Miscarriage: गर्भपात के इन कारणों को क्या आप जानती हैं..?

कई शोध बताते हैं कि पहले तीन महीने में होने वाले गर्भपात ज्यादातर जीन की समस्या की वजह से होते हैं. कई बार 3 महीने से अधिक वाले गर्भपात में भी जीन को ही मुख्य कारण माना जाता है. गर्भपात के बाद महिलाओं में मानसिक बीमारी या डिप्रेशन का खतरा भी रहता है. आंकड़ों के अनुसार 35 साल की अधिक उम्र की महिलाओं में गर्भपात का खतरा अधिक होता है.

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : January 10, 2020 6:26 PM IST

प्रेगनेंसी के बाद गर्भपात (Miscarriage) होना बहुत दुःख देेने वाला होता है. दुनियाभर में गर्भपात के मामले हाल के वर्षों में बढ़ा है. माता-पिता बनने वाले जोड़ों के लिए यह भावनात्मक तौर पर भी परेशान करने वाला होता है. विशेषतौर पर मां के लिए प्रेगनेंसी के बाद गर्भपात होना बहुत मुश्किल समय होता है. ज्यादातर मामलों में महिलाओं को गर्भपात की वजह माना जाता है. इस बारे में डॉक्टर्स ऐसा नहीं मानते हैं.

कई शोध बताते हैं कि पहले तीन महीने में होने वाले गर्भपात ज्यादातर जीन की समस्या की वजह से होते हैं. कई बार 3 महीने से अधिक वाले गर्भपात में भी जीन को ही मुख्य कारण माना जाता है. गर्भपात के बाद महिलाओं में मानसिक बीमारी या डिप्रेशन का खतरा भी रहता है. आंकड़ों के अनुसार 35 साल की अधिक उम्र की महिलाओं में गर्भपात का खतरा अधिक होता है.

गर्भपात के कुछ प्रमुख कारण (Miscarriage Causes) भी हैं. आइए जानते हैं गर्भपात के प्रमुख कारणों के बारे में...

थायराइड की वजह से गर्भपात | Thyroid disorders

हाइपोथायरायडिज्म की परेशानी होने पर भी गर्भपात का खतरा अधिक होता है. थायराइड हार्मोन जब उच्चतम स्तर पर होता है, तो गर्भपात का खतरा सबसे अधिक होता है. थायरायइड की बीमारी महिला में एस्ट्रोजन हार्मोन को प्रभावित करती है. इसकी वजह से भी गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है.

डायबिटीज और गर्भपात | Diabetes

जो महिला डायबिटीज की शिकार होती है उसमें भी गर्भपात का खतरा सबसे अधिक होता है. डायबिटीज की वजह से इंसुलिन का स्तर प्रभावित होता है जो गर्भपात का कारण बनता है.

गर्भपात से बचने के लिए क्या करें

इस मामले में डॉक्टर भी ज्यादा कुछ नहीं कर पाते हैं. लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि प्रेगनेंसी से पहले और प्रेगनेंसी के समय कुछ सावधानियों से गर्भपात से बचा जा सकता है. गर्भधारण करने से पहले सभी जरूरी टेस्ट करवा लेना चाहिए. प्रेगनेंसी के समय खान-पान और लाइफस्टाइल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है.

  • अगर आप प्रेगनेंसी के लिए तैयारी कर रही हैं तो धूम्रपान करना बंद कर दें.
  • गर्भावस्था से पहले पति और पत्नि दोनों को सिगरेट और अल्कोहल जैसे नशे को छोड़ देना चाहिए.
  • हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज के द्वारा आपको प्रेगनेंसी की तैयारी करनी चाहिए.
  • गर्भावस्था के समय संतुलित भोजन पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
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