकता है। गर्मी के इस मौसम में हमें स्ट्रीट फूड खाने से क्यों बचना चाहिए। जानने के लिए पढ़ें ये लेख।
स्ट्रीट फूड ज्यादातर खुले में बिकते हैं, और खुले में ही रखे जाते हैं। जिससे वो काफी हद तक अनहेल्दी हो जाते हैं। गर्मियों के दौरान नमी की वजह से खाने में कीटाणु पनपने लगते हैं। जिससे वो और भी ज्यादा गंदा हो जाता है। इस तरह के स्ट्रीट फूड को खाने से फ़ूड प्वाइंज होने का खतरा बढ़ जाता है।
समोसा, चाट और पकोड़े बेचने वाले स्टॉल पर गर्मियों के मौसम में भी रेफ्रीजरेटर नहीं होता। जिसके चलते ज्यादा गर्मी की वजह से खाना जल्दी और आसानी से खराब हो जाता है। जिसे खाने से वो बेस्वाद और असुरक्षित हो जाता है।
गर्मियों में ऐसे कई फूड्स की डिमांड बढ़ जाती है, जो ठंडे होने के साथ-साथ मन को सुकून देने वाले हों। लेकिन हमारे देश में स्ट्रीट फूड में ज्यादातर ऑयली, ग्रीसी और सुपर डिकेडेंट रेंज ही देखने को मिलती है। जो अक्सर एसिडिटी, खराब डाइजेशन, पेट में दर्द जैसी तमाम समस्याओं का कारण बनते हैं।
गर्मियों में जरूरत से ज्यादा मसालेदार स्ट्रीट फूड खाने से शरीर गर्म होने लगता है। जिससे डिहाइड्रेशन और शरीर में पानी का लेवल डिसबैलेंस होने लगता है।
निष्कर्ष: गर्मी में हमेशा हल्का और हेल्दी खाना खाने की सलाह दी जाती है। ऐसी स्थिति में जब हम बाहर का स्ट्रीट फूड खाते हैं, तो इससे हमारे पेट के साथ साथ पूरी हेल्थ पर काफी बुरा असर पड़ता है। स्ट्रीट फूड में कई सारी ऐसी चीजें मिलाई जाती हैं, जिनकी वजह से वो हमारी जुबान के लालच को तो शांत कर देती है, लेकिन पेट के लिए दिक्कत बढ़ा देती है। जिससे हम काफी ज्यादा बीमारी पड़ सकते हैं। अगर आप चाहते हैं, कि आपसे बीमारी कोसों दूर रहे तो, अपने पेरेंट्स की रोक-टोक को याद करते हुए, स्ट्रीट फूड को ‘नो’ कहने की आदत डाल लेने में ही भलाई है।