डेंगू का कहर जारी है, जानें डेंगू फीवर से बचने के आसान उपचार और उपाय

डेंगू बुखार मच्छर काटने से होने वाली बीमारी है. अगर डेंगू फीवर का समय पर इलाज न किया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है. हेमोरेजिक डेंगू फीवर जानलेवा होता है. इस बुखार के बारे में आपको जानकारी जरूर रखना चाहिए.

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : September 26, 2019 4:54 PM IST

डेंगू बुखार का कहर देश भर में जारी है. इस वक्त देश ही नहीं भारत के पड़ोस में भी डेंगू फीवर का कहर जारी है. नेपाल में डेंगू वायरस को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. नेपाल में मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारी डेंगूकी चपेट में 5 हजार से अधिक लोग आ चुके हैं. बांग्लादेश में भी डेंगू बुखार के कारण 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. पाकिस्तान में भी अब तक 11 हजार से अधिक डेंगू के मामले सामने आये हैं. भारत में सबसे ज्यादा डेंगू का कहर उत्तराखंड में देखने को मिल रहा है. देहरादून में अभी तक 21 सौ मामले दर्ज किये जा चुके हैं. इसके अलावा डेंगू की बीमारी हैदराबाद से लेकर पं. बंगाल तक डर फैला चुकी है.

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो डेंगू फीवर के बढ़ते मामले महामारी के संकेत दे रहें हैं. क्योंकि जिस गति के साथ डेंगू बुखार के मामले सामने आ रहे हैं, वो खतरनाक साबित हो सकता है. डॉक्टर्स मानते हैं कि डेंगू वायरस और डेंगू मच्छर के साथ डेंगू बुखार के लक्षण के बारे में लोगों को पहले से सतर्क होने की जरूरत होती है.

डेंगू फीवर के लक्षण जरूर जानें

मच्छरों के काटने से होने वाली यह बीमारी कई बार बिना किसी लक्षण के ही मरीज को अपनी चपेट में ले लेती है. डेंगू बुखार के लक्षण में सबसे सामान्य लक्षण शरीर में दर्द के साथ बुखार आना है. डेंगू का मच्छर जिस दिन काटता है उसके तीसरे दिन से लेकर 15वें दिन तक डेंगू वायरस का असर रहता है. डेंगू बुखार के लक्षण को मुख्यतः इस तरह याद रख सकते हैं.

तेज बुखार के साथ जोड़ों में दर्द.

हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द के साथ बुखार

तेज सिरदर्द के साथ बुखार

शरीर में चकत्तों के साथ तेज बुखार

डेंगू का इलाज अगर सही समय पर न किया जाए तो यह जानलेवा हो सकता है. कुछ मामलों में डेंगू बुखार हेमोरेजिक फीवर में बदल जाता है. हेमोरेजिक फीवर जानलेवा होता है.

हेमोरेजिक डेंगू फीवर

जब किसी को हेमोरेजिक डेंगू फीवर होता है तो उसमें डेंगू बुखार के सामान्य लक्षण के सात पेट में दर्द के साथ ऐंठन, शरीर में कहीं से भी अचानक खून बहने लगना इत्यादि है. हेमोरेजिक डेंगू फीवर की स्थिति में मरीज को तुरंत अस्पतालान पहुंचाना चाहिए.

डेंगू क्यों है खतरनाक 

दरअसल डेंगू बुखार कई बार अन्य बुखार के लक्षण के साथ रहता है. इससे डेंगू फीवर का समय पर इलाज नहीं हो पाता है. कई बार डेंगू बुखार के लक्षण जीका, चिकनगुनिया और जापानी बुखार जैसे होते हैं. ऐसे में गलत इलाज की भी संभावना बहुत होती है. ऐसे में डेंगू बुखार को लेकर सतर्कता के साथ जल्द से जल्द डेंगू का टेस्ट कराना चाहिए.

कैसे करें डेंगू से बचाव 

किसी भी बीमारी का इलाज करने से बेहतर उससे बचाव होता है. अगर इंसान डेंगू के मच्छर से खुद को बचा सकता है, तो इससे बेहतर कुछ भी नहीं हो सकता है. किसी भी तरह के मच्छर से खुद को बचाने के लिए घर के आस-पास सफाई के साथ मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए. घर के अंदर भी फुल कपड़े पहनें. शरीर में खुले हुए भाग के लिए मच्छर वाली क्रीम भी लगा सकते हैं. घर में मच्छर न रहें इसका पूर ख्याल रखें.

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