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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : February 4, 2020 4:17 PM IST
डायबिटीज ऐसी बीमारी है जिसमें जरा सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। सबसे ज्यादा खतरा खाना खाने के बाद होता है जब ब्लड शुगर प्रभावित होती है। हालांकि, इस खतरे को कम किया जा सकता है। इसके लिए बस जरूरत है महज 15 मिनट की वॉक की। ©pixabay
Diabetes: डायबिटीज से पूरी तरह से छुटकारा मिलना मुमकिन नहीं होता है। लेकिन लाइफस्टाइल में बदलाव करके इससे बचा भी जा सकता है और अच्छी लाइफ जी जा सकती है। डायबिटीज से जो लोगो परेशान हो जाते हैं उनको अपनी लाइफस्टाइल में नियमितता लाना बेहद जरूरी होता है। अगर नियमितता नहीं लाते हैं तो परेशानी और बढ़ती जाती है। डायबिटीज रोगियों को अपनी डाइट और सोने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। टाइप 2 डायबिटीज और सफेद चावल का क्या सम्बंध है ?
डायबिटीज ऐसी बीमारी है जिसमें जरा सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। सबसे ज्यादा खतरा खाना खाने के बाद होता है जब ब्लड शुगर प्रभावित होती है। हालांकि, इस खतरे को कम किया जा सकता है। इसके लिए बस जरूरत है महज 15 मिनट की वॉक की। टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों को एक्सरसाइज करते वक्त रखना चाहिए इन 10 बातों का ध्यान।
एक रिसर्च में सामने आया है कि खाने के बाद 15 मिनट वॉक करने से डायबिटीज के मरीजों को शुगर बढ़ने के खतरे से बचाव करने में मदद मिलती है। यह रोजाना 45 मिनट के लिए की गई वॉक से ज्यादा फायदेमंद है। टाइप 2 डायबिटीज से रहना है दूर तो डायट में शामिल करें ये 5 सुपर फूड।
शोधकर्ता डी पेट्रो ने बताया कि, 'दोपहर में खाना खाने के बाद प्रड्यूस होने वाली इंसुलिन की मात्रा दिनभर में कम हो जाती है।' ऐसा इसलिए क्योंकि दिन में काफी चलना-फिरना हो जाता है।
रात के खाने के बाद बैठे रहने के कारण ब्लड ग्लूकोज बढ़ने के चांस ज्यादा रहते हैं, जो घंटों तक स्थाई रह सकता है। यह रिस्की भी हो सकता है। टाइप 2 डायबिटीज से छुटकारा दिलाने में मददगार हो सकती है क्रैश डाइट।
न्यूजीलैंड की ओटागो यूनिवर्सिटी के रिसर्च फैलो के मुताबिक, 'वॉक के दौरान हमारी मसल्स ग्लूकोज का उपयोग करती हैं, इससे शुगर के खून में बढ़ने के चांस कम हो जाते हैं। ऐसे में डायबीटीज के मरीजों को शुगर को कंट्रोल में रखने में भी मदद मिलती है।'