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Written By: Anshumala | Published : January 14, 2019 6:09 PM IST
डायबिटीज के रोगी केला खाएं या नहीं, जानें यहां। © Shutterstock
केला तो आप सभी खाते होंगे। यह हेल्दी होता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन और एमिनो एसिड के साथ-साथ वे सारे विटामिन्स और मिनरल्स मौजूद होते हैं, जो शरीर को हेल्दी बनाए रखने के लिए जरूरी हैं। केला हेल्दी कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है, जिसकी वजह से यह हमें पूरे दिन ऊर्जावान रखता है।
डायबिटीज के रोगी केला खाएं या नहीं ?
डायबिटीज के मरीज अक्सर केला खाना छोड़ देते हैं। उन्हें लगता है कि केला उनके लिए अच्छा नहीं है। डायबिटिक डाइट में भी केले को इस्तेमाल किया जा सकता है।
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डायबिटिक मैनेजमेंट में शुगर के रोल को जानें : डायबिटीज में शुगर हमारे ब्लड से मसल्स तक नहीं पहुंचता है, जिसकी वजह से ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। सामान्यतः जब कोई व्यक्ति किसी ऐसे फूड को खाता है, जिसमें शुगर होता है तो यह शुगर उनके शरीर के पाचनतंत्र द्वारा ब्लड में पहुंचता है। वहां से बॉडी मसल्स में पहुंचकर हमें ऊर्जा प्रदान करता है लेकिन जिन्हें डायबिटीज है, उनमें शुगर उनके ब्लड से मसल्स तक नहीं पहुंचता और उनके ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है।
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केले का सेवन : अगर आपको डायबिटीज है और डॉक्टर डायबिटीज के दौरान मीठा यानी शुगर खाने के लिए मना करता है तो आपको केला छोड़ने की कोई जरूरत नहीं है। वह भी सिर्फ इसलिए कि वह मीठा होता है। आप सिर्फ रिफाइंड शुगर से परहेज करें। फलों में मौजूद नेचुरल शुगर और रिफाइंड शुगर, जिसे आप डेली अपनी चाय में मिलाते हैं, दोनों में बहुत फर्क होता है। केला में जो शुगर होता है, वो भी एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट ही होता है। ज्यादातर फूड्स में कई तरह के कार्बोहाइड्रेट होते हैं, इसलिए आप ग्लाइसेमिक इंडेक्स के द्वारा यह चेक कर सकते हैं कि आपके द्वारा खाए गए खाद्य पदार्थ का आपके ब्लड शुगर लेवल पर कितना फर्क पड़ता है।
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ग्लाइसेमिक इंडेक्स यह बताता है कि कार्बोहाइड्रेट युक्त फूड आपके ब्लड ग्लूकोज लेवल को कितना बढ़ाता है। रिफाइंड शुगर, जिसको हम डेली इस्तेमाल करते हैं, उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ज्यादा होता है, जिससे ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। केले का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ही कम होता है, जिसका मतलब है कि अगर आपको डायबिटीज भी है तो भी आप केले को अपने रोज के डाइट में शामिल कर सकते हैं। केला बहुत मीठा होता है लेकिन उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ही कम होता है यानी डायबिटीज होने के बावजूद भी अगर आप केला खाते हैं तो आपके ब्लड शुगर लेवल पर बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।