डेंगू वायरस का 7 दिन तक रहता है असर, जानें लक्षण व सावधानी

डेंगू का बुखार (Dengue Fever) होता है उसके शरीर में तेज दर्द के साथ शरीर में अकड़न भी होती है. जब डेंगू वायरस (Dengue Virus) से बुखार हो तो दर्द की दवा बिल्कुल नहीं खानी चाहिए. दर्द की दवा खाने से प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं.

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : June 24, 2019 3:08 PM IST

डेंगू बुखार (Dengue Virus) मच्छर से होने वाली बीमारी (mosquito-borne viral disease) है. बुखार जब डेंगू बुखार Dengue Virus की वजह से होती है. जब किसी को डेंगू बुखार होता है तो उसका असर लगभग 7 दिनों तक रहता है. जब किसी को डेंगू फीवर होता है तो उसे पहले 3 दिन तक तेज बुखार होता है. पहले तीन दिन डेंगू के मरीज को ज्यादा खतरा रहता है. डेंगू वायरस का असर चौथे दिन से कम होने लगता है. Dengue Fever लोगों को  Aedes aegypti mosquitoes खाने की वजह से होता है.

जिसको डेंगू का बुखार होता है उसके शरीर में तेज दर्द के साथ शरीर में अकड़न भी होती है. डेंगू के बुखार में दर्द की दवा बिल्कुल नहीं खानी चाहिए. दर्द की दवा खाने से प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं. डेंगू बुखार में केवल पैरासिटामॉल का सेवन करना चाहिए. आइए जानते हैं डेंगू से बचाव के कुछ सरल तरीके.....

dengue Fever in hindi

दर्द की दवा है खतरनाक

डेंगू की बुखार में शरीर में तेज दर्द होने के कारण दर्द की दवा खा लेते हैं. दर्द की दवा खाने से शरीर में ब्लड सेल और प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं.

जब शरीर में ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं तो मरीज की हालत खराब होने लगती है. इसलिए अगर किसी को भी शरीर में तेज दर्द के साथ बुखार हो तो दर्द की दवा का सेवन नहीं करना चाहिए. जब आप डेंगू की जांच करवा लें तभी दर्द की दवा का सेवन करें.

reason of Dengue fever in hindi डेंगू बुखार

प्लेटलेट्स कम होने के कारण

कई बार प्लेटलेट्स कुछ अन्य कारणों से भी कम हो सकते हैं. ऐसा नहीं है कि प्लेटलेट्स कम हो रहे हैं तो डेंगू बुखार ही है. कभी-कभी लगातार फीवर की वजह से भी ऐसा होता है. अगर आपको लगता है कि आपको डेंगू वायरस का संक्रमण है तो सबसे पहले उसकी जांच कराएं. तब तक आप पैरासिटामॉल का सेवन ही करें.

डेंगू वायरस को लेकर गलत धारणाएं

भारत में बीमारियों को लेकर कई तरह की गलत धारणाएं हैं. डॉक्टर यह भी कहते हैं कि भारत में डेंगू फीवर होने पर कुछ लोग कीवी और बकरी के दूध का सेवन करने लगते हैं. उनको लगता है कि प्लेटलेट्स को बढ़ाकर डेंगू का इलाज कर रहे हैं. जबकि ऐसा नहीं होता है.

ज्यादा तरल पदार्थ लेने की वजह मरीज को कुछ राहत जरूर मिलती है. डेंगू वायरस का असर 7 दिनों तक रहता है और वह उसके बाद ही ठीक होता है.

Dengue symptoms in hindi डेंगू बुखार

डेंगू बुखार के सामान्य लक्षण

  • जब डेंगू वायरस का शरीर में संक्रमण होता है तो तेज ठंड के साथ बुखार आता है.
  • तेज बुखार के साथ सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द भी हो सकता है.
  • डेंगू के मरीज को उसकी आंख के पिछले हिस्से में भी दर्द का अनुभव होता है.
  • अक्सर डेंगू के मरीज कमजोरी का अनुभव होता है.
  • जिसको डेंगू फीवर होता है उसे भूख बहुत कम लगती है.
  • उल्टी होना, जी मितलाना और स्वाद में खराबी आना भी डेंगू के लक्षण हैं.
  • कुछ लोगों को गले में हल्का दर्द भी होता है.
  • गर्दन और छाती पर लाल गलाबी रंग के चकत्ते भी डेंगू फीवर में देखे जाते हैं.

कब कराएं डेंगू की जांच

तेज बुखार के साथ शरीर में दर्द हो तो डेंगू वायरस का संक्रमण हो सकता है. अगर उपरोक्त लक्षण दिखाई दें तो पहले दिन ही डेंगू की जांच करा लें.

वर्तमान समय में बुखार से कई प्रकार के खतरे होने लगे हैं. यहां तक कि लोगों की जान भी चली जाती है. इसलिए उपरोक्त लक्षण होने पर तुरंत जांच कराना चाहिए. जांच कराने और डॉक्टर के दिखाने तक सिर्फ पैरासिटामॉल का ही सेवन करना चाहिए.

डेंगू फीवर के टेस्ट

जब किसी को डेंगू फीवर होता है तो एंटीजन ब्लड टेस्ट (NS-1) किया जाता है. यही टेस्ट लगभग 7 दिनों तक किया जाता है. पहले दिन ज्यादा पॉजिटिव जांच आती है. मरीज जैसे-जैसे ठीक होता है पॉजिटिव का स्तर कम होने लगता है.

डेंगू बुखार में खान-पान कैसा हो. यह भी बहुत जरूरी होता है.

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