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डायबिटीज में बहुत फायदेमंद है दालचीनी का सेवन, तेजी से बनाती है इंसुलिन

डायबिटीज में बहुत फायदेमंद है दालचीनी का सेवन, तेजी से बनाती है इंसुलिन©Shutterstock

दालचीनी कई औषधीय गुण प्रदान करती है और सबसे प्रमुख यह है कि यह डायबिटीज को नियंत्रित करने की क्षमता रखती है। रिसर्चर्स का मानना है कि दालचीनी में मौजूद Cinnamaldehyde नाम का कंपाउंड मौजूद होता है जो आपके स्वास्थ्य और मेटाबॉलिज्म का ध्यान रखता है। मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो शरीर में अचानक से शुगर लेवल को बढ़ा देती है। जिसके चलते शरीर पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन करने और ग्लूकोज की खपत को एडजस्ट करने में असमर्थ हो जाता है। दालचीनी में कुछ ऐसे खास गुण होते हैं जो शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो काफी हद तक आपके लाइफस्टाइल पर निर्भर करती है। यदि आपका लाइफस्टाइल सही नहीं है तो आप कभी भी मधुमेह की चपेट में आ सकते हैं। डायबिटीज के रोगियों के लिए ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करना किसी चुनौती से कम नहीं होता है। लेकिन अगर आपको इसे कम करने का सही और आसान तरीका पता हो तो यह मुश्किल नहीं है। दालचीनी एक ऐसी जड़ी बूटी है जिसकी मदद से ब्लड शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है। क्योंकि दालचीनी एक ऐसी हर्ब है जो न सिर्फ अपनी खुशबू के लिए बल्कि अपने स्वास्थ्य लाभों के लिए भी जानी जाती है। आयुर्वेद में तो दालचीनी को औषधी का दर्जा प्राप्त है।

दालचीनी कई औषधीय गुण प्रदान करती है और सबसे प्रमुख यह है कि यह डायबिटीज को नियंत्रित करने की क्षमता रखती है। रिसर्चर्स का मानना है कि दालचीनी में मौजूद Cinnamaldehyde नाम का कंपाउंड मौजूद होता है जो आपके स्वास्थ्य और मेटाबॉलिज्म का ध्यान रखता है। मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो शरीर में अचानक से शुगर लेवल को बढ़ा देती है। जिसके चलते शरीर पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन करने और ग्लूकोज की खपत को एडजस्ट करने में असमर्थ हो जाता है। दालचीनी में कुछ ऐसे खास गुण होते हैं जो शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

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साइंस भी मानता है लोहा

डायबिटीज में दालचीनी के लाभ को सिर्फ आयुर्वेद ही नहीं बल्कि साइंस में भी मान्यता प्राप्त है। एंडोक्राइन सोसाइटी के जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, दालचनी के सेवन से ग्लूकोस लेवल को कम करने और बढ़े हुए ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। अब यह मरीज पर निर्भर करता है कि वह दालचीनी का सेवन किस तरह करता है। यानि कि व्यक्ति चाहे तो दालचीनी को सब्जी में डालकर भी सेवन कर सकता है और दालचीनी की कैप्सूल भी ले सकता है। यह स्टडी 51 प्री-डायबिटिक रोगियों पर की गई थी। इन्हें दिन में तीन बार 500 मिलीग्राम के दालचीनी के कैप्सूल्स दिए गए थे। जिनसे बहुत संतोषजनक परिणाम सामने आए।

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डायबिटीज को कैसे कम करता है दालचीनी

दालचीनी में कुछ एंटी-डायबिटिक कप्पाउंड होते हैं जो उस दर को कम करने में मदद करते हैं जिस पर ग्लूकोज हमारे शरीर में प्रवेश करता है। यह टाइप -2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में तेजी से रक्त शर्करा के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है। दालचीनी पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है, जो सीधे मधुमेह की समस्या से जुड़ा हुआ है। एक स्वस्थ पाचन तंत्र में जब मीठी चीज जाती है तो वह उसमें से अतिरिक्त मीठेपन को बाहर निकालकर रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रण में रखने में मदद करता है। इसके साथ ही दालचीनी में एंटी-ऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाते हैं। क्योंकि दालचीनी का नेचर एंटी-इंफ्लेमटरी होता है, जिससे शरीर तमाम तरह के संक्रमण से बचता है और टिश्यू डैमेज को रिपेयर करता है।

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