योग का यह एक आसन डिप्रेशन दूर करने के साथ देता है 12 फायदे

वर्तमान समय में विश्व में डायबिटीज के बाद किसी परेशानी से लोग परेशान हैं तो वह है डिप्रेशन और इसके इलाज में योग का एक आसान ऐसा हो जो सबसे ज्यादा प्रभावी है।

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : January 22, 2019 12:46 PM IST

योग से कई तरह की परेशानी दूर की जा सकती है लेकिन इसके लिए उसे अपनी लाइफ में रोजाना की आदत में डालना पड़ता है। वर्तमान समय में विश्व में डायबिटीज के बाद किसी परेशानी से लोग परेशान हैं तो वह है डिप्रेशन और इसके इलाज में योग का एक आसान ऐसा हो जो सबसे ज्यादा प्रभावी है। अगर आप तनाव ौर डिप्रेशन से परेशान हैं तो आपको यह योग रोजाना करना चाहिए। इस योग को सामान्य भाषा में शीर्षासन कहा जता है। यह भारत का सबसे प्रचलित आसान है। इस आसन को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू नियमित तौर पर करते थे।

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कैसे करते हैं शीर्षासन

शीर्षासन करने के लिए सबसे पहले वज्रासन की पोजीशन में बैठ जाएं। अब आगे की ओर झुककर दोनों कोहनियों को जमीन पर टिकाएं और फिर हाथों की उंगलियों को एक दूसरे से मिला लें। इसके बाद सिर दोनों हथेलियों के बीच में रखकर धीरे-धीरे अपने पूरे शरीर का भार सिर पर टिकाएं और ऊपर की ओर उठाएं। सिर के बल होकर अपना पूरा शरीर सीधा रखें। आप यह आसन दीवार के साथ लगकर भी कर सकते हैं।

शीर्षासन करने का तरीका।

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तनाव दूर करें

शीर्षासन उन्हें तनावमुक्त रखने में मदद करता है। दरअसल, इस आसन को करने से तनाव पैदा करने वाले हार्मोन्स का प्रोडक्शन बंद हो जाता है इसलिए इसे स्ट्रेस रिलीवर भी कहा जाता है।

मोटापा घटाने के लिए

शीर्षासन करने से मेटाबोलिज्म नियंत्रित रहता है। इसके साथ ही इस आसन से शरीर की सारी मसल्स सक्रीय रहती है ,जिससे पूरे शरीर का फैट कम होता है लेकिन यह खासकर हिप्स, पेट और जांघो पर काम करता है।

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शीर्षासन वजन कम करने के लिए

इस आसन का नियमित अभ्यास से आप वजन घटा सकते हैं और अपने मोटापे पे काबू पा सकते हैं। इस आसन के अभ्यास से पिट्यूटरी ग्रन्थि पर प्रभाव पड़ता है जो दूसरे अन्त: स्रावी ग्रंथियों को सही मात्रा में हॉर्मोन स्राव करने में मदद करता है। यह थाइरोइड ग्रंथि को भी प्रभावित करता है जो शरीर के मेटाबोलिज्म को बहुत हद तक कंट्रोल करता है।

शीर्षासन बाल झड़ने को रोकता है

अगर शीर्षासन को नियमित रूप से बहुत दिनों तक किया जाए तो बाल के झड़ने को रोका जा सकता है। इस आसन के अभ्यास से ब्रेन वाले हिस्से में खून का प्रवाह बहुत आसन हो जाता है। यह खोपड़ी को भी मजबूत एवं स्वस्थ बनाता है जिसके कारण बाल से सम्बंधित परेशानियाँ जैसे बाल का झड़ना, बाल का सफेद होना, डेंड्रफ इत्यादि से आप को छुटकारा दिलाता है। यह बाल को घने और लंबे करने में भी सहायक है।

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चेहरे के चमक को बढ़ाना

शीर्षासन चेहरे के खूबसूरती को बढ़ाने में बहुत फायदेमंद है। इसके अभ्यास से आपके चेहरे में खून की आपूर्ति सही तरीके से होने लगती है और साथ ही साथ पोषण तत्व एवं खनिज लवण का प्रवाह भी सही होने लगता है। जिसके कारण यह आपको पिम्पल, रिंकल, और चेहरे की दूसरी परेशानियों से बचाता है।

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शीर्षासन डायबिटीज के लिए

यह आसन डायबिटीज को रोकने में एक अहम भूमिका निभाता है। यह पैंक्रियास को उत्तेजित करते हुए इन्सुलिन के स्राव में मदद करता है और इस तरह से डायबिटीज के प्रबंधन में सहायक है।

शीर्षासन ब्रेन के लिए

शीर्षासन ब्रेन के लिए निहायत ही एक उम्दा योगाभ्यास है। इस आसन से ब्रेन के करोड़ों कोशिकाओं में एक नई जान आ जाती है क्योंकि हर कोशिका में रक्त का सही प्रवाह के साथ साथ उपयुक्त पोषण एवं खनिज लवण मिलता है। इस तरीके से इन कोशिकाओं और ऊतक का ठीक तरह से देखभाल होती है।

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शीर्षासन सिर दर्द और माइग्रेन रोकने में

इस आसन के करने से आप सिरदर्द एवं माइग्रेन से हमेशा हमेशा के लिए निजात पा सकते हैं। सिरदर्द और माइग्रेन प्रायः सिर के कोशिकाओं का दबाब एवं संकोचन से होता है। यह आसन इसे कम करके आपको माइग्रेन से रहत दिलाता है।

शीर्षासन से सेक्सुअल समसयाओं का समाधान

इस आसन से अधिकतर सेक्सुअल प्रोब्लेम्स को रोका जा सकता है। इसे सिर्फ रोका ही नहीं जा सकता बल्कि इन प्रोब्लेम्स का इनमें सटीक समाधान भी है।

शीर्षासन आँख की बीमारियों के लिए

इस आसन के करने से आँख और आँख वाले हिस्से में सही मात्रा में रक्त एवं पोषण तत्व का प्रवाह होता है जिससे बहुत सारी आँख की परेशानियों से आप को राहत मिल सकती है।

पाइल्स एवं वैरिकोस नस से छुटकारा

शीर्षासन आपको पाइल्स और वैरिकोस नस की समसयाओं से छुटकारा दिलाता है। प्रायः पाइल्स और वैरिकोस नस खून का सही प्रवाह न होने के कारण होता है और पाइल्स वाले जगह में रक्त का जमना भी इसका एक मुख्य वजह है।

शीर्षासन पाचन के लिए

यह आपके के पाचन क्रिया को स्वस्थ करते हुए कब्ज और इससे संबंधित परेशनियों से बचाता है।

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