Cold Diarrhea: सर्दियों में कोल्ड डायरिया का खतरा, जानें लक्षण और बचाव के उपाय

सर्दियों में बच्चों को कोल्ड डायरिया (Cold Diarrhea) होने का खतरा रहता है. हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार डायरिया या हैजा से बचने के लिए वैक्सिन कारगर होती है. सर्दी में होने वाले डायरिया या हैजा के कारण, लक्षण और इलाज के बारे में माता-पिता को पता होना चाहिए.

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : January 10, 2020 5:33 PM IST

ठंड के मौसम में कोल्ड डायरिया (Cold Diarrhea) होने का डर बना रहता है. सर्दियों में होने वाला डायरिया (Cold Diarrhea Symptoms) सामान्य हैजा से अलग होता है. कोल्ड डायरिया बच्चों को सबसे ज्यादा शिकार बनाती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सर्दियों में बच्चे सबसे ज्यादा कोल्ड डायरिया के शिकार होते हैं. बदलते मौसम का असर सबसे ज्यादा बच्चों पर होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सर्दियों में बच्चों की देखभाल का ध्यान रखकर कोल्ड डायरिया से बचाया जा सकता है. ठंड के मौसम में इम्यूनिटी कमजोर होने की वजह से बच्चे कोल्ड डायरिया के शिकार हो जाते हैं.

क्या है कोल्ड डायरिया

हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि जैसे सर्दियों में अन्य बीमारियां होती है. वैसे ही बच्चों को ठंड में कोल्ड डायरिया की बीमारी होती है. डॉक्टर्स के अनुसार 6 महीने से लेकर 5 साल के बच्चों को कोल्ड डायरिया हो सकता है.

जब बच्चों को कोल्ड डायरिया होता है तो उस समय उनको सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार भी होता है. सर्दी-जुकाम के साथ डायरिया होने के कारण इसे कोल्ड डायरिया कहा जाता है. सर्दी के मौसम में होने वाली यह बीमारी बच्चों को बहुत कमजोर बना देती है. कमजोरी की वजह से बच्चों को अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. 5 तरह की हर्बल टी, जो दूर करेंगी डायरिया की समस्या.

कोल्ड डायरिया के लक्षण

सामान्य तौर पर जब बच्चों को सर्दी-जुकाम और खांसी के साथ दस्त की समस्या हो तो यह कोल्ड डायरिया है. भारत के गांव-कस्बों में लोग ऐसी स्थिति में बच्चों को एंटीबायोटिक दवा देने लगते हैं. कोल्ड डायरिया में बच्चे को एंटीबायोटिक्स दवा नहीं देनी चाहिए.

बच्चों को कोल्ड डायरिया से कैंसे बचाएं

सर्दियों में बच्चों की विशेष देखभाल करनी चाहिए. हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं की सर्दियों में बच्चों को गुनगुना और तरल पदार्थ वाले खाने अधिक देने चाहिए. बच्चे को पर्याप्त मात्रा में पानी पीलाना चाहिए. डायरिया या दस्त होने पर मूंग दाल की खिचड़ी के अलावा दही, ओआरएस घोल देते रहना चाहिए. डायरिया होने पर नारियल पानी क्यों पीना चाहिए.?

सर्दियों में डिहाइड्रेशन से बच्चों को बचाएं

सर्दियों में बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाना जरूरी होता है. नियमित अंतराल पर बच्चों को पानी पीलाते रहना चाहिए. ठंड में गुनगुना पानी पीलाना ज्यादा फायदेमंद होता है. बच्चे के शरीर में पानी की कमी होने पर डायरिया का खतरा बढ़ जाता है. बच्चों को उल्टी दस्त व डायरिया से बचाने के उपाय.

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