बांग्लादेश में डेंगू के प्रकोप से 40 की मौत, बचना है डेंगू से तो यूं करें उपचार

एक आधिकारिक आकंड़ों के अनुसार, 51,476 मामले इस साल दर्ज किए गए, जिनमें से 33,015 मामले अगस्त के शुरुआती 17 दिनों के भीतर आए, जबकि 16,253 मामले जुलाई में सामने आए। विभाग ने कहा कि इसके चलते 40 मौते हुई हैं। इनमें से राष्ट्रीय राजधानी ढाका में अकेले 39 मौते हुई हैं।

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Written By: Anshumala | Published : August 19, 2019 1:16 PM IST

बांग्लादेश में डेंगू का प्रकोप जारी है, जिसके चलते इस साल जनवरी से अभी तक 50 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। एफे न्यूज के अनुसार, अधिकारियों ने शनिवार को इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि डेंगू के चलते अभी तक कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई है। डेंगू के रोगियों की वृद्धि को रोकने के लिए बांग्लादेश संघर्ष कर रहा है। यहां सामने आए और दर्ज किए गए मामलों की संख्या किसी भी अन्य वर्ष की तुलना में पांच गुना अधिक है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार

डेंगू मच्छर जनित वायरल संक्रमण है। इसके कारण फ्लू जैसी बीमारियां होती हैं। बारिश के दिनों में यह मच्छर अधिक सक्रिय हो जाता है। सिर, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द और शरीर पर चकत्ते पड़ना इसके मुख्य लक्षण हैं। एक आधिकारिक आकंड़ों के अनुसार, 51,476 मामले इस साल दर्ज किए गए, जिनमें से 33,015 मामले अगस्त के शुरुआती 17 दिनों के भीतर आए, जबकि 16,253 मामले जुलाई में सामने आए। विभाग ने कहा कि इसके चलते 40 मौते हुई हैं। इनमें से राष्ट्रीय राजधानी ढाका में अकेले 39 मौते हुई हैं।

डेंगू बुखार के लक्षण

तेज बुखार होना, जिसमें ठंड भी लगती है।

मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द।

सिरदर्द होना।

कमजो़री महसूस होना।

भूख कम लगना।

गले में दर्द होना।

शरीर पर रैशेज निकल आना।

डेंगू बुखार दो से चार दिनों तक रहता है।

डेंगू बुखार का उपचार

डेंगू वायरल संक्रमण है, जो एक से दो सप्ताह में ठीक हो जाती है।

बीमारी का इलाज इससे होने वाली समस्या‍ओं को कम करके ही किया जा सकता है।

सामान्य बुखार की स्थिति में पैरासिटामोल दिया जा सकता है।

दिल को भी प्रभावित करता है डेंगू

क्या आप जानते हैं कि डेंगू से पीड़ित मरीज के दिल पर भी नकारात्मक असर होता है? जी हां, प्लेटलेट्स की संख्या कम होने से सबसे पहले दिल की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है। प्लेटलेट्स की संख्या 45000 से नीचे चली जाए तो दिल की कार्यप्रणाली पर गहरा असर हो सकता है। तुरंत इस स्थिति पर ध्यान नहीं दिया जाए, तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। दिल के इर्द-गिर्द तरल पदार्थ जमा होने से दिल की मांसपेशियों की कमजोरी और रक्त धमनियों में रिसाव जैसी गंभीर समस्याएं डेंगू की वजह से हो सकती हैं। ऐसी समस्या या लक्षण किसी भी पीड़ित में नजर आए, तो उन्हें तुरंत हृदय रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

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