... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: akhilesh dwivedi | Updated : August 5, 2019 1:42 PM IST
बारिश का मौसम और मच्छर का प्रकोप भारत में कुछ ज्यादा ही रहता है. डेंगू का बुखार इस मौसम में सबसे ज्यादा होता है. बारिश के मौसम में इम्यूनिटी भी कमजोर होती है. डेंगू के लक्षण के बारे में जानकारी आपको कमजोर होने या खतरनाक स्थिति में पहुंचने से बचाती है. डेंगू को हड्डी तोड़ बुखार (Dengue Breakbone Fever) के नाम से भी जाना जाता है. ज्यादातर लोग डेंगू की बीमारी के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं. इसकी वजह से मरीज को बहुत देर में इलाज मिलता है. कुछ बातें समाज में स्थापित हो जाती हैं.
इसी तरह यह बात भी कुछ लोगों के मन में स्थापित हो चुकी है कि एक बार अगर किसी को डेंगू हो गया है तो उसे फिर दोबारा डेंगू बुखार नहीं होता है. अब अगर डेंगू हड्डी तोड़ बुखार (Dengue Breakbone Fever) है तो इसके बारे में सही जानकारी भी जरूरी है. आइए जानते हैं डेंगू के बारे में कुछ विशेष जानकारी....
एक बार किसी को डेंगू वायरस का इंफेक्शन हो जाए तो उसे ठीक होने में समय लगता है. डेंगू वायरस के इलाज में मरीज को कुछ समय के लिए डेंगू वायरस के प्रति प्रतिरोधक क्षमता भी मिल जाती है. लेकिन इसके बारे में जब डॉक्टर से बात की गयी तो उनका मानना है कि ऐसी कोई मेडिकल रिपोर्ट देखने को नहीं मिली कि एक बार के बाद दोबारा डेंगू नहीं होता है. कई मरीजों को कुछ समय बाद दोबारा भी डेंगू बुखार होता है.
वैसे भी डेंगू के वायरस 4 प्रकार के होते हैं. अगर अलग-अलग प्रकार के वायरस का संक्रमण हो तो भी कम से कम एक ही मरीज को चार तरह का डेंगू चार बार हो सकता है. कई बार एक ही तरह का वायरस दोबारा भी प्रभावित कर सकता है.
डेंगू का वायरस खतरनाक होता है. डेंगू होने के बाद शरीर बहुत कमजोर हो जाता है. अगर दवा के तौर पर देखा जाए तो डेंगू की कोई खास दवा नहीं है. इसका इलाज इसके लक्षणों को कंट्रोल करके किया जाता है. डेंगू से बचने का सबसे अच्छा उपचार यही है कि मच्छरों से बचकर रहें. इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि डेंगू एक हड्डी तोड़ बुखार (Dengue Breakbone Fever) है.
डेंगू वायरस से बचने के लिए मच्छरों को पनपने से रोकें.
घर के अंदर भी कपड़े पहनकर रहें.
मच्छर भगाने की भी पूरी व्यवस्था रखें.
बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवा लें.
बुखार में केवल पैरासिटामॉल का ही सेवन करें.
डेंगू होने पर प्राकृतिक तरीकों से करें इलाज, जल्द मिलेगा आराम.
डेंगू और चिकनगुनिया में कैसे करें अंतर, जानें पहचान के लक्षण.