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Immunity Booster Superfood: जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उनमें बीमार होने की संभावन मजबूत इम्यूनिटी (Immunity) वाले लोगों के मुकाबले अधिक होती है। कोरोनावायरस के मामले में भी यही बात बार-बार एक्सपर्ट कह रहे हैं कि इम्यूनिटी कमजोर होने पर वायरस (Coronavirus) से संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। बीमार व्यक्ति, किसी रोग से पीड़ित, बुजर्ग, बच्चे आदि की इम्यूनिटी कमजोर होती है। ऐसे में इनके लिए सिर्फ एक ही सुझाव है कि वे अपने खानपान का खास ध्यान रखें। कुछ इम्यूनिटी बूस्टर सुपरफूड्स होते हैं, जिनका सेवन करने से कमजोर इम्यूनिटी वाले खुद को इस खतरनाक वायरस से सुरक्षित रख सकते हैं। आइए, जानते हैं 10 ऐसे इम्यूनिटी बूस्टर फूड्स (immunity booster superfood) जिन्हें इन दिनों हर किसी को अपने भोजन में शामिल करना चाहिए....
खट्टे फलों से भी कहीं ज्यादा विटामिन सी लाल शिमला मिर्च में होता है। लाल शिमला मिर्च में लगभग 3 गुना अधिक विटामिन सी एक संतरे में होता है। इसके साथ ही इसमें बीटा कैरोटीन भी अधिक होता है। बीटा कैरोटीन प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देता है, विटामिन सी त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है। बीटा कैरोटीन को शरीर विटामिन ए में परिवर्तित करता है। इससे आपकी आंखें और त्वचा स्वस्थ रहती हैं।
लहसुन का इस्तेमाल हम सभी हर दिन अपने भोजन में करते हैं, यह अच्छी आदत है, क्योंकि लहसुन खाना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। लहसुन संक्रमण से लड़ता है। यह आर्टरीज को भी सख्त होने से बचाता है, ब्लड प्रेशर को कम करता है। लहसुन में मौजूद सल्फर से भरपूर कम्पाउंड जैसे एलिसिन (Allicin) इम्यूनिटी बूस्ट करने का काम करता है। लहसुन को कच्चा खाएं या शहद के साथ खाएं, दोनों ही इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता है।
अदरक में मौजूद कई ऐसे तत्व होते हैं जो आपको बीमार होने से बचाते हैं। यह इंफ्लेमेशन को कम करता है, जिससे गले में खराश (Sore throat) और इंफ्लेमेटरी डिजीज से बचाव होता है। इसे खाने से जी मिचलाना, उल्टी जैसी समस्याएं भी रुक जाती हैं। इसमें कई एंटी-वायरल तत्व भी मौजूद होते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं।
हल्दी बहुत ही सेहतमंद मसाला है। इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। मुख्य कम्पाउंड करक्यूमिन मांसपेशियों को मजबूती देती है। ऑस्टियोअर्थराइटिस और रूमटॉएड अर्थराइटिस का इलाज करती है हल्दी। करक्यूमिन एक्सरसाइज के कारण होने वाले मांसपेशियों के नुकसान को कम करती है। साथ ही करक्यूमिन इम्यून बूस्टर और एंटीवायरल होती है।
पपीते में भी विटामिन सी भरपूर होता है। आप मीडियम आकार के पपीते में विटामिन सी की दैनिक जरूरतों की दोगुनी मात्रा पा सकते हैं। पपीते में पपैन (Papain) नामक पाचक एंजाइम एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव दिखाता है। पपीते में पोटैशियम, मैग्नीशियम और फोलेट की अच्छी मात्रा होती है, जो आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं।
पपीते की तरह, कीवी में कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जिनमें फोलेट, पोटैशियम, विटामिन के और विटामिन सी शामिल हैं। विटामिन सी संक्रमण से लड़ने के लिए सफेद रक्त कोशिकाओं को बढ़ाता है, जबकि कीवी के अन्य पोषक तत्व शरीर के बाकी हिस्सों को ठीक तरह से काम करते रहने में मदद करते हैं।
सूरजमुखी के बीज न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होते हैं। इसमें फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, विटामिन बी-6 और ई होते हैं। विटामिन ई इम्यून सिस्टम के कार्यों को बरकरार और रेगुलेट करने के लिए आवश्यक होता है। विटामिन ई के लिए आप एवोकाडो और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन भी कर सकते हैं। इसमें मौजूद सेलेनियम (Selenium) वायरल इंफेक्शन जैसे स्वाइन फ्लू को कम करने में मदद करते हैं।
पालक आयरन का मुख्य स्रोत होने के साथ ही इम्यूनिटी बूस्टर फूड्स के रूप में भी जाना जाता है। इसमें विटामिन सी भी अधिक होता है। पालक में एंटीऑक्सिडेंट, बीटा कैरोटीन होने के नाते प्रतिरक्षा प्रणाली को संक्रमण से लड़ने के खिलाफ मजूबत (Immunity Booster Superfood in hindi) बनाते हैं। पालक तब स्वास्थ्यप्रद अधिक होता है, जब इसे बेहद कम पकाया जाए। इससे, इसमें मौजूद पोषक तत्व बरकरार रहते हैं।
योगर्ट या दही खाते हैं, तो इसे बिना फ्लेवर्ड या चीनी के खाएं। इससे शरीर की इम्यूनिटी क्षमता बढ़ती है। मांसपेशियों में होने वाले दर्द और खिंचाव को कम करता है। आप दही में चीनी की जगह शहद और फलों के टुकड़े मिलाकर भी खा सकते (rog pratirodhak chhamta badhane ke liye kya khana chahiye) हैं। दही, विटामिन डी का मुख्य स्रोत होता है। विटामिन डी इम्यून सिस्टम को रेगुलेट करता है। कई क्लिनिकल ट्रायल किए जा रहे हैं, ताकि पता चल सके कि दही कोविड-19 में कितनी कारगर साबित हो सकती है।
ग्रीन या ब्लैक टी, दोनों ही फ्लैवोनॉएड्स से भरपूर होते हैं। साथ ही इसमें, काफी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट भी होता है, जो मेटाबॉलिज्म को बूस्ट कर वजन कम करता है। प्रतिदिन ग्रीन टी के सेवनसे कैलोरी भी कम होती है। इसमें कैटेचिन्स नामक तत्व होता है, जो इम्यून सिस्टम को बूस्ट करता है। इम्यून सिस्टम मजबूत होती है, तो आप कई ऑटोम्यून्यून बीमारियों से बचे रहते हैं।
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