
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : March 23, 2020 5:00 PM IST
डायबिटी़ज़ में कोरोना वायरस का ख़तरा ।
Coronavirus Diabetes:फिलहाल पूरी दुनिया कोविड-19(COVID-19) महामारी की चपेट में है। यह वायरस पूरी तरह से स्वस्थ लोगों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। ऐसे में कहा जा रहा है कि किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित लोगों को यह इंफेक्शन बहुत जल्द और तेज़ी से हो सकता है।(COVID-19 and Diabets)
कुछ बीमारियां या हेल्थ कंडीशन्स पूरी तरह से सेहत को प्रभावित करती हैं। डायबिटीज़(Diabetes) ऐसी ही एक समस्या है। यह एक लाइफस्टाइल डिज़िज़ है जिसकी अनदेखी या लापरवाही करने से इसके दुष्परिणा हो सकते हैं। यही नहीं डायबिटीज़ जैसी समस्याओं के कारण लोगों की इम्यूनिटी कम हो जाती है और ऐसे लोग इंफेक्शन आदि की चपेट में भी बहुत जल्द आ जाते हैं।(Facts about Diabetes)
आपका शरीर उतना ही हेल्दी रह सकता है जितना कि आपका इम्यून सिस्टम स्ट्रॉन्ग हो। जब किसी व्यक्ति को डायबिटीज़ हो तो, ऐसे में ना केवल उसका ब्लड ग्लूकोज़ लेवल असंतुलित हो जाता है बल्कि, शरीर में इंसुलिन का उत्पादन भी बिगड़ जाता है। डायबिटिक्स के शरीर में तरल पदार्थों का संचार अन्य लोगों की तुलना में कम होता है। जिससे, उनके शरीर को पोषण प्राप्त करने और शरीर को इंफेक्शन्स से बचाए रखने में परेशानी होती है। इसीलिए किसी इंफेक्शन की चपेट में आने पर भी ऐसे लोगों को अधिक समय लगता है।(Coronavirus Diabetes in hindi)
अपने कमज़ोर इम्यून सिस्टम की वजह से डायबिटीज़ के मरीज़ इंफेक्शन की चपेट में बहुत-ही आसानी से आ सकते हैं। इसीलिए, ऐसे लोगों को कोरोना वायरस के माहौल में भी खुद को सुरक्षित रखने के लिए सभी प्रकार की एहतियात बरतनी चाहिए।(Myths about Diabetes)
सोशल या सामाजिक गतिविधियों में कम हिस्सा लें। लोगों से कम मिले-जुलें। ध्यान रखें, कि कोरोना वायरस इंफेक्शन के लक्षणों की जल्द पहचान से इसको गम्भीर बनने से रोका जा सकता है। इसीलिए, अपने शरीर में होने वाले बदलावों पर ध्यान दें। डायबिटीज़ के मरीज़ों को इंफेक्शन की चपेट में आने के बाद निमोनिया और किडनी फेलियर (जो कोविड-19 की वजह से मृत्यु का एक कारण बताया जा रहा है) होने की संभावना अधिक बन जाती है।(Latest Health News about coronavirus)
यह खतरा टाइप-1 (Type-1 diabetes) और टाइप-2 (Type-2 diabetes), दोनों प्रकार के डायबिटिक्स को समान रूप से होता है। इसीलिए, कोरोना वायरस के लक्षणों को नज़रअंदाज़ ना करें।इसके अलावा इन बातों का भी ध्यान रखें