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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : June 1, 2019 2:04 PM IST
जिनका बार बार मीठा खाने का मन होता है उनके लिए खुद को ऐसा करने से रोकना मुश्किल होता है. शादी, ब्याह और त्योहारों की बात करें तो मीठा हमारे जीवन का हिस्सा हैं. लेकिन अधिकतर लोग जो मीठे के इच्छुक होते हैं, मीठे के नुकसान से अनजान भी होते हैं.
मीठा खाने का मन आमतौर पर सामान्य है, लेकिन महिलाओं में यह होता है। माना जाता है कि जो लोग नमक अधिक खाते हैं उनमें ही मीठा खाने की अधिक इच्छा होती है। या फिर जिनमें पानी की कमी होती है उनमें भी मीठा खाने का मन होना पाया जाता है. हकीकत तो यह है कि करीब 97 प्रतिशत महिलाएं और 68 प्रतिशत पुरूषों में मीठा खाने का मन बार-बार होता है.
जिनका बार बार मीठा खाने का मन होता है उनके लिए खुद को ऐसा करने से रोकना मुश्किल होता है. शादी, ब्याह और त्योहारों की बात करें तो मीठा हमारे जीवन का हिस्सा हैं. लेकिन अधिकतर लोग जो मीठे के इच्छुक होते हैं, मीठे के नुकसान से अनजान भी होते हैं.
मीठा खाने का मन होना डायबिटीज का लक्षण भी हो सकता है. अगर आप समय रहते मीठा खाने का मन जो करता है उसे कंट्रोल कर लेते हैं. तो कई बीमारियों से बच जाते हैं.
अधिक मीठा खाने का मन करता है जिनका वो खाते भी ज्यादा है. इस कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियों को न्योता देते हैं. हाई ब्लड प्रैशर, शुगर का खतरा भी बढ़ता है. अगर आपका भी मीठा खाने का मन होना का शिकार हैं, तो डायट क्लिनिक की चीफ डायटिशियन शीला सेहरावत के डाइट टिप्स अपना सकते हैं.
अधिकतर लोग चीनी की तलब महसूस करते हैं औेर वे मीठे खाद्य पदार्थों की तरफ भागते हैं. आपको भी यदि ऐसा ही लगता है तो फलों का सेवन आपको जरूरत का मीठा दे सकते हैं और आपकी मीठे की इच्छा पर लगाम लगा सकता है.
फलों में मिठास होने के साथ साथ बहुत से विटामिन और फाइबर होते हैं. फलों में आम, अंगूर, संतरा, केला, अनार, चीकू आदि को शामिल किया जा सकता है. अनार, अंगूर, केला जैसे फलों को दही में डालकर भी खाया जा सकता है.
मीठे के शौकीन अधिकतर लोग चॉकलेट का सेवन करते हैं. लेकिन यदि आप खुद को चॉकलेट के लिए तरसता पाते हैं तो आप डार्क चॉकलेट चुनकर एक स्वस्थ विकल्प बना सकते हैं. इसमें भी चीनी व वसा होती है लेकिन कोको की मात्रा अधिक होने के कारण इसे स्वास्थ्यवर्धक माना गया है.
दही एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसमें प्रोटीन औेर कैल्शियम दोनों पाए जाते हैं. यह आपकी भूख को नियंत्रित करने में तो मददगार होता है ही साथ में आपकी मीठा खाने की इच्छा यानी कि शुगर क्रेविंग को भी नियंत्रित कर सकता है. दही एक स्वास्थ्यप्रद विकल्प है, जिसे अनार, अंगूर जैसे फल मिलाकर भी खाया जा सकता है.
शकरकंद बहुत पौष्टिक होता है और साथ ही मीठा भी. इसमें अधिकतर कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं, लेकिन फाइबर, विटामिन और पोटाशियम भी पाया जाता है. हाई ब्लड प्रैशर और डायबिटीज के मरीजों के लिए भी इसका सेवन लाभदायक है. इसे दालचीनी और काली मिर्च के साथ भुना जाए तो यह औेर भी स्वादिष्ट बन जाता है.
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अपनी डाइट में मांस और मछली जैसे प्रोटीन के स्त्रोतों को शामिल करने से शुगर क्रेविंग को रोकने में मदद मिल सकती है. यदि आप वजन कम करने की सोच रहे हैं तो आपको ऐसे भोजन से लाभ होगा और प्रोटीन भी भरपूर मात्रा में मिलेंगे.
यदि आप बहुत सारी चीनी का सेवन कर रहे हैं तो आपको अपने भोजन में मांस, मछली जैसे प्रोटीन के स्त्रोतों को शामिल कर सकते हैं.
प्रोटीन डाइट में अंडे को भी शामिल किया जा सकता है. यह हमारी भूख और मीठा खाने की इच्छा को रोकने में मदद कर सकता है. भूख लगती है तो मीठा खाने की इच्छा होती है, ऐसे में अंडे जैसे प्रोटीन युक्त पदार्थ को नाश्ते में खाया जाए तो यह भूख कम करने में मदद करता है और दिनभर हमें मीठा खाने की इच्छा नहीं होती.
साबुत अनाज उच्च फाइबर युक्त होते हैं और विटामिन बी, मैग्नीशियम, लोहा, फास्फोरस, मैंगनीज आदि पोषक तत्व होते हैं। अगर आप पर्याप्त भोजन कर रहे हैं औेर आपके आहार में साबुत अनाज जैसे खाद्य पदार्थ शामिल हैं तो आपको मीठा खाने की इच्छा को कम करने और शुगर से बचाव में मदद मिल सकती है
जब आपको मीठे की तीव्र इच्छा होती है तो ऐसे में सब्जियां खाना संतोषजनक नहीं हो सकता। लेकिन यदि आप सब्जियों को नियमित रूप से अपने आहार में शामिल करते हैं तो यह आपकी मीठा खाने की इच्छा को कम कर सकती हैं।
सब्जियों में फाइबर अधिक होता है तो कैलोरी कम। इनमें बहुत से लाभकारी पोषक तत्व होते हैं। अधिक सब्जियों का सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा काम कर सकता है।