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सोने की टाइमिंग रखेंगे फिक्स तो कम होगा इस बीमारी का खतरा

अगर आपको भी नींद न आने जैसी कोई समस्या है तो आपको आपनी लाइफस्टाइल में आवश्यक बदलाव करना चाहिए।

बदलते परिवेश और वर्किग कल्चर के कारण आज के दौर में नींद का कम आना सबसे बड़ी समस्या है। आज कल का लाइफ स्टाइल भी कुछ ऐसा हो गया है कि इंसान को ठीक से नींद आती नहीं है। ठीक से नींद न आने के कारण हेल्थ की कई समस्याएं और बीमारी इंसान को परेशान करने लगती हैं। इसमें से सबसे खतरनाक बीमारी डिमेंशिया होती है। अगर आपको भी नींद न आने जैसी कोई समस्या है तो आपको आपनी लाइफस्टाइल में आवश्यक बदलाव करना चाहिए। लंबे व हेल्दी जीवन के लिए भरपूर नींद सबसे जरूरी है।

हाल ही में आए एक रिसर्च में यह पाया गया है कि यदि आप सोने का समय निश्चित रखते हैं तो आप अच्छी नींद के साथ ही साथ डिमेंशिया के खतरे से बच सकते हैं। रिसर्च में यह भी पाया गया कि यदि आप बेहतर नींद लेते हैं तो समयपूर्व मौत के खतरे को भी कम करते हैं।

यह रिसर्च जापान के 60 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों पर किया गया। रिसर्च में 1517 लोगों को शामिल किया गया। इस रिसर्च में 10 साल तक लोगों की दिनचर्या को फॉलो किया गया। रिसर्च के 10 सालों में पाया गया कि जो लोग 5 घंटे से कम की नींद लेते हैं उनमें डिमेंशिया का खतरा उनकी तुलना में ज्यादा होता हो जो 5 से अधिक या 10 घंटे की नींद लेते हैं।

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रिसर्च में यह भी एक तथ्य सामने आया कि जो लोग कम नींद लेते हैं लेकिन शारिरिक गतिविधियां ज्यादा होती हैं उनमें भी डिमेंशिया होने का खतरा कम होता है।

रिसर्च के लेखक बताते हैं कि "नींद न आने की समस्या शारिरिक गतिविधियों से जुड़ी हुई है, इसे ध्यान में रखते हुए रिसर्च से यह संकेत मिलता है कि न केवल उचित नींद और समय के प्रति सतर्कता, नींद की आदतों में आवश्यक बदलाव से बुजुर्गों में समयपूर्व मौत और डिमेंशिया के खतरे को कम करने के साथ ही साथ आवश्यक रणनीति भी बनायी जा सकती है।"

रिसर्च के निष्कर्ष जर्नल ऑफ द अमेरिकन गेरिटिक्स सोसायटी में प्रकाशित किए गए हैं।

स्रोत: ANI.

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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