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Written By: Anshumala | Updated : February 24, 2020 2:15 PM IST
The environment of using digital devices plays a vital role in the cause of CVS. It also includes insufficient lighting conditions and exposure to blue light emitted by screens, compounding the issue further, dim lights, lack of eye moisture, etc.
लगातार कंप्यूटर (Computer) पर काम करने से आज अधिकतर लोग कंप्यूटर विजन सिंड्रोम (Computer vision syndrome in hindi) से प्रभावित हो रहे हैं। यह आंखों से संबंधित एक समस्या है, जो मुख्य रूप से घंटों लैपटॉप व डेस्कटॉप पर काम करने, टीवी देखने, मोबाइल पर देर रात तक गेम खेलने से होता है। जानें, कंप्यूटर विजन सिंड्रोम का कारण, लक्षण और इलाज के बारे में यहां...
जब कोई व्यक्ति लगातार टीवी, मोबाइल, लैपटॉप आदि के स्क्रीन पर देखता है, वह भी बिना पलकें झपकाए, तो आपकी आंखों पर स्ट्रेन बढ़ता है। ऐसा हर दिन करने से वह भी तीन घंटे से अधिक ऐसा करते हैं, तो आप कंप्यूटर विजन सिंड्रोम से पीड़ित हो सकते हैं। बिना पलकें झपकाए काम करने से आंखों में पानी आना, जलन होना, आंखों का लाल होना जैसी समस्या शुरू हो जाती है। इसे नजरअंदाज करते रहने से ही आप सीवीएस (CVS) से ग्रस्त हो जाते हैं। ऐसे में बीच-बीच में काम से ब्रेक लें। ऐसा करने से आंखों को आराम मिलता है। कंप्यूटर स्क्रीन पर देखते हैं, तो बीच-बीच में पलकों को झपकाते रहें।
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आंखों का सूखाना।
आखों का लाल होना।
जलन होना।
साफ ना दिखाई देना, काम करने के बाद भी धुंधला दिखना।
लगातार सिर दर्द होना।
आंखों से पानी निकलना।
आंखों में दर्द रहना, कभी-कभी सूजन होना।
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ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण लगातार नजर आएं, तो डॉक्टर से संपर्क करें।
चश्मा लगाकर ही काम करें।
कंप्यूटर, टीवी, मोबाइल का इस्तेमाल अंधरे में ना करें।
डेस्कटॉप, लैपटॉप, मोबाइल को आंखों से सही दूरी पर रखें।
आंखों में ड्राइनेस महसूस हो, तो आई-ड्रॉप्स को इस्तेमाल करें।
कंप्यूटर पर काम करते हैं, तो ब्रेक लेते रहें।
आंखों को आराम देने के लिए आधे घंटे के गैप में आंखों को कंप्यूटर से हटा लें। एक-दो मिनट के लिए आंखें बंद करके बैठना भी सही होगा।