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Written By: Editorial Team | Updated : August 2, 2019 1:34 PM IST
dengue Mosquitoes के लिए बारिश और सामान्य तापमान सबसे अच्छा होता है.
बारिश का मौसम आने के बाद भारत में मच्छरों का प्रकोप दोगुना से भी ज्यादा हो जाता है. वैसे तो हर महीने ही मच्छर लोगों को काटते हैं. लेकिन जब भीषण गर्मी पड़ती है तो मच्छरों की तादात कम हो जाती है. मच्छरों की वजह से डेंगू, चिकनकुनिया और मलेरिया जैसी जान लेवा बीमारियां होती है. इसके अलावा हाल के वर्षों में कई अन्य संक्रामक रोग भी मच्छरों की वजह से होने लगे हैं. हाल ही में एक एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि आने वाले समय में ग्लोबल वार्मिंग की वजह से डेंगू मच्छरों (Dengue Mosquitoes) का जीवन समाप्त हो जाएगा. क्या ऐसा संभव है ? आइए जानते हैं कुछ फैक्ट्स के बारे में....
वर्तमान समय की बात करें तो हर साल दुनिया भर में सिर्फ डेंगू मच्छर (Dengue Mosquitoes) की वजह से 10 हजार के आस-पास लोग मौत के गाल में समा जाते हैं. अगर आंकड़ों की बात करें तो 70 प्रतिशत लोग ऐसे देशों से हैं जिनमें भारत शामिल है.
वैज्ञानिक जर्नल नेचर माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित एक शोध के अनुसार 2015 के मुकाबले 2080 में विश्वभर में करीब 200 करोड़ लोगों पर डेंगू का खतरा रहेगा. लेकिन भारत में हालात कुछ और हो सकते हैं. इसकी मुख्य वजह ग्लोबल वार्मिंग को माना जा रहा है.
इस बारे में तर्क दिया जा रहा है कि जो तापमान मच्छरों को जीवित रहने के लिए चाहिए, वो तापमान आने वाले समय में भारत जैसे देशों में नहीं रहने वाला है. ग्लोबल वार्मिंग की वजह से भारत का तापमान सामान्य से कई गुना ज्यादा होगा. उस तापमान में मच्छर खुद ही समाप्त होने लगेंगे.
ऐसा होने में अभी लगभग 50 से 60 वर्षों का समय लग सकता है. क्योंकि ग्लोबल वार्मिंग का असर होते-होते होगा. ग्लोबल वार्मिंग की वजह से मच्छर से होने वाली बीमारियों की संभावना कम तो हो सकती है, लेकिन अन्य तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है.
अभी की बात की जाए तो भारत में मच्छरों की पैदावार अन्य किसी भी देश की तुलना में बहुत ज्यादा है. इसकी वजह से हर साल कई लाख लोग मलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू की चपेट में आते हैं.
मच्छरों के पैदा होने का सबसे आदर्श समय भारत में मानसून के समय होता है. इस समय जगह-जगह पानी का जमाव और औसत तापमान मच्छरों के लिए अनुकुल होता है.
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